पंचायत चुनाव के दौरान झुंझुनूं में हरियाणा से अवैध शराब की तस्करी रोकना पुलिस और आबकारी विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है। दोनों राज्यों में कुछ ब्रांड की शराब की कीमतों में 200 से 500 रुपए तक का अंतर होने से तस्करों को मुनाफा मिल रहा है। मुख्य सड़कों प
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कच्चे रास्तों से होती है तस्करी
पचेरी कलां थाना प्रभारी लक्ष्मीनारायण ने बताया- झुंझुनूं की हरियाणा से लगती सीमा पर कई ग्रामीण क्षेत्र ऐसे हैं, जहां खेतों, रोही और गांवों के बीच संपर्क मार्ग हैं। इन रास्तों से अवैध शराब की तस्करी की आशंका रहती है। मुख्य सड़कों पर पुलिस की नाकाबंदी और वाहनों की जांच होती है, इसलिए तस्कर कच्चे रास्तों का इस्तेमाल करते हैं।
सीमा से सटे बुहाना, पचेरी कलां, सिंघाना, सूरजगढ़ और पिलानी की तरफ आने-जाने वाले रास्तों पर निगरानी रखना चुनौती है। हरियाणा के लोहारू, भिवानी और नारनौल क्षेत्र से जुड़ने वाले मुख्य मार्गों पर भी नाकाबंदी कर पुलिस तैनात की गई है। हालांकि, गांवों के अंदर आने-जाने वाले रास्तों से अवैध शराब की तस्करी रोकना चुनौती बना हुआ है।
चुनाव के दौरान पुलिस चौकियों के अलावा विशेष नाके भी स्थापित किए गए हैं। अवैध गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है और वाहनों की सघन जांच की जा रही है।
पंचायत चुनाव में गांवों की चौपालों से लेकर उम्मीदवारों के जनसंपर्क तक सियासी सरगर्मी बढ़ रही है। इसी बीच अवैध शराब की खरीद-बिक्री और हरियाणा से इसकी आपूर्ति पर अंकुश लगाना पुलिस व आबकारी विभाग के लिए चुनौती बन गया है। हरियाणा से सटे झुंझुनूं के ग्रामीण इलाकों में शराब की तस्करी एक बड़ी वजह दोनों राज्यों में शराब की कीमतों का अंतर है।
हरियाणा में कुछ ब्रांड की देसी और अंग्रेजी शराब सस्ती मिलने का फायदा उठाकर अवैध रूप से शराब राजस्थान लाई जा रही है।
कीमत का अंतर, इसलिए होती है तस्करी
राजस्थान और हरियाणा की आबकारी नीतियों, करों और खुदरा कीमतों में अंतर के कारण कुछ शराब ब्रांड दोनों राज्यों में अलग-अलग कीमत पर मिलते हैं। स्थानीय कारोबारियों के अनुसार, कुछ ब्रांड की अंग्रेजी शराब में 200 से 500 रुपए तक का अंतर है।
बॉर्डर पर नाके, लेकिन चुनौती गांवों तक निगरानी की
झुंझुनूं की हरियाणा से लगती सीमा पर कई ग्रामीण क्षेत्र ऐसे हैं, जहां खेत, रोही और गांवों के बीच संपर्क मार्ग हैं। यहां तस्करी होती है ।
मुख्य सड़कों पर पुलिस की नाकाबंदी और वाहनों की जांच होती है, इसलिए तस्कर कच्चे रास्तों को इस्तेमाल करते हैं। सीमा से सटे क्षेत्र में बुहाना, पचेरी कलां, सिंघाना, सूरजगढ़ और पिलानी की तरफ आने-जाने वाले रास्ते तस्करों के लिए आसानी है।
हरियाणा की ओर लोहारू, भिवानी और नारनौल क्षेत्र से संपर्क रखने वाले मुख्य मार्गों पर भी सीमा नाकाबंदी है, पुलिस तैनात है। लेकिन गांवों के अंदर आने वाले रास्ते अवैध शराब के लिए आसान साबित हो रहे है।
पचेरी कलां थाना प्रभारी लक्ष्मीनारायण के अनुसार, चुनाव के दौरान पुलिस चौकियों के अलावा विशेष नाके स्थापित किए गए हैं। अवैध गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है और वाहनों की सघन जांच की जा रही है।