October 16, 2026

मेरठ सांप कांड: पति की हत्या कर शव पर छोड़ा सांप, रविता-अमरदीप को फांसी, जज ने याद दिलाई सावित्री की कहानी

मेरठ सांप कांड: पति की हत्या कर शव पर छोड़ा सांप, रविता-अमरदीप को फांसी, जज ने याद दिलाई सावित्री की कहानी

Time Published: Friday, October 16, 2026, 16:47 [IST]

Meerut Snake Murder Case: मेरठ के चर्चित अमित कश्यप हत्याकांड में अदालत ने रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को मौत की सजा सुनाई है। कोर्ट ने इस अपराध को 'दुर्लभतम से दुर्लभ' यानी रेयर ऑफ द रेयरेस्ट की श्रेणी में रखा। आरोप था कि दोनों ने अमित की हत्या करने के बाद उसकी मौत को सांप के काटने से हुई घटना दिखाने की साजिश रची थी। इसके लिए शव के पास सांप छोड़ दिया गया, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके।

शुक्रवार (16 अक्टूबर) को अतिरिक्त जिला जज न्यायालय संख्या-12 ने सजा पर सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया। इससे पहले 7 अक्टूबर को अदालत दोनों को दोषी ठहरा चुकी थी। सुनवाई के दौरान सरकारी वकीलों ने मृत्युदंड की मांग की, जबकि बचाव पक्ष ने कम सजा देने की अपील की। दोनों दोषियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया। सजा सुनाए जाने से पहले दोनों ने अपनी ओर से कुछ कहने से इनकार कर दिया।

Meerut Snake Murder Case

जज ने सावित्री का जिक्र क्यों किया?

फैसले के दौरान अदालत ने पत्नी के रिश्ते और जिम्मेदारी का जिक्र करते हुए कहा कि पत्नी पति की अर्धांगिनी होती है। इस टिप्पणी के साथ पौराणिक पात्र सावित्री का उदाहरण भी सामने आया। मान्यता के मुताबिक सावित्री ने अपने पति सत्यवान के प्राण बचाने के लिए यमराज का सामना किया था।

अदालत की टिप्पणी ने मामले को और चर्चा में ला दिया। कोर्ट ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए रविता और अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई। अमित की मां मुनेश देवी भी अदालत पहुंची थीं। उन्होंने दोनों के लिए मौत की सजा की मांग की थी। फैसला आने के बाद परिवार ने संतोष जताया।

12 अप्रैल 2025 की रात क्या हुआ था?

यह मामला मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव का है। 12 अप्रैल 2025 की रात अमित कश्यप अपने घर में मृत मिले थे। शुरुआती तौर पर शव के पास सांप मिलने से मौत को सर्पदंश से जोड़ने की कोशिश की गई। लेकिन जांच में कहानी बदल गई।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह सांप का काटना नहीं, बल्कि गला दबाने से दम घुटना बताई गई। इसके बाद पुलिस ने हत्या के मामले में रविता और अमरदीप को गिरफ्तार किया। अभियोजन पक्ष का आरोप था कि रविता और उसके पड़ोसी अमरदीप के बीच संबंध थे और इसी वजह से दोनों ने अमित को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।

गैर-जहरीले सांप से जांच भटकाने की कोशिश?

अभियोजन ने अदालत में दलील दी कि हत्या को प्राकृतिक मौत दिखाने के लिए अमित के शव के नीचे सांप छोड़ा गया था। सांप पकड़ने वाले विशेषज्ञों ने उसे गैर-जहरीला बताया था। अभियोजन के मुताबिक, इस कदम का मकसद पुलिस को भ्रमित करना और हत्या के सबूत छिपाना था।

जांच के दौरान कॉल रिकॉर्ड भी अहम बताए गए। अभियोजन के मुताबिक, हत्या वाली रात रविता और अमरदीप के बीच 50 से ज्यादा बार फोन पर बातचीत हुई थी। अमरदीप को उस रात घर से बाहर जाते देखे जाने की बात भी अदालत में रखी गई।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुला हत्या का खौफनाक राज

शव के पास सांप मिलने के बाद भी पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जो खुलासा हुआ, उसने सबको सन्न कर दिया। डॉक्टर की रिपोर्ट में साफ हुआ कि अमित की मौत सांप के डसने से नहीं, बल्कि गला घुटने यानी दम घुटने से हुई थी।

इसके अलावा, सांप पकड़ने वाले विशेषज्ञों ने भी अदालत में पुष्टि की कि जिस सांप को शव के पास छोड़ा गया था, वह गैर-जहरीला था। आरोपियों ने जांच को गुमराह करने और सबूत मिटाने के लिए यह शातिर चाल चली थी, जो अंततः उन्हें नहीं बचा सकी।

कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला और वकीलों की दलीलें

जिला शासकीय अधिवक्ता के.के. चौबे, सरकारी वकील फरजाना और पीड़ित पक्ष के वकील बलराज सिंह ने अदालत में कड़े तर्क रखे। अभियोजन पक्ष ने चर्चित शबनम हत्याकांड के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के कई पुराने फैसलों का हवाला दिया। वकीलों ने जोर देकर कहा कि ऐसे अपराधियों के प्रति नरमी बरतना न्याय के उद्देश्य के खिलाफ होगा।

सजा के ऐलान से पहले रविता और अमरदीप को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया था। जहां बचाव पक्ष के वकील ने कम सजा की मांग की, वहीं पीड़ित परिवार और मां मुनेश देवी ने दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग की थी। अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद दोनों को फांसी के फंदे पर लटकाने का फरमान सुना दिया। इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने गहरी संतुष्टि जताई है।