चंडीगढ़ जिला अदालत की तीसरी मंजिल पर कैंटीन चलाने वाले 57 वर्षीय राम मिलन यादव सोमवार को जहरीला पदार्थ निगल लिया। उन्हें गंभीर हालत में सेक्टर-32 स्थित सरकारी अस्पताल ले जाया गया था, जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। मृतक के बेटे अनिल यादव न
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फोन कर दी पिता के बेहोश होने की सूचना
मलोया कॉलोनी निवासी अनिल यादव के अनुसार, सोमवार को जिला अदालत में छुट्टी थी। उनके पिता मंगलवार को कैंटीन में बनने वाले खाने की तैयारी के लिए सोमवार दोपहर करीब 2 बजे अदालत परिसर पहुंचे थे। उस समय अनिल उनके साथ नहीं थे।
अनिल ने बताया कि कुछ देर बाद उनके पास जिला अदालत से एक वकील का फोन आया। फोन करने वाले ने बताया कि उनके पिता कैंटीन के बाहर बेहोशी की हालत में पड़े हैं। सूचना मिलते ही अनिल अदालत परिसर पहुंचे। इसके बाद वह अपने पिता को गाड़ी में लेकर सेक्टर-32 स्थित सरकारी अस्पताल पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने उनका उपचार शुरू किया, लेकिन शाम को उनकी मौत हो गई।
चाय को लेकर हुए विवाद
अनिल यादव ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि अस्पताल ले जाते समय उनके पिता ने उन्हें घटना के बारे में जानकारी दी थी। उनके अनुसार, अदालत परिसर में स्थित लाल टी स्टॉल से पवन चाय लेकर वकील एसपी बंसल के चैंबर में गए थे। वहां किसी गलतफहमी को लेकर वकील और चाय विक्रेता पवन के बीच बहस हो गई।
अनिल के मुताबिक, विवाद बढ़ता देख उनके पिता राम मिलन यादव बीच-बचाव करने और मामला शांत कराने के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान आरोप है कि वकील एसपी बंसल ने उनके पिता के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया।
पिता मानसिक रूप से आहत हुए
अनिल यादव ने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान उनके पिता के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी भी की गई। उनके अनुसार, इस घटना से राम मिलन यादव मानसिक रूप से आहत हुए। बेटे का दावा है कि इसके बाद उनके पिता ने कथित तौर पर दबाव में आकर कैंटीन के अंदर जहरीला पदार्थ निगल लिया।
हालांकि, घटना के कारणों और जहरीला पदार्थ निगलने की परिस्थितियों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल बेटे ने वकील पर आरोप लगाते हुए पुलिस से मामले की जांच करने की मांग की है।
सेक्टर-36 थाना पुलिस को दी शिकायत
घटना के बाद मृतक के बेटे ने सेक्टर-36 थाना पुलिस को शिकायत देकर मामले की जांच की मांग की है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों और घटना से जुड़े तथ्यों की जांच करेगी। राम मिलन यादव ने किन परिस्थितियों में जहरीला पदार्थ निगला और घटना से पहले उनके साथ क्या हुआ था, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।