October 14, 2026

पानीपत के इसराना सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में एंटी करप्शन ब्यूरो का छापा

पानीपत के इसराना सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में एंटी करप्शन ब्यूरो का छापा

पानीपत के इसराना सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में एंटी करप्शन ब्यूरो का छापा

हरियाणा के पानीपत जिले से भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत एक बहुत बड़ी और सख्त कार्रवाई सामने आ रही है। पानीपत के इसराना तहसील के अंतर्गत आने वाले सब-रजिस्ट्रार कार्यालय (Sub-Registrar Office Israna) में आम जनता को रजिस्ट्री, इंतकाल और दस्तावेजों से जुड़े कामों में किस हद तक परेशानियों का सामना करना पड़ता है, इसकी एक बानोगी तब देखने को मिली जब एंटी करप्शन ब्यूरो यानी एसीबी (ACB) की टीम ने वहां औचक दबिश दी। एसीबी की विशेष सतर्कता टीम ने इस कार्यालय में तैनात एक डाटा एंट्री ऑपरेटर (Data Entry Operator) को किसी काम के एवज में खुलेआम रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। इस अचानक हुई कार्रवाई से पूरे तहसील परिसर में और सरकारी दफ्तरों में हड़कंप मच गया, तथा वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों और दलालों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। भ्रष्टाचार के खिलाफ हुई इस प्रभावी कार्रवाई से स्थानीय नागरिकों ने राहत की सांस ली है, जो लंबे समय से इस प्रकार की अवैध वसूली से परेशान थे।

क्या है पूरा मामला और किस तरह से शिकायतकर्ता को परेशान कर मांगी जा रही थी रिश्वत?

यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब एक स्थानीय नागरिक ने अपनी किसी संपत्ति या जमीन के दस्तावेज से जुड़ा जरूरी काम कराने के लिए इसराना सब-रजिस्ट्रार कार्यालय का चक्कर लगाना शुरू किया। पीड़ित व्यक्ति के मुताबिक, उसके कानूनी रूप से वैध और पूरे कागजात होने के बावजूद कार्यालय में बैठे अधिकारी और कर्मचारी फाइल को आगे बढ़ाने के नाम पर लगातार आनाकानी कर रहे थे और उसे अनावश्यक रूप से दौड़ाया जा रहा था। जब उस व्यक्ति ने कर्मचारियों से जल्द काम करने का आग्रह किया, तो कार्यालय में डाटा एंट्री का काम संभालने वाले ऑपरेटर ने अपना रसूख दिखाते हुए फाइल पास करने और डेटा फीडिंग करने की एवज में भारी-भरकम रिश्वत (Bribe) की डिमांड कर डाली। पीड़ित व्यक्ति भ्रष्टाचार के इस खेल से तंग आ चुका था और वह रिश्वत देने के बिल्कुल पक्ष में नहीं था, जिसके बाद उसने हिम्मत जुटाकर हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर पर इसकीलिखित शिकायत दर्ज करा दी।

एसीबी की योजनाबद्ध तरीके से की गई ट्रैप कार्रवाई, रंगे हाथों नोटों के साथ दबोचा गया आरोपी

शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने मामले की गंभीरता को समझते हुए बिना किसी देरी के एक गुप्त और मजबूत योजना तैयार की। एसीबी के अधिकारियों ने नियमानुसार शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि पूरी तरह से हो गई। इसके बाद योजना के मुताबिक एक ट्रैप टीम (Trap Team) का गठन किया गया, जिसमें स्वतंत्र गवाहों को भी शामिल किया गया था। तयशुदा रणनीति के तहत शिकायतकर्ता को केमिकल लगे हुए नोट देकर इसराना सब-रजिस्ट्रार कार्यालय भेजा गया। जैसे ही डाटा एंट्री ऑपरेटर ने कार्यालय के भीतर या उसके आसपास शिकायतकर्ता से वो रिश्वत की रकम अपने हाथों में ली और उसे छुपाने की कोशिश की, पहले से मुस्तैद एसीबी की टीम ने तुरंत उसे चारों तरफ से घेर लिया और रंगे हाथों धर दबोचा। आरोपी के हाथों और नोटों पर जब केमिकल टेस्ट किया गया, तो वह पूरी तरह से पॉजिटिव पाया गया, जिससे उसके भ्रष्टाचार में लिप्त होने का अकाट्य सबूत मिल गया।

सरकारी दफ्तरों में फैले भ्रष्टाचार पर लगेगी लगाम, स्थानीय लोगों ने की सख्त कार्रवाई की मांग

पानीपत के इसराना सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में हुई इस सनसनीखेज गिरफ्तारी के बाद से जिले के अन्य तहसीलों और सरकारी विभागों में भी तैनात भ्रष्ट कर्मचारियों और दलालों की नींद उड़ गई है। लोगों का कहना है कि तहसील कार्यालयों में आम जनता का शोषण कोई नई बात नहीं है, और बिना पैसे दिए कोई भी छोटा-छोटा काम समय पर नहीं होता है। एंटी करप्शन ब्यूरो की इस कार्रवाई से यह संदेश साफ चला गया है कि कानून अब भ्रष्टाचार करने वालों के बहुत करीब पहुंच चुका है। एसीबी की टीम अब यह भी जांच कर रही है कि इस रिश्वतखोरी के खेल में इसराना कार्यालय के और कौन-कौन से बड़े अधिकारी या कर्मचारी शामिल हैं, ताकि उनके खिलाफ भी कानूनी शिकंजा कसा जा सके। इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि यदि नागरिक जागरूक होकर आवाज उठाएं, तो भ्रष्टाचारियों को उनके अंजाम तक पहुंचाया जा सकता है।