आगरा में वाल्मीकि समाज की महापंचायत: राज्यसभा सांसद नवीन जैन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन, सार्वजनिक माफी की मांग
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सार
Agra News: आगरा के सुभाष नगर में वाल्मीकि समाज की महापंचायत में राज्यसभा सांसद नवीन जैन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए सार्वजनिक माफी की मांग की है। महापंचायत में आंदोलन तेज करने तक की चेतावनी दी।

नवीन जैन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन (सोर्स-फोटो नवभारत)
विस्तार
Agra Politics News: आगरा में राज्यसभा सांसद नवीन जैन को लेकर वाल्मीकि समाज का विरोध खुलकर सामने आ गया है। सुभाष नगर स्थित वाल्मीकि वाटिका में आयोजित महापंचायत में सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया और सांसद के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
समाज के लोगों का कहना है कि उनका विरोध भारतीय जनता पार्टी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से नहीं है, बल्कि सांसद नवीन जैन के कथित व्यवहार और टिप्पणी को लेकर है, जिससे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।
सम्मान से समझौता नहीं किया जा सकता
महापंचायत की अध्यक्षता कर रहे चौधरी मानसिंह ने कहा कि वाल्मीकि समाज हमेशा भाजपा के साथ खड़ा रहा है और आगे भी रहेगा, लेकिन किसी भी समाज के सम्मान से समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि सांसद सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते हैं तो वाल्मीकि समाज उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होगा। जरूरत पड़ने पर शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित करने जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।
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जातिगत सोच समाज और राजनीति दोनों के लिए नुकसानदायक
महापंचायत के दौरान लोगों ने नवीन जैन के विरोध में पोस्टर और तख्तियां लहराईं तथा दलित विरोधी मानसिकता के खिलाफ आवाज बुलंद की। वाल्मीकि महापंचायत के महामंत्री लोकेश कुमार चंचल ने कहा कि समाज का बड़ा वर्ग भाजपा को समर्थन देता रहा है, लेकिन इस तरह की घटनाएं पार्टी के जनाधार को प्रभावित कर सकती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जातिगत सोच समाज और राजनीति दोनों के लिए नुकसानदायक है।
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क्या है पूरा विवाद?
विवाद की शुरुआत भाजपा कार्यकर्ता मनीष साहू वाल्मीकि के आरोपों से हुई। उनका कहना है कि 10 जुलाई को वह अपने राजनीतिक भविष्य और संगठन में जिम्मेदारी को लेकर चर्चा करने सांसद नवीन जैन के आवास पहुंचे थे। आरोप है कि इस दौरान उनसे उनकी “हैसियत में रहने” और केवल अपने समाज तक सीमित रहने जैसी बातें कही गईं। मनीष साहू का दावा है कि इन टिप्पणियों से उनकी भावनाएं आहत हुईं और उन्होंने इस मामले को वाल्मीकि महापंचायत के सामने रखा।
मनीष साहू का कहना है कि वह पिछले 16 वर्षों से भाजपा और हिंदुत्व की विचारधारा के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं और उन्हें इस तरह की टिप्पणी की उम्मीद नहीं थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी संगठन के कुछ पदाधिकारियों से शिकायत करने पर उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया।
फिलहाल वाल्मीकि समाज ने सांसद से सार्वजनिक माफी की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो शहरभर में विरोध प्रदर्शन और आंदोलन का दायरा बढ़ाया जाएगा।
