October 16, 2026

भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे दिन बढ़त के साथ बंद | Indian stock market closed with gains for the second consecutive day

मुंबई, भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबारी सत्र में लगातार दूसरे दिन मजबूती के साथ बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 413.66 अंक या 0.56 प्रतिशत की तेजी के साथ 74,729.27 और निफ्टी 148.80 अंक या 0.65 प्रतिशत की मजबूती के साथ 23,146.15 पर था।

बाजार में तेजी का नेतृत्व आईटी शेयरों ने किया। सूचकांकों को निफ्टी आईटी 3.92 प्रतिशत की तेजी के साथ टॉप गेनर था। इसके अलावा, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी मीडिया, निफ्टी मेटल, निफ्टी ऑटो, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी कंजप्शन, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी इंडिया डिफेंस और निफ्टी प्राइवेट बैंक बढ़ने वाले सूचकांकों में शामिल थे।

दूसरी तरफ निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी फार्मा, निफ्टी पीएसई और निफ्टी एनर्जी लाल निशान में बंद हुए।

लार्जकैप की अपेक्षा मिडकैप और स्मॉलकैप में सपाट कारोबार हुआ। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 67.50 अंक या 0.11 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 59,129.75 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1.90 अंक की मामूली गिरावट के साथ 19,129.80 पर बंद हुआ।

सेंसेक्स पैक में टेक महिंद्रा, टीसीएस, इन्फोसिस, भारती एयरटेल, एमएंडएम, बजाज फाइनेंस, एचसीएल टेक, एनटीपीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति सुजुकी, पावर ग्रिड, बजाज फिनसर्व, ट्रेंट, इटरनल, एचयूएल,आईसीआईसीआई बैंक और एसबीआई गेनर्स थे। इंडिगो,रिलायंस इंडस्ट्रीज, एशियन पेंट्स, बीईएल, एलएंडटी, आईटीसी, कोटक महिंद्रा बैंक, टाटा स्टील, एक्सिस बैंक, एडीएफसी बैंक और सन फार्मा लूजर्स थे।

एक्सपर्ट्स ने कहा कि आईटी शेयरों में लगातार खरीदारी के चलते भारतीय शेयर बाजारों में लगातार दूसरे दिन सुधार जारी रहा। मजबूत तिमाही नतीजों और प्रबंधन की सकारात्मक टिप्पणियों ने इस क्षेत्र के आय दृष्टिकोण में विश्वास को और मजबूत किया। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और रुपए के मजबूत होने से बाजार के सेंटिमेंट को और समर्थन मिला।

हालांकि, इनपुट लागत में वृद्धि के कारण दूसरी तिमाही में मार्जिन में कमी की चिंताओं के चलते एफएमसीजी शेयरों पर दबाव बना रहा। यह क्षेत्रीय अंतर लगातार लागत दबाव के बीच आय की स्पष्टता के प्रति निवेशकों की प्राथमिकता को दर्शाता है। रुपए की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से भले ही अल्पकालिक समर्थन मिले, लेकिन वैश्विक मुद्रास्फीति और भू-राजनीतिक जोखिमों के प्रति सतर्कता बरतनी जरूरी है।

उन्होंने आगे कहा कि इस तेजी को बनाए रखने के लिए आईटी क्षेत्र से परे व्यापक आय वृद्धि की आवश्यकता होगी।