October 5, 2026

अंतरिक्ष में 'मीरा' का परचम: इंदौर-उज्जैन के युवा का बनाया कैमरा स्पेसएक्स रॉकेट से लॉन्च - Indore News

अंतरिक्ष में 'मीरा' का परचम:इंदौर-उज्जैन के युवा का बनाया कैमरा स्पेसएक्स रॉकेट से लॉन्च

इंदौर27 मिनट पहलेलेखक: गजेंद्र विश्वकर्मा

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उज्जैन के इंजीनियर पुनीत बदेका का बनाया 502 ग्राम का ‘मीरा’ कैमरा स्पेसएक्स के ट्रांसपोर्टर-18 मिशन के साथ अंतरिक्ष पहुंच गया है। भारतीय समय अनुसार 2 अक्टूबर रात 12.02 बजे इसे अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित वैंडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस से फाल्कन-9 रॉकेट से भेजा गया।

पुनीत के मुताबिक, यह विदेशी अंतरिक्ष कैमरों से 8 से 12 गुना हल्का है। मीरा को जनवरी में इसरो के पीएसएलवी-सी62 रॉकेट से अंतरिक्ष भेजा जाना था। तकनीकी गड़बड़ी के कारण वह तय कक्षा में नहीं पहुंच सका था।

भारत को अपनी ऑप्टिक्स टेक्नोलॉजी की जरूरत: पुनीत ने बताया कि भारत इस तरह की टेक्नोलॉजी में कमी महसूस करता रहा है। उनके मुताबिक, भारत करीब 11 बिलियन डॉलर की ऑप्टिक्स आयात कर रहा है। इस टेक्नोलॉजी पर सात साल काम करने के बाद यह कमी स्पष्ट हुई।

भारत कई मामलों में डेटा प्राप्त करने के लिए विदेशी सैटेलाइटों पर निर्भर है। इससे यह अनिश्चितता बनी रहती है कि डेटा रियल टाइम में मिल रहा है या नहीं। उन्होंने बताया कि मोदी सरकार की ओर से अंतरिक्ष क्षेत्र में निजीकरण को बढ़ावा दिए जाने के बाद स्पेस सैटेलाइट का क्षेत्र भी निजी कंपनियों के लिए खुल रहा था। इसी से इस टेक्नोलॉजी पर काम करने का विचार आया।

इन क्षेत्रों में काम आएगा ईओएन स्पेस लैब्स का यह आविष्कार

पुनीत को उम्मीद है कि इस कैमरे से पहली तस्वीरें 10 अक्टूबर को मिल सकती हैं।

  • कृषि: खेतों में पानी की कमी, फसल की सेहत, कीड़ों के प्रकोप और पैदावार का अनुमान।
  • सीमा निगरानी: सीमा पर संदिग्ध हरकतों पर नजर।
  • समुद्री निगरानी: जहाजों की आवाजाही, तस्करी व निगरानी।
  • आपदा निगरानी: बाढ़, सूखा, जंगल की आग व अन्य आपदाओं की जानकारी।

तकनीक को पेटेंट भी मिला: पुनीत उज्जैन से इंजीनियरिंग की डिग्री लेने के बाद इंदौर के एसजीएसआईटीएस से मास्टर्स कर चुके हैं। उन्होंने बिहार के संजय कुमार और मनोज कुमार गड्डम के साथ 2022 में ईओएन स्पेस लैब्स स्टार्टअप शुरू किया था। करीब एक साल में तैयार हुए इस कैमरे को हल्का बनाने के लिए अल्ट्रा प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग मशीनों का इस्तेमाल किया। पुनीत के मुताबिक, इसकी तकनीक के लिए पेटेंट भी मिल चुका है।

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