October 15, 2026

Imran Khan Leave India Notice: इमरान खान 14 दिन में छोड़ेंगे भारत? पुलिस के फरमान को HC में चुनौती, कहा- प्रोटेस्ट करने से कोई कानून नहीं रोकता

बॉलीवुड एक्टर इमरान खान की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. मुंबई में एक विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के बाद अब उन्हें भारत छोड़ने का नोटिस मिला है. विदेशी नागरिकों के रजिस्ट्रेशन से जुड़े अधिकारी (FRRO) ने इमरान खान को 28 अक्टूबर 2026 तक देश छोड़ने का निर्देश दिया है. लेकिन एक्टर ने भी हार मानने के बजाय कानूनी लड़ाई लड़ने का फैसला किया है. उनकी टीम 16 अक्टूबर को बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में है.

आखिर इमरान खान को क्यों मिला भारत छोड़ने का नोटिस?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इमरान खान का आधिकारिक नाम इमरान खान पाल है. वह अमेरिकी नागरिक हैं और उनके पास ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड भी है. 10 अक्टूबर को मुंबई पुलिस ने उन्हें एक विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के बाद हिरासत में लिया था. हालांकि, बाद में उन्हें छोड़ दिया गया.

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अब इस मामले में नया मोड़ तब आया, जब मुंबई स्थित FRRO कार्यालय ने उन्हें 'लीव इंडिया नोटिस' जारी कर दिया. नोटिस में आरोप लगाया गया है कि इमरान खान ने इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 के प्रावधानों का उल्लंघन किया है.

आदेश के मुताबिक, उन्हें 28 अक्टूबर 2026 तक भारत छोड़ना होगा. अगर वह इस आदेश का पालन नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ संबंधित कानून के तहत कार्रवाई हो सकती है.

16 अक्टूबर को हाईकोर्ट में होगी कानूनी जंग!

इमरान खान की कानूनी टीम अब इस नोटिस को अदालत में चुनौती देने की तैयारी कर रही है. उनके वकील जुल्फिकार मेमन, परवेज मेमन और चिराग नाइक ने बताया है कि बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर जल्द सुनवाई की मांग की जाएगी.

कानूनी टीम के मुताबिक, याचिका दाखिल होने के बाद मामले को तत्काल सुनवाई के लिए रखा जाएगा. इस मामले की सुनवाई बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति अद्वैत सेठना की खंडपीठ के सामने होने की संभावना है. अब सबकी नजर इस बात पर है कि अदालत से इमरान खान को राहत मिलती है या नहीं.

इमरान खान के वकीलों ने नोटिस को बताया गैरकानूनी

इमरान खान की कानूनी टीम का कहना है कि उनके मुवक्किल ने FRRO की किसी भी लागू शर्त का उल्लंघन नहीं किया है. वकीलों ने नोटिस पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसमें साफ तौर पर यह नहीं बताया गया कि इमरान खान ने इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 के किस प्रावधान का उल्लंघन किया है.

उनकी टीम का दावा है कि नोटिस में कानूनी आधार स्पष्ट नहीं है और इसे अदालत में चुनौती दी जाएगी. वकीलों ने यह भी कहा कि इमरान खान OCI कार्डधारक हैं, इसलिए उनके स्टेटस और उससे जुड़े अधिकारों पर भी विचार करना जरूरी है.

OCI कार्ड को लेकर भी उठाए सवाल

इमरान खान के वकीलों का तर्क है कि OCI कार्डधारक को मिली अनुमति या उससे जुड़े वीजा स्टेटस को रद्द करने की प्रक्रिया निर्धारित कानूनी नियमों के मुताबिक होनी चाहिए. उनकी टीम का कहना है कि इस मामले में गृह मंत्रालय की भूमिका अहम है और संबंधित अनुमति रद्द करने से पहले उचित सुनवाई होनी चाहिए.

वकीलों ने FRRO के आदेश को कानूनन गलत बताते हुए कहा है कि इसमें जरूरी कानूनी पहलुओं पर सही तरीके से विचार नहीं किया गया. हालांकि, ये सभी दलीलें इमरान खान की कानूनी टीम की हैं. अदालत इस मामले में क्या फैसला सुनाती है, यह अभी देखना बाकी है.

क्या कहता है कानून?

FRRO के नोटिस में इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 की धारा 7(2)(c) और धारा 29 का हवाला दिया गया है. नोटिस के मुताबिक, संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत विदेशी नागरिक को भारत छोड़ने का निर्देश दिया जा सकता है. कानून में ऐसे मामलों में कार्रवाई का प्रावधान है, जहां किसी विदेशी नागरिक पर अधिनियम या उसके तहत बनाए गए नियमों का उल्लंघन करने का आरोप हो या सुरक्षा से जुड़ी प्रतिकूल रिपोर्ट सामने आई हो.

FRRO के आदेश में यह भी चेतावनी दी गई है कि निर्देश का पालन नहीं करने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है.

अब आगे क्या होगा?

फिलहाल इमरान खान की कानूनी टीम बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर जल्द सुनवाई की मांग करने की तैयारी में है. एक तरफ FRRO ने उन्हें 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया है, तो दूसरी तरफ एक्टर के वकील इस आदेश को चुनौती देने जा रहे हैं.

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अदालत इमरान खान को राहत देगी या उन्हें भारत छोड़ने के आदेश का सामना करना पड़ेगा? इसका जवाब आने वाले दिनों में अदालत की सुनवाई के बाद ही साफ हो पाएगा.

फिलहाल इतना तय है कि विरोध प्रदर्शन से शुरू हुआ यह मामला अब कानूनी लड़ाई का रूप ले चुका है और सबकी नजर बॉम्बे हाईकोर्ट पर टिकी है.

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