October 17, 2026

'देश के लिए जीत दिलाने वाले रन बनाने पर गर्व है,' निक्की प्रसाद डेब्यू मैच में मैच जिताऊ प्रदर्शन से खुश

रायपुर, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। निकी प्रसाद ने अपने पहले अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में 39 रन की नाबाद पारी खेलते हुए भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। यह उनके लिए बेहद खास अहसास था। महिला टी20 सीरीज के पहले मैच में, जब भारत के शुरुआती बल्लेबाज जल्दी आउट हो गईं, तब निक्की प्रसाद और दीप्ति शर्मा ने टीम को मुश्किल से निकालते हुए 'विमेन इन ब्लू' को जिम्बाब्वे के खिलाफ चार विकेट से जीत दिलाई।

शुक्रवार को शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में, 115 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने सिर्फ 19 रनों पर 4 विकेट गंवा दिए थे। हालांकि, निक्की 39 रनों पर नाबाद रहीं और दीप्ति ने 49 रन बनाए। दोनों ने मिलकर 63 गेंदों पर 82 रनों की साझेदारी की, जिससे भारत ने 15.4 ओवरों में लक्ष्य हासिल कर लिया।

मैच के बाद निक्की ने कहा कि पहली बार भारत का प्रतिनिधित्व करना और एक विजयी बाउंड्री के साथ मैच खत्म करना, इस पल को और भी खास बनाता है।

बीसीसीआई की तरफ से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किए गए वीडियो में निकी ने कहा, "मुझे लगता है कि यह बहुत अच्छा अहसास है। भारत के लिए अपना पहला मैच खेलना बहुत गर्व की बात है। जीत दिलाने वाले रन बनाना तो एक अलग ही तरह का गर्व है।"

मुश्किल स्थिति में बल्लेबाजी करने आईं इस युवा खिलाड़ी ने बताया कि उन्होंने जल्दबाजी में रन बनाने के बजाय शांत रहने और साझेदारी बनाने पर ध्यान दिया। निक्की ने कहा, "मुझे लगता है कि मैं लंबे समय से ऐसी स्थितियों में खेलती रही हूं, इसलिए मैं अंदर से काफी शांत थी। मेरा बस यही लक्ष्य था कि दूसरी बल्लेबाज के साथ एक अच्छी साझेदारी बनाऊं, ताकि रन आसानी से बनते रहें। यही मेरी सोच थी।"

20 वर्षीय निक्की ने अपनी पारी को संवारने का श्रेय दीप्ति शर्मा के आक्रामक अंदाज को देते हुए कहा, "आपने (दीप्ति) इस पारी में बहुत अच्छा खेला। आपको देखकर मुझे लगा कि मैं भी 2-3 बाउंड्री मारने का जोखिम उठा सकती हूं। हमारी इस साझेदारी के दौरान आप काफी आक्रामक होकर खेल रही थीं। इससे मुझे क्रीज पर टिके रहने का काफी आत्मविश्वास मिला।"

निकी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की चुनौतियों के लिए खुद को तैयार करने में विमेंस प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) और अन्य घरेलू टूर्नामेंट्स की भूमिका को भी स्वीकार करते हुए कहा, "डब्ल्यूपीएल और अन्य बड़े मंचों पर खेलने से मुझे बहुत मदद मिली है। ऐसा इसलिए है क्योंकि मैं पहले भी दबाव वाली स्थितियों में खेल चुकी हूं और अपनी गलतियों से सीख चुकी हूं। इसलिए, यहां आने पर मुझे उतना दबाव महसूस नहीं होता, जिसका श्रेय डब्ल्यूपीएल और बीसीसीआई की तरफ से आयोजित अन्य टूर्नामेंट्स को जाता है। पिछले 2 वर्षों में मुझे एक बहुत अच्छा मंच मिला है।"

--आईएएनएस

आरएसजी

Share this story