लखनऊ: चर्चित शिवा शर्मा संदिग्ध मौत के मामले में मुख्य आरोपी और ₹50,000 की इनामी मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन तथा उनके ड्राइवर को उत्तर प्रदेश पुलिस नागपुर से ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ ले आई है। तीनों आरोपियों को राजधानी के हजरतगंज थाने लाया गया है, जहाँ आवश्यक विधिक प्रक्रिया और मेडिकल परीक्षण के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ करने की तैयारी में है।
यूपी एसटीएफ और नागपुर पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन
बीते 20 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश विशेष कार्य बल (STF) ने स्थानीय पुलिस की मदद से महाराष्ट्र के नागपुर से मॉडल श्रद्धा दुबे और उसके साथियों को धर दबोचा था। गिरफ्तारी के बाद नागपुर की स्थानीय अदालत ने यूपी पुलिस को आरोपियों की ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर दी थी, जिसके बाद पुलिस टीम उन्हें लेकर सड़क/वायु मार्ग से लखनऊ पहुँची।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मुख्य नामजद श्रद्धा दुबे के अलावा उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश उर्फ तनवीर शामिल हैं। वहीं, इस मामले में एक अन्य नामजद आरोपी आमिर की गिरफ्तारी को लेकर भी शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है, हालांकि पुलिस अधिकारियों ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की है।
क्या है पूरा मामला और क्या हैं गंभीर आरोप?
गत 9 अक्टूबर को लखनऊ के एक फ्लैट से संदिग्ध परिस्थितियों में नीचे गिरने के कारण कारोबारी शिवा शर्मा की दर्दनाक मौत हो गई थी। कथित तौर पर शिवा और श्रद्धा लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। इस tragic घटना के बाद से ही मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे अपने सहयोगियों के साथ लगातार फरार चल रही थी और अपनी लोकेशन बार-बार बदल रही थी। पुलिस से बचने के लिए उसके लगातार ठिकाने बदलने के कारण पुलिस ने पहले उस पर ₹25,000 और बाद में इनाम की राशि बढ़ाकर ₹50,000 का इनाम घोषित किया था।
घटना के बाद से सोशल मीडिया और मीडिया में कई ऑडियो क्लिप्स भी वायरल हुए हैं, जिनमें श्रद्धा द्वारा कथित तौर पर शिवा शर्मा को धमकाए जाने की बात सामने आई है। मृतक की माता रंजना शर्मा ने मॉडल श्रद्धा दुबे और उसके साथियों पर उनके बेटे की हत्या करने, उसे लगातार ब्लैकमेल करने और गंभीर मानसिक प्रताड़ना देने के कई संगीन आरोप लगाए हैं।
राजनीतिक हलचल और मीडिया कवरेज
इस पूरे प्रकरण के दौरान फरार होने के बावजूद श्रद्धा द्वारा मीडिया को बाइट दिए जाने और पुलिस की पकड़ से लंबे समय तक दूर रहने को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े हुए थे। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया देते हुए आरोपी के कुछ हाई-प्रोफाइल लोगों के साथ संपर्कों की ओर इशारा किया था। अब आरोपियों के लखनऊ पहुँचने के बाद इस मामले की परतें खुलने और कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।