सपा नेता मानसिंह यादव का ओपी राजभर पर हमला, कहा- रेडियो की तरह कभी भी बदल लेते हैं सुर
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सार
UP Politics SP vs BJP: सपा नेता मानसिंह यादव ने मंत्री ओमप्रकाश राजभर के बयानों पर पलटवार करते हुए उन्हें "रेडियो की तरह" बताया और सरकार से बेरोजगारी, महंगाई जैसे मुद्दों पर ध्यान देने की मांग की।

मानसिंह यादव और ओम प्रकाश राजभर ( सोर्स-सोशल मीडिया)
विस्तार
UP Mansingh Yadav Attack On Prakash Rajbhar: उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी का दौर जारी है। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर द्वारा यादव और मुस्लिम समुदाय को लेकर दिए गए हालिया बयानों के बाद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मानसिंह यादव ने उन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राजभर की राजनीतिक विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी स्थिति ऐसे रेडियो की तरह है, जिसे कभी भी किसी भी स्टेशन पर ट्यून किया जा सकता है। मानसिंह यादव ने कहा कि राजभर के बयानों को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है क्योंकि वे परिस्थितियों के अनुसार अपने विचार बदलते रहते हैं।
उन्होंने दावा किया कि हाल में न्यायालय की एक सूची ने सरकार के सामने कई सवाल खड़े किए हैं और यदि सभी राजनीतिक दलों के नेताओं का आपराधिक रिकॉर्ड सार्वजनिक किया जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ जाएगी। सपा नेता ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह बेरोजगारी, महंगाई, पेपर लीक और भ्रष्टाचार जैसे अहम मुद्दों से ध्यान हटाकर जातीय आधार पर राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता रोजगार, महंगाई और युवाओं के भविष्य जैसे विषयों पर समाधान चाहती है, जबकि राजनीतिक बहस को दूसरी दिशा में मोड़ा जा रहा है।
रेडियो ट्यून की तरह हैं मंत्री राजभर- मानसिंह
मानसिंह यादव ने कहा कि ओमप्रकाश राजभर के बयानों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि वे परिस्थितियों के अनुसार अपने विचार बदलते रहते हैं। उन्होंने बातचीत करते हुए कहा, मुझे नहीं लगता कि उनके बारे में बात करनी जरूरी है, क्योंकि जो व्यक्ति रेडियो की तरह हो, जिसमें आप कभी भी कोई भी स्टेशन ट्यून कर सकते हैं, वह एक स्वतंत्र व्यक्ति नहीं रह जाता। रेडियो की अपनी कोई मर्जी नहीं होती। आप उसे बीबीसी लंदन या बीबीसी भारती पर ट्यून कर सकते हैं।
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न्यायालय की सूची का किया जिक्र
सपा नेता ने दावा किया कि हाल ही में न्यायालय द्वारा जारी एक लिस्ट ने राज्य सरकार को आईना दिखाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि उस लिस्ट में योगी सरकार के कार्यकाल के दौरान विभिन्न मामलों में वांछित रहे कई ऐसे लोगों के नाम शामिल थे, जो सरकार के सजातीय समुदाय से संबंध रखते हैं।
राजनीतिक विश्वसनीयता पर सवाल
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या ओम प्रकाश राजभर ने वह लिस्ट नहीं देखी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि राजभर का उद्देश्य केवल समाजवादी पार्टी की छवि खराब करना है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार और उसके सहयोगी दलों में थोड़ा भी साहस है तो सभी राजनीतिक दलों और नेताओं के आपराधिक रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाएं, जिससे सच्चाई जनता के सामने आ जाएगी।
पेट्रोल डीजल के बढ़ते दामों और रोजगार पर घेरा
मानसिंह यादव ने कहा कि वर्तमान समय में प्रदेश और देश के सामने रोजगार, युवाओं के भविष्य और महंगाई जैसे गंभीर मुद्दे हैं, जिन पर सरकार को ध्यान देना चाहिए। प्रतियोगी परीक्षाओं के लगातार हो रहे पेपर लीक को रोकना मौजूदा सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए, लेकिन इन मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय जातीय आधार पर अपराध को राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है।
उन्होंने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि आम जनता महंगाई से परेशान है। साथ ही उन्होंने एथेनॉल के उपयोग को लेकर भी सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इस नीति के माध्यम से लोगों के साथ धोखा किया जा रहा है।
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जातीय राजनीति पर सरकार को घेरा
सपा नेता ने भ्रष्टाचार के मुद्दे का भी जिक्र करते हुए कहा कि सरकार और उसके सहयोगी नेताओं को भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और महंगाई जैसे जनसरोकार के विषयों पर चर्चा करनी चाहिए, न कि किसी विशेष जाति को निशाना बनाकर राजनीतिक बयानबाजी करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि समाज को बांटने वाली राजनीति से समस्याओं का समाधान नहीं होगा और इससे केवल सामाजिक तनाव बढ़ेगा। उन्होंने कहा, मेरा मानना है कि ओमप्रकाश राजभर की गिनती गंभीर लोगों में नहीं की जानी चाहिए। उन पर बात करना बहुत हल्कापन हो जाएगा।
