
अग्निवीर (सांकेतिक तस्वीर)
Agniveer Bharti: अग्निपथ सेवा योजना के तहत भारतीय सेना बलों में 4 साल के लिए भर्ती हुए अग्निवीरों का पहला बैच रिटायर्ड होने वाला है, जिसके तहत भर्ती हुए कुल कैंडिडेट्स में से 75 फीसदी कैंडिडेट्स को सेवामुक्त किया जाना है. तो वहीं 25 फीसदी कैंडिडेट्स को स्थाई किया जाना है. ऐसे में लंबे समय से रिटायर्ड होने वाले अग्निवीरों को दोबारा नौकरी के अवसर उपलब्ध कराने के प्रयास जारी हैं. इसी कड़ी में अर्धसैनिक बलों समेत कई राज्य सरकारों ने अपनी-अपनी भर्तियों में रिटायर्ड होने वाले अग्निवीरों के लिए आरक्षण की व्यवस्था की गई है तो कई तरह की छूट देने की घोषणा भी की हुई है. इस बीच अब रिटायर्ड होने वाले अग्निवीरों को राज्य सरकारों की तरफ से सीधी नियुक्ति देने की कवायद भी होती दिखाई दे रही है. इस संबंध में उत्तराखंड सरकार ने शुक्रवार को घोषणा की है.
आइए, पूरा मामला विस्तार से जानते हैं. जानते हैं कि उत्तराखंड सरकार की तरफ से रिटायर्ड अग्निवीरों को भर्ती किए जाने का मामला क्या है. क्याें कहा जा रहा है कि राज्य सरकारें रिटायर्ड अग्निवीरों को सीधे नियुक्ति भी देने की तैयारी कर रही हैं.
2 रिटायर्ड अग्निवीरों को PAC में सीधी समायोजित करेगी उत्तराखंड सरकार
रिटायर्ड अग्निवीरों को सीधे नियुक्त करने का मामला उत्तराखंड से सामने आया है. इस संंबंध की घोषणा शुक्रवार को उत्तराखंड सरकार की तरफ से की गई है, जिसके तहत 2 रिटायर्ड अग्निवीरों को 40वीं वाहिनी पीएसी में उपलब्ध रिक्त पदों के सापेक्ष समायोजित किया जाएगा. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस संबंध के प्रस्ताव को अनुमोदन प्रदान किया है.
केंद्र सरकार की अपेक्षा पर नियुक्ति, संयुक्त सचिव ने लिखा था पत्र
उत्तराखंड सरकार ने बयान जारी कर रहा है कि केंद्र सरकार के संयुक्त सचिव की तरफ से इस संबंध में पत्र प्रेषित किया गया था. जिसमें रिटायर्ड होने जा रहे अग्निवीरों केसमायोजन की अपेक्षा की गई थी. इसी कड़ी मेंमुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव पर सहमति प्रदान करते हुए 40वीं वाहिनी पीएसी में उपलब्ध रिक्त पदों के सापेक्ष दो अग्निवीरों के समायोजन को मंजूरी दी है.
21 नवंबर को पहला बैच बाहर आएगा, तीनों सेनाएं रिटेंशन रेट बढ़ाना चाहती हैं
21 नवंबर 2026 को इंडियन नेवी से अग्निवीर का पहला बैच बाहर आएगा. यानी कि पहले बैच में भर्ती हुए 75 फीसदी कैंडिडेट्स की सेवाएं समाप्त हो जाएंगी. तो वहीं 25 फीसदी कैंडिडेट्स को स्थाई किया जाएगा. हालांकि तीनों सेनाएं अग्निवीरों को स्थाई करने का रिटेंशन रेट बढ़ाने पर विचार कर रही हैं, जिसके तहत तीनों सेनाओं की तरफ से पहला बैच बाहर आने के बाद प्रस्ताव सरकार को भेजा जाना है.
CAPF व असम राइफल में 50 फीसदी रिजर्वेशन, टेस्ट में छूट
पूर्व अग्निवीरों को दोबारा सरकारी के अवसर देने के लिए BSF, CRPF, CISF, ITBP जैसे अर्धसैनिक बल यानी CAPF और असम राइफल्स में आरक्षण का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत CAPF व असम राइफल में कॉन्स्टेबल (जनरल ड्यूटी) और राइफलमैन के पदों पर 50 फीसदी आरक्षण देने का प्रावाधान किया है. इन सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए पूर्व-अग्निवीर नाम से नई कैटेगरी बनाई गई है.
PST, PET और लिखित परीक्षा से छूट
इसके साथ ही पूर्व अग्निवीरों को CAPF और असम राइफल भर्ती में फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट (Physical Standards Test, PST), फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (Physical Efficiency Test, PET) और लिखित परीक्षा से छूट दी जाएगी. ये छूट कॉन्स्टेबल (जनरल ड्यूटी) और राइफलमैन पदों के लिए है.
राज्यों में आरक्षण और आयु सीमा में छूट
वहीं कई राज्य सरकारें भी पूर्व अग्निवीरों को सरकारी नौकरी का अवसर देने के लिए कई तरह की घोषणाएं कर चुकी हैं, जिसके तहत सरकारी नौकरियों के विभिन्न पदों के लिए 10 से 20 फीसदी आरक्षित किए गए हैं. तो वहीं आयु सीमा में नियम में 5 से 3 साल की छूट मिलेगी. मतलब पूर्व अग्निवीर अभ्यर्थियों के पास सरकारी नौकरियों में आवेदन करने के लिए सामान्य अभ्यर्थियों से 3 साल का अधिक समय होगा. पहले बैच को 5 साल की छूट मिलेगी. यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश समेत कई राज्य ये घोषणा कर चुके हैं.

मनोज भट्ट
पत्रकारिता में एक दशक से अधिक समय से सक्रिय. नवोदय टाइम्स, दैनिक जागरण, हिंदुस्तान में लंबे समय तक फील्ड रिपोर्टिंग. कई मुद्दों व खबरों को लीड किया, जो चर्चा में रही. अभी तक पंचायत, कृषि, प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा, राजनीति, पर्यावरण, स्वास्थ्य, चुनाव, बिजनेस से जुड़े विषयों पर काम किया है और इनमें लेखन की दिलचस्पी है.
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