ग्वालियर में साइबर अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। ठगों ने अलग-अलग तरीकों से तीन लोगों को अपना शिकार बनाते हुए उनके बैंक खातों और क्रेडिट कार्ड से लाखों रुपए उड़ा लिए। किसी को झांसे में लेकर क्रेडिट कार्ड की केवाईसी (KYC) अपडेट कराने
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यह तीनों ही FIR पिछले 24 घंटे में ग्वालियर के विभिन्न क्षेत्र में हुई हैं। तीनों मामलों की शिकायत पीड़ितों ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब साइबर एक्सपर्ट मामले की जांच कर रहे हैं।

वॉट्सऐप वीडियो कॉल कर भेजा लिंक, 85 हजार ठगे
शहर में फौजदार का मोहल्ला निवासी 56 वर्षीय अनिल कुमार जैन को 6 अक्टूबर को अज्ञात नंबर से वॉट्सएप पर वीडियो कॉल आया था। कॉल करने वाले ने खुद को एसबीआई (SBI) का बैंककर्मी बताकर क्रेडिट कार्ड की केवाईसी अपडेट करने की बात कही।
इसके बाद आरोपी ने एक लिंक भेजा और अनिल को उस पर क्लिक करने के लिए कहा। जैसे ही उन्होंने लिंक खोला, उनका मोबाइल हैंग हो गया। करीब एक घंटे बाद जब मोबाइल वापस सामान्य होकर ऑन हुआ, तो क्रेडिट कार्ड से 35,378 रुपए और 50,000 रुपए निकलने के मैसेज मिले।
कुल 85,378 रुपए की ठगी होने पर उन्होंने तुरंत साइबर पोर्टल पर मामला दर्ज कराया।
फोन-पे से पेमेंट फेल, खाते से गायब मिले 29.6 हजार रुपए
थाटीपुर के न्यू शकुंतलापुरी निवासी 45 वर्षीय शिवसरन शर्मा 5 अक्टूबर की शाम फोन-पे से भुगतान कर रहे थे, लेकिन ट्रांजेक्शन फेल हो गया। ऐप पर खाते में बेलेंस न होने का मैसेज दिखा। जब उन्होंने बेलेंस चेक किया, तो खाते से 29,600 रुपए गायब थे।
बैंक से जानकारी लेने पर पता चला कि रकम ट्रांसफर की जा चुकी है। शिवसरन का आरोप है कि उन्होंने कोई लेन-देन नहीं किया था और उनका मोबाइल हैक कर यह रकम निकाली गई है।
इसके बाद उन्होंने साइबर पोर्टल पर मामले की शिकायत की थी। जिस पर थाटीपुर थाना पुलिस ने अपने यहां मामला दर्ज कर लिया है।
बिना किसी जानकारी के बैंक खाते से कटे 64 हजार रुपए
ग्वालियर के हजीरा गदाईपुरा की मेजर कॉलोनी निवासी 46 वर्षीय जितेंद्र सिंह राजावत के एचडीएफसी (HDFC) बैंक खाते से 12 सितंबर की दोपहर अचानक 64,000 रुपए कट गए। पीड़ित ने किसी भी तरह का ओटीपी या लिंक शेयर नहीं किया था। मामले की शुरुआती शिकायत साइबर पोर्टल पर करने के बाद 9 अक्टूबर की रात को पीड़ित ने थाने पहुंचकर अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराई।
ठगी से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
- अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें: वॉट्सऐप, मैसेज या ईमेल पर आई किसी भी संदिग्ध लिंक को कभी भी न खोलें।
- गोपनीय जानकारी न शेयर करें: बैंक कभी भी फोन पर ओटीपी (OTP), सीवीवी (CVV) या पासवर्ड नहीं मांगता।
- तत्काल 1930 पर कॉल करें: यदि आपके साथ किसी तरह की वित्तीय धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट दर्ज कराएं।