गुजरात सरकार के संरक्षण प्रयासों को मिली बड़ी सफलता, एशियाई शेरों का दूसरा घर बन रहा बरड़ा वन क्षेत्र
अध्ययन के अनुसार, करीब 144 वर्षों बाद बरड़ा क्षेत्र में शेरों की वापसी हुई है। गुजरात वन विभाग ने शेरों के संरक्षण के लिए पांच मादा शेरों को यहां पहुंचाने में भूमिका निभाई,
अध्ययन के अनुसार, करीब 144 वर्षों बाद बरड़ा क्षेत्र में शेरों की वापसी हुई है। गुजरात वन विभाग ने शेरों के संरक्षण के लिए पांच मादा शेरों को यहां पहुंचाने में भूमिका निभाई,
![]()
New Update
/newsnation/media/media_files/2026/10/11/gujarat-govt-conservation-efforts-bear-fruit-as-barda-forests-emerge-as-second-home-for-asiatic-lions-2026-10-11-23-28-38.jpg)
Asiatic Lions
गुजरात में एशियाई शेरों के संरक्षण की दिशा में बड़ी उपलब्धि सामने आई है। सौराष्ट्र स्थित बरड़ा वन्यजीव अभयारण्य अब गिर के बाद शेरों के दूसरे महत्वपूर्ण आवास के रूप में उभर रहा है। एक नए वैज्ञानिक अध्ययन में बरड़ा के जंगलों को शेरों की दीर्घकालिक आबादी के लिए अनुकूल बताया गया है। यह उपलब्धि गुजरात सरकार के वन्यजीव संरक्षण और वैज्ञानिक प्रबंधन प्रयासों को मजबूती देती है।
करीब 192.31 वर्ग किलोमीटर में फैला बरड़ा अभयारण्य पोरबंदर और देवभूमि द्वारका जिलों में स्थित है। यहां शेरों के लिए उपयुक्त प्राकृतिक आवास, शिकार की उपलब्धता और अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र मौजूद है। ‘Beyond Gir: Barda Wildlife Sanctuary as a Potential Stronghold for Asiatic Lions’ शीर्षक वाला अध्ययन प्रतिष्ठित वैज्ञानिक जर्नल PLOS One में प्रकाशित हुआ है।
144 वर्षों बाद बरड़ा क्षेत्र में शेरों की वापसी हुई
Fry Pan
जबकि एक नर शेर प्राकृतिक रूप से यहां आया था। इस क्षेत्र में शेरों की मौजूदगी राज्य में उनके आवास विस्तार की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
शेरों के संरक्षण के लिए काम कर रही गुजरात सरकार
गुजरात सरकार शेरों के संरक्षण के लिए निगरानी, आवास सुधार और मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने जैसे उपायों पर काम कर रही है। बरड़ा में शेरों के लिए सुरक्षित और टिकाऊ आवास विकसित करना इसी व्यापक रणनीति का अहम हिस्सा है।
वन्यजीव विरासत को सुरक्षित रखने की दिशा महत्वपूर्ण
यह पहल जैव विविधता संरक्षण के साथ-साथ गुजरात की वन्यजीव विरासत को सुरक्षित रखने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है। बरड़ा का विकास एशियाई शेरों की आबादी को एक ही क्षेत्र पर निर्भर रहने से बचाने और उनके दीर्घकालिक अस्तित्व को मजबूत करने में मदद कर सकता है।
हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें! विशेष ऑफ़र और नवीनतम समाचार प्राप्त करने वाले पहले व्यक्ति बनें
