October 7, 2026

गर्दनीबाग में बी-फार्मा डिग्रीधारियों ने शुरू किया अनशन: फार्मासिस्ट भर्ती में शामिल करने की मांग की, बोले - स्वास्थ्य मंत्री संज्ञान लें - Patna News

गर्दनीबाग में बी-फार्मा डिग्रीधारियों ने शुरू किया अनशन:फार्मासिस्ट भर्ती में शामिल करने की मांग की, बोले - स्वास्थ्य मंत्री संज्ञान लें

| पटना51 मिनट पहले

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पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर बी-फार्मा डिग्रीधारियों ने बुधवार को फार्मासिस्ट भर्ती में शामिल करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया और अनिश्चितकालीन अनशन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बिहार के सरकारी अस्पतालों में फार्मासिस्ट की नियुक्ति में बी-फार्मा डिग्रीधारियों को भी मौका दिया जाना चाहिए। इसे लेकर केंद्रीय भर्ती, पदोन्नति एवं सेवा विनियम-2025 लागू करने की मांग की जा रही है।

2024 में नियमावली बदलने का आरोप

अनशन और धरने का नेतृत्व कर रहे अर्जेश राज ने कहा कि 1999 और 2006 की नियमित तथा 2013 और 2016 की संविदा बहाली में बी-फार्मा डिग्रीधारियों को फार्मासिस्ट पद पर नियुक्ति का मौका मिला था। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग ने 2024 में नियमावली में संशोधन कर अस्पतालों में फार्मासिस्ट की नियुक्ति से बी-फार्मा डिग्रीधारियों को बाहर कर दिया।

अर्जेश के अनुसार, इससे प्रदेश के करीब 25 हजार बी-फार्मा फार्मासिस्ट 2,473 पदों पर होने वाली बहाली की प्रक्रिया से बाहर हो गए। उन्होंने दावा किया कि इसके बाद करीब 1,600 पद खाली रह गए।

बोले- डिप्लोमा का विरोध नहीं, हमें भी मिले मौका

अर्जेश राज ने कहा कि उनका संगठन डिप्लोमा इन फार्मेसी से जुड़े अभ्यर्थियों के खिलाफ नहीं है। उनकी मांग है कि बी-फार्मा डिग्रीधारियों को भी फार्मासिस्ट की बहाली में शामिल होने का अवसर दिया जाए।

उन्होंने दावा किया कि कई जगहों पर डिप्लोमा इन फार्मेसी की जगह डिग्रीधारियों को अवसर दिया जा रहा है और रेलवे में भी इस संबंध में बदलाव किया गया है। हालांकि, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बिहार में डिप्लोमा फार्मासिस्टों को मिलने वाले अवसर को खत्म करने की मांग नहीं की जा रही है।

स्वास्थ्य मंत्री से हस्तक्षेप की मांग

प्रदर्शनकारियों ने स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार से मामले में संज्ञान लेने की मांग की है। उनका कहना है कि 2024 में नियमावली में किए गए बदलाव की समीक्षा की जाए और बी-फार्मा डिग्रीधारियों को भी फार्मासिस्ट पद की नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर दिया जाए। मांग पूरी होने तक अनशन जारी रखने की बात कही गई है।

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