October 23, 2026

कांग्रेस: अरुणाचल में चीनी सेना से आमने-सामने की स्थिति पर सरकार पर हमला, कहा- पीएम की चुप्पी हैरान करने वाली

अरुणाचल प्रदेश में भारतीय और चीनी सेना के बीच कथित तौर पर कई जगहों पर आमने-सामने की स्थिति बनने को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर इस मामले में चुप्पी साधने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चीन को लेकर सरकार की ओर से लगातार रियायतें दी जा रही हैं, जबकि सीमा पर तनाव के मुद्दे पर प्रधानमंत्री और उनकी सरकार की ओर से कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।



ITBP के डीजी के बयान के बाद कांग्रेस ने उठाए सवाल


जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक मीडिया रिपोर्ट साझा की। इस रिपोर्ट में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर के हवाले से बताया गया कि पिछले कुछ दिनों में अरुणाचल प्रदेश में कई स्थानों पर भारतीय और चीनी सेना के बीच आमने-सामने की स्थिति बनी। रिपोर्ट के अनुसार, यह स्थिति अभी भी जारी है। इसी रिपोर्ट का हवाला देते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि ITBP के महानिदेशक ने हाल में चीनी सेना (PLA) के साथ हुई आमने-सामने की स्थितियों के दौरान भारतीय बलों के प्रदर्शन की सराहना की है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सीमा पर ऐसी स्थिति बनी हुई है, तो प्रधानमंत्री और उनके कार्यालय की ओर से इस पर चुप्पी क्यों है।

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पेट्रोलिंग पॉइंट और चीन की गतिविधियों पर भी सवाल


जयराम रमेश ने दावा किया कि अरुणाचल प्रदेश में तवांग क्षेत्र से जुड़े तक्सिंग में आमने-सामने की स्थिति के बाद पिछले महीने वाचा और दमाई में कोर कमांडर स्तर की बातचीत हुई थी। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों ने एक बार फिर गश्त वाले कुछ स्थानों तक पहुंच खोने की जानकारी दी है। उन्होंने इसकी तुलना लद्दाख में पहले सामने आए सीमा विवाद से की। कांग्रेस नेता ने चीन की ओर से अरुणाचल प्रदेश के स्थानों के नाम बदलने और वहां बड़े बांध के निर्माण का मुद्दा भी उठाया। उनका आरोप है कि चीन की गतिविधियां भारत की पर्यावरणीय सुरक्षा और जल सुरक्षा के लिए चिंता का विषय हैं। इन दावों और घटनाक्रमों को लेकर सरकार की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं थी।

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चीन के साथ बढ़ते व्यापार घाटे का मुद्दा उठाया


कांग्रेस ने चीन के साथ भारत के व्यापारिक संबंधों को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। जयराम रमेश के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा बढ़कर रिकॉर्ड 112 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष में यह 99 अरब डॉलर था। व्यापार घाटे का मतलब है कि भारत चीन से जितने मूल्य का सामान आयात करता है, उसकी तुलना में वहां कम मूल्य का सामान निर्यात करता है। कांग्रेस का कहना है कि चीन से बढ़ते आयात का भारतीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। रमेश ने आरोप लगाया कि सरकार की 'मेक इन इंडिया' पहल के बावजूद कई उद्योगों में चीन से आयात पर निर्भरता बनी हुई है। उन्होंने इसे भारत की आर्थिक सुरक्षा के लिए भी चिंता का विषय बताया।



2020 के बयान का हवाला देकर पीएम पर साधा निशाना


जयराम रमेश ने 19 जून 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान का भी जिक्र किया, जो गलवां घाटी में भारतीय सैनिकों की शहादत के बाद आया था। उन्होंने प्रधानमंत्री के बयान के उस हिस्से को दोहराया, जिसमें कहा गया था कि न तो कोई भारतीय सीमा में घुसा है और न ही किसी भारतीय चौकी पर दूसरे पक्ष का कब्जा है। कांग्रेस नेता का आरोप है कि चीन के साथ सीमा विवाद को लेकर सरकार के रुख का देश को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।



पूर्व सेना प्रमुख और ऑपरेशन सिंदूर का भी किया जिक्र


जयराम रमेश ने लद्दाख में चीन के साथ तनाव के दौरान सेना को मिले निर्देशों को लेकर पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि नरवणे ने अपने कार्यकाल के दौरान चीनी घुसपैठ की स्थिति में मिले निर्देशों के बारे में बताया था कि उन्हें कहा गया था कि जो उचित समझें, वह करें। इसके अलावा कांग्रेस नेता ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के सैन्य अभियान में चीन की भूमिका को लेकर उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह के सार्वजनिक बयान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बाद में पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने इस संबंध में अलग बात कही थी। उन्होंने जनरल चौहान के एक थिंक टैंक से जुड़ने को लेकर भी सवाल उठाए।



चीन नीति पर पहले भी आमने-सामने रहे हैं भाजपा-कांग्रेस


चीन के साथ सीमा विवाद और भारत की चीन नीति को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच पहले भी कई बार राजनीतिक टकराव हो चुका है। कांग्रेस लगातार मोदी सरकार पर चीन के साथ सीमा संबंधी मामलों को ठीक से नहीं संभालने का आरोप लगाती रही है। दूसरी ओर, भाजपा पहले कांग्रेस पर सेना का मनोबल गिराने का आरोप लगा चुकी है।