यूपी के बाहुबली विधायक राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह ने मंगलवार को बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा- मुझे आर्म्स एक्ट के मुकदमे में फंसाने की तैयारी की जा रही है।
.
भानवी ने दोपहर 2 बजे X पर लिखा- पहले लखनऊ के हजरतगंज थाने में मेरे खिलाफ दो झूठी FIR दर्ज की गईं और चार्जशीट भी दाखिल कर दी गई। अब प्रतापगढ़ प्रशासन ने मुझे आर्म्स एक्ट के तहत नोटिस भेजा है। तीन दिन में हथियार जमा करने को कहा है।
उन्होंने कहा कि मेरे हथियार पति कुंवर रघुराज प्रताप सिंह के कब्जे में हैं। 2023 से लगातार अधिकारियों को इस बारे में जानकारी दे रही हूं। उन्होंने सवाल पूछा- कहीं मुकदमे में फंसाने की तैयारी तो नहीं हो रही है?
कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राज भैया और उनकी पत्नी भानवी सिंह के बीच केस चल रहा है। नवंबर, 2022 में उन्होंने दिल्ली की साकेत कोर्ट में तलाक के लिए अर्जी दायर की थी। उन्होंने क्रूरता के आधार पर तलाक मांगा था। तब से दोनों अलग-अलग हैं।
अब भानवी सिंह की पूरी बात पढ़िए…

‘FIR दर्ज हुई, मुझे मीडिया से पता चला’
भानवी ने दावा किया कि 2024 में हजरतगंज थाने में तत्कालीन SHO विक्रम सिंह के कार्यकाल के दौरान उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। इसमें उनकी संतान को भी शामिल किया गया था। उनका कहना है कि FIR की जानकारी उन्हें मीडियाकर्मियों से मिली।
उन्होंने पोस्ट में लिखा कि जब उन्होंने तत्कालीन DCP रवीना त्यागी से FIR के बारे में पूछा, तो उन्होंने जानकारी होने से इनकार किया। भानवी ने सवाल उठाया कि थाने में FIR दर्ज होने की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक क्यों नहीं पहुंची और इसके लिए जवाबदेही किसकी है?
भानवी का आरोप है कि उनके नाम से ऐसे बयान दर्ज किए गए, जो उन्होंने कभी दिए ही नहीं। उन्होंने कहा कि जांच अधिकारियों से FIR की स्थिति पूछने पर संतोषजनक जानकारी नहीं मिली। बाद में न्यायालय जाने पर उन्हें चार्जशीट दाखिल होने और आगे की जांच से जुड़ी जानकारी मिली।

‘हथियारों की बरामदगी के बजाय मुझे नोटिस’
भानवी सिंह ने अपनी पोस्ट में लाइसेंसी हथियारों को लेकर भी शिकायत की है। उनका दावा है कि 2023 से वह शिकायत कर रही हैं कि उनके नाम पर लाइसेंसी हथियार उनके पति के कब्जे में हैं। इसके बावजूद हथियारों की बरामदगी के बजाय प्रतापगढ़ प्रशासन ने उन्हें आर्म्स एक्ट के तहत नोटिस भेज दिया।
उन्होंने कहा कि उनका हथियारों, गोला-बारूद या किसी गैरकानूनी गतिविधि से कोई लेना-देना नहीं है। उनके मुताबिक, लाइसेंसी हथियार लंबे समय से उनके पास नहीं हैं और वह खुद उनकी बरामदगी के लिए शिकायतें कर रही हैं।

‘शिकायतों पर कार्रवाई के बजाय मुझसे सफाई क्यों?’
भानवी ने आरोप लगाया कि उनकी शिकायतों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें ही बार-बार सफाई देने की स्थिति में खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने नैनीताल, दिल्ली और यूपी पुलिस की कार्रवाइयों का जिक्र करते हुए मानसिक उत्पीड़न और बदले की कार्रवाई की आशंका जताई।
उन्होंने यूपी DGP, लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट, प्रतापगढ़ पुलिस, मुख्यमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय महिला आयोग और अन्य संबंधित संस्थाओं को टैग कर कार्रवाई की मांग की।
भानवी ने कहा कि वह केवल निष्पक्ष जांच, न्याय और कानून के अनुसार सम्मानजनक व्यवहार चाहती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अपनी सुरक्षा और न्याय की मांग करने पर उन्हें बार-बार सफाई क्यों देनी पड़ रही है।

भानवी सिंह को 3 दिन में हथियार सरेंडर करने का नोटिस
24 अक्टूबर को प्रतापगढ़ प्रशासन ने भानवी सिंह को तीन लाइसेंसी हथियारों में से एक जमा करने या सरेंडर करने का नोटिस दिया है। उन्हें तीन दिन में हथियार जमा करने की रसीद, बिक्री के दस्तावेज या तीन हथियार रखने की कानूनी अनुमति के सबूत देने को कहा है।
नोटिस के मुताबिक, भानवी के नाम एक रिवॉल्वर/पिस्टल, 12 बोर की गन और एक राइफल दर्ज है। प्रशासन ने 2020 के केंद्र और राज्य सरकार के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि तीसरा हथियार जमा करने का प्रमाण नहीं मिला है।
*******************
ये खबर भी पढ़ें…
यूपी की 11–नदियों में अब बिना रजिस्ट्रेशन नहीं चलेंगी नावें, कैबिनेट का फैसला

उत्तर प्रदेश में नाव हादसों पर रोक लगाने और यात्रियों की सुरक्षा के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में गंगा–यमुना, सरयू सहित 11 नदियों में चलने वाली सभी तरह की नावों और जहाजों का पंजीकरण अनिवार्य होगा। बिना इंजन वाली पारंपरिक नावों के रजिस्ट्रेशन के लिए 50 रुपए शुल्क तय किया गया है। पढ़िए पूरी खबर…