
मेरठ, 19 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक नर्स की हत्या का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। आरोप है कि नर्स के प्रेमी ने उससे शादी से बचने के लिए आईवी ड्रिप में जहरीला केमिकल डालकर उसकी हत्या कर दी और इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। पुलिस ने बताया कि इस हत्याकांड में नर्स के प्रेमी और उसके दोस्त को गिरफ्तार किया गया है।
कोतवाली के सर्कल ऑफिसर (सीओ) संग्राम सिंह ने बताया, "शनिवार दोपहर दो बजे लोहिया नगर पुलिस स्टेशन को डायल 112 के जरिए सूचना मिली कि एमसीसी हॉस्पिटल में काम करने वाली एक नर्सिंग स्टाफ सदस्य ने जहर खाकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली है। स्थानीय पुलिस, फोरेंसिक फोल्ड यूनिट और मैं तुरंत मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना किया। वहां से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। मृतका के परिवार वालों ने बताया कि उसकी शादी करीब ढाई साल पहले फफूंद में हुई थी। एक साल पहले उसके पति का निधन हो गया था।"
सीओ ने कहा, "परिजनों ने सुसाइड नोट में मृतका की राइटिंग न होने की बात कही। इसके बाद अस्पताल के सीसीटीवी खंगाले गए, जिसमें सहयोगी सुरेश और फरहान अंदर जाते हुए दिखाई दिए। कुछ देर बाद सुरेश ग्लब्स पहनकर कमरे से बाहर आता है। पुलिस ने सुरेश और फरहान को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। सुरेश ने बताया कि वह शादीशुदा है और उसका 5 साल का एक बेटा भी है। 7-8 महीने पहले मृतका से उसकी दोस्ती हो गई थी। नर्स उससे शादी का दबाव बना रही थी।"
सीओ ने बताया कि शनिवार को नर्स ने कमजोरी महसूस होने की बात कही। इस पर सुरेश और फरहान नर्स को ड्रिप चढ़ाने के लिए कमरे में ले गए। यहां ड्रिप के साथ रासायनिक पदार्थ मिलाकर नर्स को लगा दिया, जिससे नर्स की मौत हो गई। पुलिस और परिजनों को गुमराह करने के लिए आरोपी ने सुसाइड नोट लिखकर उसके पास में रख दिया।
वहीं, नर्स के देवर विक्की ने रविवार को मीडिया को बताया कि उनकी भाभी शनिवार सुबह घर से एमसीसी अस्पताल गई थीं, जहां उनको जहर खिला दिया गया। भाभी नर्स थीं और उनकी ड्यूटी ऑपरेशन थिएटर में रहती थी। भाभी की शादी ढाई साल पहले हुई थी और एक साल पहले उसके भाई की मौत हो गई थी। नर्स के जेठ रवि ने बताया कि उनके पास फोन आया कि भाभी ने अस्पताल में जहर खा लिया है। जब हम लोग अस्पताल पहुंचे तो भाभी की मौत हो चुकी थी। हमें जो सुसाइड नोट मिला, उसमें बहू की लिखावट नहीं थी। हत्या की असली वजह पुलिस ही बता पाएगी।
--आईएएनएस
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