October 16, 2026

Biharsharif News : सिपाही की मौत: तस्करों की नहीं, साथी की गोली से हुई

Biharsharif News : नालंदा में उत्पाद विभाग के सिपाही अजीत कुमार की मौत का मामला दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है. जिस घटना को शराब तस्करों की गोलीबारी बताया गया था, प्रारंभिक जांच में उसकी कहानी झूठी निकली. यही नहीं, मामला अब आपसी संबंधों की ओर मुड़ता हुआ भी दिख रहा है. नालंदा एसपी हृदय कांत ने आज बिहारशरीफ में प्रेस वार्ता कर घटना से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों की जानकारी दी.

पुलिस जांच के अनुसार, शराब तस्करों का पीछा करने के दौरान साथी होमगार्ड जवान की राइफल से चली गोली अजीत कुमार के सिर में लगी थी, जिससे उनकी मौत हो गई. आरोप है कि घटना के बाद तस्करों की गोलीबारी में सिपाही के घायल होने की मनगढ़ंत कहानी बनाकर अधिकारियों को गुमराह करने और साक्ष्य मिटाने की कोशिश की गई. मामले में महिला दरोगा पुष्पा कुमारी, दो होमगार्ड जवान, एक अन्य सिपाही अनूप और वाहन चालक समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

महिला दारोगा से मृतक की दोस्ती की चर्चा

मामले में यह बात सामने आई है कि महिला दारोगा और मृतक सिपाही के बीच दोस्ती थी. साथ ही जिस होमगार्ड जवान की राइफल से गोली चली, उसकी भी महिला दारोगा से दोस्ती थी. चर्चा है कि क्या यह आपसी संबंधों के चलते की गई सुनियोजित हत्या है? हालांकि इन चर्चाओं पर एसपी ने कहा कि फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं हुई है. उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.

सिपाही अजीत कुमार की फाइल तस्वीर
सिपाही अजीत कुमार की फाइल तस्वीर

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भागती गाड़ी रोकने के लिए की गई थी फायरिंग

पुलिस अधीक्षक हृदय कांत ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि 14 अक्टूबर की रात करीब साढ़े दस बजे उत्पाद विभाग की टीम शराब लदी पिकअप वैन का पीछा कर रही थी. टीम में स्थानीय जिला पुलिस शामिल नहीं थी. गाड़ियों की दौड़ के दौरान सबसे आगे तस्करों की पिकअप वैन, उसके पीछे सिपाही अजीत कुमार के सवार होने की बात बताई गई काली स्कॉर्पियो और सबसे पीछे महिला दरोगा पुष्पा कुमारी की गाड़ी चल रही थी.

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इसी दौरान भागती गाड़ी को रोकने के लिए एक होमगार्ड जवान ने अपनी राइफल से गोली चलाई. गोली तस्करों की गाड़ी में लगने के बजाय आगे चल रही दूसरी गाड़ी में जा लगी. इससे अजीत कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए.

घटना के बाद भी अधिकारियों से छिपाई गई सच्चाई

गोली लगने के बाद अजीत कुमार को पावापुरी स्थित विम्स में भर्ती कराया गया, जहां से गंभीर हालत में उन्हें पटना रेफर कर दिया गया. आरोप है कि टीम ने तत्काल स्थानीय थाने और वरीय अधिकारियों को घटना की सूचना नहीं दी. जिले की सीमा से बाहर निकलने के बाद तस्करों की गोलीबारी में सिपाही के घायल होने की जानकारी दी गई.

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सुबह तक इसी कहानी के आधार पर अधिकारियों को घटना की जानकारी दी जाती रही. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि घटना के वास्तविक कारण को छिपाने की कोशिश क्यों की गई और अधिकारियों को गुमराह करने में किसकी क्या भूमिका थी.

पटना से बरामद हुई गोली लगी गाड़ी

एसपी के नेतृत्व में गठित विशेष जांच दल ने टीम के सदस्यों से अलग-अलग पूछताछ की. इस दौरान उनके बयानों में विरोधाभास सामने आया. जांच में यह बात भी सामने आई कि गोली लगी गाड़ी को नालंदा पुलिस को सौंपने के बजाय पटना ले जाया गया था.

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पुलिस ने पटना से गाड़ी बरामद की, जिसमें गोली लगने के निशान मिले. इसके अलावा होमगार्ड जवान की सरकारी राइफल भी जब्त कर ली गई है. पुलिस बरामद साक्ष्यों और आरोपितों के बयानों के आधार पर मामले की जांच कर रही है.

छापेमारी के नियमों की भी हो रही जांच

उत्पाद अधीक्षक संजय कुमार चौधरी ने बताया कि छापेमारी से पहले स्थानीय थाने और वरीय अधिकारियों को सूचना नहीं दी गई थी. अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि सक्षम पदाधिकारी के बिना कार्रवाई क्यों की गई, फायरिंग का निर्देश किन परिस्थितियों में दिया गया और घटना के बाद सच्चाई छिपाने की कोशिश क्यों हुई. शराब लदी पिकअप वैन और शराब तस्करी के नेटवर्क का पता लगाने के लिए भी जांच जारी है.

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