Rajasthan Panchayat Election Date Change के तहत राज्य निर्वाचन आयोग ने पहले, दूसरे और तीसरे चरण की वोटिंग तारीखें एक दिन पहले कर दी हैं, जबकि चौथा चरण पहले जैसा ही रहेगा। जैसलमेर में अब पहले चरण की जगह चौथे चरण में मतदान होगा, वहीं बीकानेर में चारों चरण और सलूंबर में दो चरण में पोलिंग कराई जाएगी। आयोग के मुताबिक यह बदलाव धनतेरस पर्व को ध्यान में रखकर किया गया है।
Table of Contents
- पहले तीन चरणों में वोटिंग अब एक दिन पहले होगी
- धनतेरस को देखते हुए किया गया है यह बदलाव
- चौथे चरण की तारीखों में कोई बदलाव नहीं
- जैसलमेर अब चौथे चरण में, बीकानेर में चारों चरण में चुनाव
- 3 अक्टूबर को ही लग चुकी है आचार संहिता
- 37 जिलों में 25 से 28 नवंबर तक चुनेंगे प्रमुख-प्रधान
- दो दिन के अंतराल पर मतदाताओं को दूसरी बार वोट डालना होगा
- 1.69 लाख जनप्रतिनिधि चुनेगी जनता, 80 हजार से ज्यादा महिलाएं होंगी निर्वाचित
- 4 करोड़ से ज्यादा मतदाता डालेंगे वोट, नई तारीखें जरूर नोट करें
- जयपुर नगर निगम में BJP बोर्ड, पूर्व मेयर ज्योति खंडेलवाल की हार से बदली मेयर पद की गणित
पहले तीन चरणों में वोटिंग अब एक दिन पहले होगी
पहले चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य की वोटिंग अब 23 अक्टूबर की जगह 22 अक्टूबर को होगी, जबकि पंच-सरपंच की वोटिंग 25 अक्टूबर की जगह 24 अक्टूबर को कराई जाएगी। दूसरे चरण में जिला परिषद-पंचायत समिति सदस्य की वोटिंग 28 अक्टूबर और पंच-सरपंच की वोटिंग 30 अक्टूबर को होगी, यानी यह भी एक दिन पहले खिसक गई है।
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तीसरे चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य के लिए वोटिंग 3 नवंबर को होगी, जबकि 3605 ग्राम पंचायतों में पंच-सरपंच के लिए मतदान 5 नवंबर को कराया जाएगा। पहले इन्हीं पंचायतों में धनतेरस यानी 6 नवंबर के दिन वोटिंग शेड्यूल थी, जिसे अब एक दिन पहले खिसका दिया गया है। धनतेरस के दिन अब इन पंचायतों में सिर्फ उपसरपंच का चुनाव होगा।
धनतेरस को देखते हुए किया गया है यह बदलाव
राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक यह संशोधन धनतेरस पर्व को ध्यान में रखकर किया गया है, क्योंकि पुराने कार्यक्रम में तीसरे चरण के तहत 3605 ग्राम पंचायतों में धनतेरस के दिन ही पंच-सरपंच की वोटिंग रखी गई थी। त्योहार के दिन मतदान होने से मतदाताओं की भागीदारी कम रहने और प्रशासनिक असुविधा की आशंका को देखते हुए आयोग ने यह तारीख आगे बढ़ाने के बजाय पीछे खिसका दी।
इसी वजह से पहले तीन चरणों की सभी तारीखें एक दिन पहले कर दी गई हैं, ताकि धनतेरस के दिन सिर्फ उपसरपंच जैसा कम महत्व वाला चुनाव हो और मुख्य मतदान पर्व से पहले ही पूरा हो जाए। आयोग ने इस बदलाव की सूचना सभी जिला कलेक्टरों और निर्वाचन अधिकारियों को भी भेज दी है।
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चौथे चरण की तारीखों में कोई बदलाव नहीं
आयोग ने सिर्फ पहले तीन चरणों की तारीखों में संशोधन किया है, चौथा चरण पहले जैसा ही रहेगा। चौथे चरण में जिला परिषद-पंचायत समिति सदस्य के लिए वोटिंग 14 नवंबर को और पंच-सरपंच के लिए वोटिंग 16 नवंबर को पहले की तरह ही होगी।
सरपंच और पंच पद के लिए नतीजे वोटिंग वाले दिन ही देर रात तक घोषित कर दिए जाते हैं, जबकि जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों का रिजल्ट सभी चरण पूरे होने के बाद 20 नवंबर को एक साथ आएगा।
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जैसलमेर अब चौथे चरण में, बीकानेर में चारों चरण में चुनाव
जैसलमेर जिले में पहले पहले चरण में ही मतदान पूरा हो जाने वाला था, लेकिन संशोधित कार्यक्रम में अब इस जिले को चौथे चरण में शामिल कर दिया गया है। आयोग के मुताबिक जैसलमेर की कुछ पंचायत समितियों को प्रशासनिक सुविधा के हिसाब से आगे खिसकाया गया है।
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इसी तरह बीकानेर जिले को भी अब चारों चरणों में बांट दिया गया है, यानी जयपुर के साथ अब बीकानेर भी उन जिलों में शामिल हो गया है जहां सबसे ज्यादा चार चरणों में वोटिंग होगी। सलूंबर में पहले सिर्फ एक चरण में मतदान होना था, लेकिन अब वहां दो चरणों यानी तीसरे और चौथे चरण में पोलिंग कराई जाएगी।
3 अक्टूबर को ही लग चुकी है आचार संहिता
राजस्थान में 3 अक्टूबर को पंचायत चुनावों की घोषणा के साथ ही ग्रामीण इलाकों में आचार संहिता लागू हो चुकी है। राज्य निर्वाचन आयोग कुल 4 चरणों में ही चुनाव करा रहा है, हालांकि संशोधन के बाद अब सिर्फ जयपुर ही नहीं, बीकानेर में भी चार चरणों में चुनाव होंगे।
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आचार संहिता के दौरान सरकार कोई नई योजना या कार्यक्रम घोषित नहीं कर सकती और सरकारी तबादलों पर भी पाबंदी है। मंत्री अपने इलाकों में सरकारी गाड़ी से नहीं जा सकेंगे और सरकारी गेस्ट हाउस व डाक बंगलों में नहीं ठहर सकेंगे, हालांकि पहले से चल रहे काम और प्रक्रिया में आ चुके टेंडरों पर कोई रोक नहीं रहेगी। हाल में हुए नगर निकाय चुनावों के दौरान भी इसी तरह की पाबंदियां लागू रही थीं।
37 जिलों में 25 से 28 नवंबर तक चुनेंगे प्रमुख-प्रधान
जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों का परिणाम 20 नवंबर को आने के बाद 37 जिलों में 25 नवंबर को जिला प्रमुख और 27 नवंबर को प्रधान का चुनाव होगा। इसी तरह 26 नवंबर को उपजिला प्रमुख और 28 नवंबर को उपप्रधान चुने जाएंगे।
कोटा, श्रीगंगानगर, बारां और करौली जिलों में प्रमुख और प्रधान का कार्यकाल दिसंबर 2026 में पूरा हो रहा है, इसलिए इन चार जिलों में जिला प्रमुख और प्रधान का चुनाव बाद में कराया जाएगा। हालांकि इन जिलों में भी जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों का चुनाव बाकी प्रदेश के साथ ही होगा।
दो दिन के अंतराल पर मतदाताओं को दूसरी बार वोट डालना होगा
इस बार मतदाताओं को दो दिन के भीतर ही दूसरी बार वोट डालना पड़ेगा, क्योंकि जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों का मतदान एक साथ होगा, जबकि इसके ठीक दो दिन बाद उसी इलाके में पंच-सरपंच का चुनाव कराया जाएगा। तारीखें एक दिन आगे-पीछे होने के बावजूद यह दो-दिन का अंतराल हर चरण में पहले जैसा ही बना रहेगा।
प्रदेश के 37 जिलों में 8 अक्टूबर से 28 नवंबर तक यानी करीब 50 दिन तक चुनावी प्रक्रिया चलेगी। जयपुर और बीकानेर में सबसे ज्यादा चार चरणों में चुनाव होंगे, जैसलमेर और फलोदी में सिर्फ एक चरण में मतदान पूरा हो जाएगा, जबकि झुंझुनूं, करौली, सीकर, बांसवाड़ा, जालोर और उदयपुर में तीन चरणों और बाकी 31 जिलों में दो चरणों में वोटिंग होगी।
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1.69 लाख जनप्रतिनिधि चुनेगी जनता, 80 हजार से ज्यादा महिलाएं होंगी निर्वाचित
इन चुनावों में कुल 1.69 लाख नए पंचायतीराज जनप्रतिनिधि चुने जाएंगे। महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण मिलने की वजह से इनमें से आधी सीटों पर महिलाएं ही चुनकर आएंगी। 14,403 ग्राम पंचायतों में 7200 महिला सरपंच और 1.30 लाख वार्ड पंच पदों में से करीब 65 हजार महिला वार्ड पंच निर्वाचित होंगी।
इसी तरह 457 पंचायत समितियों में से 221 प्रधान महिला होंगी, यानी कुल मिलाकर 80 हजार से ज्यादा महिलाएं पंचायतीराज जनप्रतिनिधि बनेंगी। नगर निकाय चुनावों की तरह ही पंचायतीराज चुनावों में भी दलबदल विरोधी कानून लागू नहीं होता, इसलिए प्रधान और जिला प्रमुख की कुर्सी तय करने में सियासी जोड़-तोड़ की पूरी गुंजाइश रहेगी।
प्रत्याशियों और मतदाताओं को अब संशोधित तारीखों के हिसाब से ही अपनी तैयारी करनी होगी, क्योंकि जिन पंचायतों का चरण बदला है, वहां पुरानी तारीख याद रखने पर मतदान छूट भी सकता है। राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को भी इस संशोधन की सूचना भेज दी है।
4 करोड़ से ज्यादा मतदाता डालेंगे वोट, नई तारीखें जरूर नोट करें
पूरे प्रदेश में इस बार करीब 4.03 करोड़ मतदाता अपने वोट का इस्तेमाल करेंगे, जिनके लिए प्रदेशभर में 45,384 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। जैसलमेर, बीकानेर और सलूंबर जैसे जिलों के मतदाताओं को खास तौर पर यह ध्यान रखना होगा कि उनकी पंचायत किस नए चरण में शामिल की गई है, क्योंकि चरण बदलने से वोटिंग की तारीख भी पूरी तरह बदल गई है।
जिन जिलों में चरण नहीं बदला है, वहां भी मतदाताओं को एक दिन आगे खिसकी नई तारीख याद रखनी होगी, क्योंकि पुराने कार्यक्रम के हिसाब से बूथ पर पहुंचने पर वोटिंग का दिन निकल सकता है। उम्मीदवारों को भी नामांकन और प्रचार का पूरा कार्यक्रम अब इन्हीं संशोधित तारीखों के हिसाब से तय करना होगा।
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