July 17, 2026

बद्रीनाथ मंदिर दान चोरी मामला: पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान गिरफ्तार

बद्रीनाथ मंदिर दान चोरी मामले में SIT ने पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान को गिरफ्तार किया है। CCTV फुटेज के आधार पर यह कार्रवाई हुई, जिसमें उन्हें कथित तौर पर नकदी जेब में रखते देखा गया था। मामले की जांच जारी है।

देहरादून (उत्तराखंड) [भारत], 17 जुलाई (ANI): बद्रीनाथ मंदिर दान चोरी के कथित मामले की जांच में तेजी आ गई है। विशेष जांच दल (SIT) ने शुक्रवार को चार घंटे की पूछताछ के बाद बद्रीनाथ मंदिर के पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। आगे की जांच के लिए चौहान को कल, 18 जुलाई को कोर्ट में पेश किया जाएगा। चौहान इस मामले के मुख्य संदिग्धों में से एक है और उससे जांच के दौरान मिले CCTV फुटेज के आधार पर पूछताछ की जा रही है।

CCTV फुटेज में कथित तौर पर 22 जून, 25 जून और 29 जून को चौहान को नकदी के बंडल उठाते और अपनी जेब में रखते हुए देखा गया, जिसके बाद SIT ने उसे पूछताछ के लिए तलब किया था। SIT बद्रीनाथ मंदिर से दान के पैसे की कथित चोरी की जांच के तहत फुटेज और अन्य सबूतों की जांच कर रही है।

SIT को मिली जांच रिपोर्ट, नए संदिग्धों की हुई पहचान

उत्तराखंड पुलिस ने गुरुवार को बताया कि यह कदम तब उठाया गया जब बद्रीनाथ मंदिर में दान की कथित चोरी की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) को बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) द्वारा तैयार की गई 18 पन्नों की आंतरिक जांच रिपोर्ट मिल गई, जबकि नए CCTV फुटेज से SIT को मामले में और भी संदिग्धों की पहचान करने में मदद मिली है। उत्तराखंड पुलिस के अनुसार, BKTC ने मंदिर दान की कथित चोरी की चल रही जांच के तहत अपनी 18 पन्नों की आंतरिक जांच रिपोर्ट SIT को सौंप दी है।

पुलिस ने पहले बताया था कि SIT ने 29 जून और 2 जुलाई के CCTV फुटेज को पूरी तरह से रिकवर कर लिया है, जिसकी जांच की जानी थी। SIT ने 22 जून और 25 जून के CCTV फुटेज भी बरामद किए थे, जिनका जांच के तहत पहले ही विश्लेषण किया जा चुका है। 14 जुलाई को, बद्रीनाथ मंदिर में दान की कथित चोरी की जांच के लिए गठित एक समिति ने बद्रीनाथ धाम का दौरा किया और दान को संभालने और ट्रांसपोर्ट करने की प्रक्रिया और गिनती कक्ष के भीतर की व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

निगरानी में चूक की जांच, CEO और PA से भी पूछताछ

इस बीच, बद्रीनाथ दान चोरी मामले की जांच कर रही SIT ने निगरानी में हुई चूकों की जांच के लिए मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सोहन सिंह रंगड़ और उनके निजी सहायक अतुल डिमरी से पूछताछ की। साथ ही, जांचकर्ताओं ने मंदिर के CCTV कंट्रोल रूम में बैठकर ऑपरेशनल लॉग की व्यवस्थित रूप से समीक्षा की और यह पता लगाया कि दैनिक दान को कैसे संभाला जाता है। (ANI)

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