October 17, 2026

यूपी चुनाव: वोटर लिस्ट को लेकर सियासी निगरानी तेज, कैसे काम कर रहे अखिलेश के समाजवादी प्रहरी?

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले मतदाता सूची को लेकर सियासी निगरानी तेज हो गई है. विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद चुनाव आयोग प्रदेशभर में विशेष मतदाता पंजीकरण शिविर लगा रहा है, जिसके तहत आज यानी 17 अक्टूबर को शिविर लगे और 24 अक्टूबर को भी पूरे प्रदेश में शिविर लगाए जाएंगे. इन शिविरों का मकसद मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से छूटे पात्र नागरिकों और पहली बार वोट देने वाले युवाओं को सूची में शामिल करना है.

इस बीच समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने पार्टी के बूथ प्रभारियों और PDA प्रहरियों से अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है. उन्होंने फर्जी वोटरों के नाम जुड़ने से रोकने और पात्र मतदाताओं का नाम सूची में शामिल कराने पर जोर दिया है.

अखिलेश ने PDA प्रहरियों को सक्रिय रहने के दिए निर्देश

मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर अखिलेश यादव पहले भी चुनाव आयोग पर सवाल उठा चुके हैं. अब विशेष मतदाता पंजीकरण अभियान के दौरान सपा ने अपने कार्यकर्ताओं को मतदाता सूची पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी है. अखिलेश यादव ने कहा है कि बूथ प्रभारी और PDA प्रहरी अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें. साथ ही यह सुनिश्चित करें कि किसी भी बूथ पर फर्जी वोटर का नाम न जुड़े और सभी पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल होने का मौका मिले.

लखनऊ के पोलिंग स्टेशन पहुंचे सपा नेता

अभियान के पहले दिन समाजवादी पार्टी के नेता दीपक रंजन लखनऊ के ब्राइटवे पोलिंग स्टेशन पहुंचे. उन्होंने बताया कि वह अखिलेश यादव के निर्देश पर यहां आए हैं. उनका कहना है कि अभियान के दौरान यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि केवल पात्र मतदाताओं के नाम ही सूची में जोड़े जाएं और किसी भी तरह का फर्जी नाम शामिल न हो. उन्होंने इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने की बात कही.

सुबह से आए 15-16 फॉर्म 6

ब्राइटवे पोलिंग स्टेशन पर मौजूद बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के मुताबिक, शनिवार सुबह से उनके पास नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म 6 के 15 से 16 आवेदन आ चुके थे. इसके अलावा कई लोगों ने ऑनलाइन माध्यम से भी आवेदन किया है. फॉर्म 6 का इस्तेमाल मतदाता सूची में नया नाम दर्ज कराने के लिए किया जाता है.

SIR और विशेष पंजीकरण शिविर में क्या है अंतर?

BLO के मुताबिक, विशेष मतदाता पंजीकरण शिविर और SIR की प्रक्रिया में एक बड़ा अंतर यह है कि इस शिविर के दौरान फॉर्म 6 भरने वाले आवेदकों को वर्ष 2003 की मतदाता सूची का विवरण देने की जरूरत नहीं होगी.

इसके अलावा, जन्मतिथि से जुड़े दस्तावेजों के मामले में आधार को भी एक विकल्प के तौर पर शामिल किए जाने की जानकारी दी गई. पहले जन्मतिथि के प्रमाण के लिए हाईस्कूल की मार्कशीट या जन्म प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेजों की जरूरत पड़ती थी.

पंकज चतुर्वेदी

पंकज चतुर्वेदी

पंकज चतुर्वेदी को पत्रकारतिा के क्षेत्र में एक दशक से ज्यादा का अनुभव है. देश और उत्तरप्रदेश की राजनीति को कवर करते आ रहे हैं. दिल्ली में अमर उजाला और पंजाब केसरी से पत्रकारिता की यात्रा की शुरुआत हुई.  दिल्ली में 2 साल की पत्रकारिता के बाद मिट्टी की खुशबू यूपी खींच लाई और तब से राजधानी लखनऊ में ही पत्रकारिता हो रही है. 2017 में यात्रा को विस्तार देते हुए इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े. राजनीतिक खबरों में गहरी रुचि और अंदर की खबर को बाहर लाने का हुनर, साथ ही यूपी की ब्यूरोकेसी में खास पकड़.  पत्रकारिता का फलसफा खबरों को खबर के रूप में ही जनता तक पहुंचाना.

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