लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने जंतर-मंतर के पास INDIA ब्लॉक के नेताओं को रोके जाने के बाद केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए खड़े INDIA गठबंधन के हर सांसद का वह आभार व्यक्त करते हैं.
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, 'मैं INDIA गठबंधन के हर उस सांसद का आभारी हूं, जो लोकतंत्र की रक्षा के लिए संसद के अंदर, सड़कों पर और आज जंतर-मंतर के पास मजबूती से खड़ा रहा. वे एक मार्च रोक सकते हैं. वे बैठक से इनकार कर सकते हैं. लेकिन वे हमारे लोगों की इच्छाशक्ति को नहीं रोक सकते.'
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नाम लेते हुए कहा कि पूरी व्यवस्था को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा.
I am thankful to every INDIA alliance MP standing firm in defence of our democracy - in Parliament, outside on the streets, and today near Jantar Mantar. They can stop a march. They can refuse a meeting. But they cannot stop the will of our people. Narendra Modi, Amit Shah, Gyanesh Kumar and the entire system will be brought to justice.
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— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 7, 2026
'ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक प्रदर्शन जारी रहेगा'
इससे पहले बुधवार को राहुल गांधी ने कहा कि INDIA ब्लॉक का विरोध प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते. उन्होंने कहा कि यह लड़ाई देश में सबसे पवित्र चीज यानी लोकतंत्र की रक्षा के लिए है.
बता दें कि राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA ब्लॉक के सांसदों ने पहले विपक्षी नेताओं के साथ लंच किया. इसके बाद वे तीन बसों में सवार होकर जंतर-मंतर की ओर निकले. कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के कई नेता बसों की छत पर भी नजर आए और तिरंगा लहराया.
हालांकि, जंतर-मंतर से करीब एक किलोमीटर पहले अशोक रोड पर शांगरी-ला होटल के पास सुरक्षा घेरा लगाकर बसों को रोक दिया गया. पुलिस ने इलाके में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 163 लागू होने का हवाला देते हुए नेताओं को आगे बढ़ने से रोका.
पुलिस से भिड़े नेता, प्रियंका गांधी सड़क पर बैठीं
नेताओं को रोके जाने के बाद वहां हंगामा और नारेबाजी शुरू हो गई. राहुल गांधी और अन्य नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कुछ महिला नेता सड़क पर बैठ गईं. प्रियंका गांधी के हाथ में संविधान की कॉपी भी थी. इसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और उन्हें मध्य दिल्ली के एक पुलिस थाने ले जाया गया.
राहुल गांधी ने इससे पहले कहा था कि करीब 300 लोकसभा और राज्यसभा सांसद चुनाव आयुक्तों से मिलना चाहते थे, लेकिन उन्हें मिलने का मौका नहीं दिया गया. उन्होंने यह भी कहा कि जंतर-मंतर निर्धारित प्रदर्शन स्थल है और विपक्ष वहां अपनी बात रखना चाहता है.
'मेरे खिलाफ 45 FIR, 100 का लक्ष्य'
राहुल गांधी ने अपने खिलाफ दर्ज FIR को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, 'मेरे खिलाफ 45 FIR हैं. मेरा लक्ष्य है कि मेरे खिलाफ 100 FIR हों. मेरे खिलाफ हर FIR मेरे लिए एक पदक है.'
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी प्रदर्शन के दौरान कहा कि चुनाव आयोग गलतियां कर रहा है और आरोप लगाया कि ये गलतियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इशारे पर हो रही हैं. उन्होंने कहा कि विपक्ष जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहा है और सरकार के खिलाफ उसका संघर्ष जारी रहेगा.
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