October 13, 2026

करेंसी के रिंग में रुपए की जोरदार वापसी, लगातार तीसरे दिन 'दुश्मनों' को चटाई धूल

करेंसी के रिंग में रुपए की जोरदार वापसी, लगातार तीसरे दिन ‘दुश्मनों’ को चटाई धूल

Rupee Jumps Against Us Dollar

लगातार तीन दिनों की तेजी के बाद भारत करेंसी ने एशिया के तमाम देशों को इस बात का अहसास करा दिया है कि वो करेंसी के रिंग का किंग यूं ही नहीं बना था. डॉलर के मुकाबले में रुपए में तीन दिनों में 150 पैसे की तेजी देखने को मिल चुकी है. आरबीआई की ओर से किए गए नियमों में बदलाव और करेंसी मार्केट में हस्तक्षेप के बाद रुपए में लगातार तेजी देखने को मिल रही है.

वहीं मंगलवार को निर्मला सीतारमण की ओर से भी रुपए के सपोर्ट में बयान आया. जिसकी वजह से करेंसी मार्केट में भारतीय करेंसी को और भी बूस्ट मिला. दूसरे भी कारण भी दिखाई दिए. जहां बॉन्ड यील्ड में गिरावट देखने को मिली. वहीं कच्चे तेल के दाम में भी गिरावट आई. जिसकी वजह से रुपए को बूस्ट मिलता हुआ दिखाई दिया. साथ ही विदेशी निवेशकों का सपोर्ट भी मिलता हुआ दिखाई दिया. आइए आपको भी बताते हैं आखिर करेंसी मार्केट में रुपए के किस तर​ह के आंकड़े देखने को मिले हैं…

रुपए लगाई तेजी की हैट्रिक, 150 पैसों का उछाल

मंगलवार को लगातार तीसरे सेशन में रुपया मजबूत हुआ और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 40 पैसे की बढ़त के साथ 95.38 (अस्थायी) पर बंद हुआ. इसे RBI के उन उपायों से मदद मिली जिनका मकसद स्पॉट डॉलर की मांग को कम करना और विदेशी मुद्रा बाजार में बहुत ज्यादा सट्टेबाजी (excessive positioning) पर रोक लगाना था.

फॉरेक्स ट्रेडर्स का कहना है कि कुछ उपायों – जैसे कि तय बैंकों के ज़रिए ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के लिए खास डॉलर विंडो और कुछ विदेशी मुद्रा हेजिंग ट्रांजैक्शन के लिए ज्यादा कॉस्ट – से स्पॉट मार्केट में डॉलर की मांग कम होने और रुपए के खिलाफ सट्टेबाजी की पोजीशन पर लगाम लगने की उम्मीद है.

इंटरबैंक फॉरेक्स मार्केट में, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.53 पर खुला. इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान, रुपया डॉलर के मुकाबले 94.96 के उच्चतम और 95.53 के निचले स्तर तक पहुंचा. मंगलवार को ट्रेडिंग सेशन के आखिर में, रुपया 95.38 (अस्थायी) पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 40 पैसे ज़्यादा था.

सोमवार को रुपए में 93 पैसे की बढ़त हुई थी, जो छह महीने से ज़्यादा समय में एक दिन की सबसे बड़ी बढ़त थी, और यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.78 पर बंद हुआ था. पिछले तीन ट्रेडिंग सेशन में, अमेरिकी करेंसी के मुकाबले रुपए में 150 पैसे की बढ़त हुई है.

90 पैसे की आ सकती है तेजी

HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट दिलीप परमार ने कहा कि यह बढ़त उतार-चढ़ाव को सीमित करने और सट्टेबाजी वाली ट्रेडिंग पर रोक लगाने के लिए RBI द्वारा लागू किए गए रेगुलेटरी उपायों, साथ ही लॉन्ग पोजीशन को कम करने, डॉलर में आम कमजोरी, कच्चे तेल की कम कीमतों और घरेलू इक्विटी में रिकवरी के कारण हुई.

हाल के उच्चतम स्तर से तीन दिनों में लगभग 2 प्रतिशत की रिकवरी के बाद, स्पॉट USD/INR को 95 पर सपोर्ट मिल रहा है. हालांकि, अगर यह इस स्तर से नीचे जाता है तो 94.50 तक जाने की संभावना बन सकती है.

इसका मतलब है कि रुपए में और करीब 90 पैसे की तेजी देखने को मिल सकती है, लेकिन बाहरी मैक्रोइकॉनॉमिक दबावों के कारण आगे की बढ़त सीमित रहने की संभावना है.

रुपए के बचाव में उतरीं फाइनेंस मिनिस्टर

इस बीच, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि पिछले डेढ़ साल में रुपए में “काफी” गिरावट आई है, और RBI घरेलू करेंसी में बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव को रोकने के लिए अपनी कोशिशें जारी रखेगा.

रिजर्व बैंक ने वीकेंड पर रुपए की गिरती कीमत को रोकने के लिए कई उपाय करने का ऐलान किया. सेंट्रल बैंक ने तेल मार्केटिंग कंपनियों के लिए एक खास विंडो बनाने का ऐलान किया, जिससे स्पॉट मार्केट में डॉलर की मांग कम होगी.

साथ ही, रुपए के खिलाफ सट्टेबाजी को रोकने के लिए फॉरेक्स डेरिवेटिव्स ट्रेड के नियमों को भी सख्त किया गया. बैंकों से यह भी कहा गया कि वे 20 लाख डॉलर (USD 2 मिलियन) से ज़्यादा की डॉलर खरीद के लिए 20 प्रतिशत रिजर्व बनाए रखें.

मंत्री ने कहा कि रुपए में ज्यादातर उतार-चढ़ाव बाहरी चुनौतियों की वजह से आ रहा है, जबकि सरकार यह पक्का कर रही है कि देश के अंदर मैक्रो-इकोनॉमिक फंडामेंटल्स मजबूत बने रहें.

डॉलर और कच्चा तेज दोनों टूटे

इस बीच, डॉलर इंडेक्स – जो छह करेंसी की बास्केट के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापता है – 102.32 पर ट्रेड कर रहा था, जो 0.26 प्रतिशत कम था.

ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क, ब्रेंट क्रूड, फ्यूचर्स ट्रेड में 1.93 प्रतिशत गिरकर 104.59 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था.

घरेलू इक्विटी मार्केट में, सेंसेक्स 1,109.10 अंक उछलकर 73,033.78 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 358.60 अंक बढ़कर 22,721.95 पर पहुंच गया.

एक्सचेंज डेटा के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने सोमवार को नेट आधार पर 1,708.48 करोड़ रुपए के शेयर बेचे.

सौरभ शर्मा

सौरभ शर्मा

2008 से शेयर मार्केट, इकोनॉमी और कमोडिटी कवर कर रहे हैं. टीवी9 के साथ जुड़ने से पहले डीएनए, ए​शियानेट, जनसत्ता, दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका जैसे कई बड़े संस्थानों के साथ भी जुड़े रहे.

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