October 16, 2026

फिल्म ‘क्वीन’ और ‘क्वीन फुल पावर’ के बीच कोई समानता नहीं: उच्च न्यायालय | IBC24

मुंबई, 16 अक्टूबर (भाषा) मुंबई उच्च न्यायालय ने कंगना रनौत अभिनीत ‘क्वीन फुल पावर’ पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार करते हुए कहा है कि प्रथम दृष्टया, इसमें और 2014 में आई फिल्म ‘क्वीन’ के बीच कोई समानता नहीं है।

बारह साल पहले आई फिल्म ‘क्वीन’ में भी कंगना ही मुख्य अभिनेत्री थीं।

यह उल्लेख करते हुए कि दोनों फिल्मों की कहानियों, कथानक और विषयों में कोई समानता नहीं है, उच्च न्यायालय ने कहा कि आने वाली फिल्म 2014 की फिल्म का न तो ‘सीक्वल’ है और न ही ‘रीबूट’।

न्यायमूर्ति संदीप मार्ने की एकल पीठ ने बुधवार को पारित एक आदेश में कहा, ‘‘यह कहना ही काफी है कि दोनों फिल्मों के सारांश की तुलना करने पर उनकी कहानियों में कोई समानता या मेल नहीं दिखता है।’’

अदालत के आदेश की प्रति शुक्रवार को उपलब्ध कराई गई।

उच्च न्यायालय ने कहा, ‘‘दोनों फिल्मों की कहानियों, कथानकों और विषयों में आपस में कोई समानता नहीं है। फिल्म ‘क्वीन फुल पावर’, फिल्म ‘क्वीन’ की कहानी का सीधा विस्तार नहीं है, इसलिए यह कोई ‘सीक्वल’ नहीं है। साथ ही, यह फिल्म ‘क्वीन’ का प्रीक्वल, स्पिन-ऑफ या रीबूट भी नहीं है।’’

फैंटम स्टूडियोज ने जुलाई में जियोस्टार इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था और दावा किया था कि जब फिल्म ‘क्वीन’ बनी थी, तब उनके और जियोस्टार के बीच एक समझौता हुआ था कि भविष्य में अगर कोई ‘सीक्वल’ या ‘प्रीक्वल’ बनता है, तो उस पर दोनों पक्षों का पचास-पचास प्रतिशत अधिकार होगा।

इसने कहा कि उसने फिल्म के किसी भी ‘सीक्वल’, रूपांतरण या उससे प्रेरित कार्यों के लिए सहमति नहीं दी थी।

हालाँकि, जियोस्टार ने दावा किया कि प्रस्तावित फिल्म ‘क्वीन फुल पावर’ एक नयी फिल्म है, जो मौलिक और स्वतंत्र कहानी है।

फैंटम स्टूडियोज ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की थी और साथ ही 250 करोड़ रुपये के मुआवजे की भी मांग की थी।

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि प्रस्तावित फिल्म ‘क्वीन फुल पावर’ ‘किडनैपिंग और कॉमिक थ्रिलर’ है, जबकि 2014 की फिल्म ‘क्वीन’ मुख्य रूप से एक ‘रोमांटिक’ फिल्म थी।

इसने कहा कि कंगना रनौत को छोड़कर, प्रस्तावित फिल्म ‘क्वीन फुल पावर’ के बाकी सभी मुख्य किरदार और कलाकार मुख्य रूप से मराठी फिल्म उद्योग से हैं।

अदालत ने वादी ‘फैंटम स्टूडियोज़’ के इस तर्क को भी मानने से इनकार कर दिया कि चूंकि प्रस्तावित फिल्म में ‘क्वीन’ शब्द का इस्तेमाल किया गया है, इसलिए दर्शकों के मन में भ्रम पैदा होगा।

न्यायमूर्ति मार्ने ने कहा कि ‘क्वीन’ शब्द का इस्तेमाल कई फिल्मों के शीर्षक में किया गया है, इसलिए इसके किसी तरह की विशिष्टता हासिल करने का सवाल ही नहीं उठता।

अदालत ने कहा कि जियोस्टार ने कभी ऐसा नहीं कहा कि उसके द्वारा 2014 की फिल्म का ‘प्रीक्वल’ या ‘सीक्वल’ बनाया जा रहा है।

भाषा नेत्रपाल नरेश

नरेश

Web Title: फिल्म ‘क्वीन’ और ‘क्वीन फुल पावर’ के बीच कोई समानता नहीं: उच्च न्यायालय