गोरखपुर: शारदीय नवरात्र की नवमी तिथि पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर स्थित विश्व प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर में पारंपरिक अनुष्ठान के तहत मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना की और गोरक्षपीठ की प्राचीन परंपरा के अनुसार कन्या पूजन किया। इस दौरान उन्होंने नौ कुंवारी कन्याओं और बटुक भैरव के चरण धोए, उनके माथे पर तिलक लगाया और उन्हें चुनरी ओढ़ाकर सम्मानित किया। इसके बाद उन्होंने अपने हाथों से कन्याओं को भोजन परोसा तथा उपहार व दक्षिणा देकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
हर थाने में महिला सहायता केंद्र और 1090 हेल्पलाइन
कन्या पूजन के पावन अवसर पर महिलाओं की सुरक्षा और अधिकार के संबंध में बात करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मां भगवती को समर्पित हमारी भारतीय परंपराएं केवल कर्मकांड या पूजा-पाठ तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शासन और प्रशासन के व्यावहारिक कामकाज में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देती हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार का ‘मिशन शक्ति’ अभियान इसी दूरदर्शी सोच पर आधारित है, जिसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और उनके स्वावलंबन को सर्वोच्च प्राथमिकता देना है।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य सरकार ने महिलाओं की त्वरित सहायता के लिए प्रदेश के हर पुलिस थाने में महिला सहायता केंद्र और 1090 महिला हेल्पलाइन की व्यवस्था की है। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक थाने में एक अलग महिला कक्ष बनाया गया है, जहाँ महिला बीट पुलिस अधिकारी या सब-इंस्पेक्टर स्तर की महिला कर्मी पीड़िताओं की समस्याएं सुनती हैं और उनके समाधान में पूरी मदद करती हैं।
महानिशा पूजा और हवन में हुए शामिल
इससे पहले महाअष्टमी की रात्रि को मुख्यमंत्री योगी ने गोरखनाथ मंदिर के शक्तिपीठ में भव्य महानिशा पूजा और हवन किया। गोरक्षपीठ की पारंपरिक पद्धति के अनुसार वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दो घंटे से अधिक समय तक यह धार्मिक अनुष्ठान चला। मुख्यमंत्री के गर्भगृह में प्रवेश करते ही वैदिक मंत्रों और मां भगवती के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा।
अनुष्ठान के दौरान गौरी-गणेश, वरुण देव, पीठ और यंत्र पूजन के साथ-साथ मां दुर्गा की विधिवत आराधना की गई। इसके अलावा भगवान श्रीराम, माता सीता, भगवान कृष्ण, गोमाता, नवग्रह और अधिष्ठात्री देवी-देवताओं का षोडशोपचार पूजन संपन्न हुआ। महानिशा पूजा में शस्त्र पूजन, अर्धनारीश्वर, शिव-शक्ति, बटुक भैरव, काल भैरव और त्रिशूल पर्वत का भी पूजन किया गया। हवन के उपरांत शक्तिपीठ में उगे जौ के पौधों को काटकर मां दुर्गा से प्रदेश के समस्त नागरिकों के सुखमय और मंगलमय जीवन की प्रार्थना की गई।
नारीशक्ति पर मुख्यमंत्री का संदेश
अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर पावन पर्व की शुभकामनाएं देते हुए सीएम योगी ने लिखा, “सभी सिद्धियों, सुख-समृद्धि और मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाली मां सिद्धिदात्री के आशीर्वाद से उत्तर प्रदेश की नारीशक्ति अपने सामर्थ्य, संकल्प और आत्मविश्वास के बल पर प्रदेश की प्रगति एवं समृद्धि में निर्णायक भूमिका निभा रही है।”