October 11, 2026

बिहार में सफर करना होगा महंगा... इन पुलों और स्टेट हाईवे पर लगेगा टोल टैक्स, जानें क्या है नया नियम

Bihar Toll Tax: बिहार में हाईवे पर फर्राटा भरने वालों को अब अपनी जेब ढीली करनी पड़ सकती है. राज्य में 47 बड़े पुलों और 55 स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स वसूलने की तैयारी चल रही है. यानी जिन रास्तों पर अब तक बिना टोल दिए सफर हो रहा था, वहां आने वाले समय में आपकी यात्रा का खर्च बढ़ सकता है. इसके लिए बिहार सरकार ने 30 करोड़ 94 लाख रुपये से अधिक की राशि मंजूर की है.

बिहार सरकार राजस्थान मॉडल के आधार पर टोल वसूली की व्यवस्था विकसित करने की तैयारी कर रही है. इसके लिए 250 मीटर से अधिक लंबे 47 पुलों और 55 स्टेट हाईवे (SH) को चिन्हित किया गया है. प्रस्तावित व्यवस्था के तहत व्यावसायिक वाहनों से टोल टैक्स वसूले जाने की तैयारी है. हालांकि, आम वाहनों पर शुल्क लगेगा या नहीं, इसकी स्पष्ट जानकारी अभी सामने नहीं आई है.

राजस्थान मॉडल पर टोल वसूली की तैयारी

टोल वसूली की व्यवस्था तैयार करने के लिए राज्य सरकार कम लागत वाले टोल प्लाजा, इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन और उनके संचालन एवं रखरखाव के मॉडल का अध्ययन कर रही है. इसी सिलसिले में बिहार के अधिकारियों की एक टीम ने सितंबर 2026 के अंतिम सप्ताह में राजस्थान का दौरा किया.

इस टीम में बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड, पथ निर्माण विभाग और बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के अधिकारी शामिल थे. टीम ने राजस्थान में टोल वसूली की तकनीकी व्यवस्था और कम खर्च में टोल प्लाजा चलाने के तरीके की जानकारी ली.

फास्टैग से होगी टोल टैक्स की वसूली?

सरकार की प्रस्तावित योजना के तहत चिन्हित पुलों और स्टेट हाईवे पर टोल प्लाजा बनाए जा सकते हैं. यहां इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन की व्यवस्था विकसित करने की योजना है, जिससे फास्टैग के माध्यम से शुल्क वसूला जा सके. इसके साथ ही टोल वसूली की निगरानी, शुल्क निर्धारण और संचालन की प्रक्रिया भी तय की जाएगी.

कैबिनेट ने 30.94 करोड़ रुपये किए मंजूर

इससे पहले 2 सितंबर को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में टोल वसूली से जुड़ी व्यवस्था विकसित करने के लिए 30 करोड़ 94 लाख 71 हजार 500 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई थी.

इस राशि के तहत टोल वसूली की व्यवस्था तैयार करने, निगरानी की प्रक्रिया तय करने और संबंधित परियोजनाओं के संचालन के लिए परामर्श सेवाएं ली जानी हैं.

फिलहाल, वाहन चालकों को आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा. टोल टैक्स कब से वसूला जाएगा, किन वाहनों पर शुल्क लागू होगा और अलग-अलग रास्तों पर कितनी रकम देनी पड़ेगी, इन सवालों पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है.