भोपाल के स्कूलों में बड़ा फर्जीवाड़ा:टॉयलेट का काम पोर्टल पर पूरा, जमीन पर न सीट-न दरवाजे
भोपाल27 मिनट पहलेलेखक: इमरोज खान
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बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा को लेकर जो संजीदगी सरकारी नारों में दिखती है, वो जमीन पर नहीं। मामला स्कूलों में बनाए जा रहे गर्ल्स टॉयलेट का है। जिला शिक्षा केंद्र ने सत्र 2025-26 में 3.63 करोड़ के बजट से भोपाल के 124 स्कूलों में इनके निर्माण की स्वीकृति दी थी। हर गर्ल्स टॉयलेट के लिए 2.93 लाख रुपए का बजट आवंटित किया गया है।
पोर्टल पर 112 टॉयलेट का काम पूरा दिखाया गया है। लेकिन, भास्कर ने जायजा लिया तो पता चला कि कहीं सीट ही गायब है तो कहीं सिर्फ ढांचा बनाकर प्लास्टर कर दिया है, दरवाजे गायब हैं। ऐसे कई स्कूल हैं जहां काम अधूरा है और पोर्टल पर पूरा दिखाया गया है।
इन टॉयलेट निर्माण की निगरानी की जिम्मेदारी जिला शिक्षा केंद्र के इंजीनियरों की थी। जिला परियोजना समन्वयक सिद्धार्थ जैन ने कहा जहां गड़बड़ी मिलेगी, कार्रवाई की जाएगी। जांच टीम गठित कर दी है।
बैरागढ़ चीचली : शासकीय माध्यमिक शाला बैरागढ़ चीचली में 2025-26 में नए टॉयलेट की मंजूरी मिली थी। मौके पर स्टाफ ने बताया कि पुराने टॉयलेट का रेनोवेशन कराया गया है। वहीं प्राथमिक शाला अकबरपुर में गर्ल्स टॉयलेट स्कूल के हैंडओवर कर दिया गया है। लेकिन, ये मानकों को ताक पर रखकर बनाया गया है।
भोपाल...जहां काम पूरा बताया, वहां ग्राउंड पर अधूरा निर्माण
रतनपुर : दीवारों पर प्लास्टर तो है, पर अंदर न ही सीट और न टाइल्स
फंदा ग्रामीण के माध्यमिक विद्यालय रतनपुर का टॉयलेट पोर्टल पर पूर्ण है। मौके पर सिर्फ ढांचा खड़ा मिला। दीवारों पर महज प्लास्टर है। अंदर टॉयलेट सीट तक नहीं है और फर्श कच्चा पड़ा है। बाहर रैंप भी नहीं है। स्टाफ के मुताबिक नए टॉयलेट का निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया। एक साल पहले छात्राओं के लिए बना अस्थायी टॉयलेट भी जर्जर हो चुका है, इससे छात्राओं और महिला स्टाफ को परेशानी है।
बाग फरहतअफजा : काम अधूरा, पेमेंट पूरा, शाला प्रभारी को नोटिस
शा. माध्यमिक स्कूल में गर्ल्स टॉयलेट का काम पूरा दिखाकर पूरा पेमेंट कर दिया। हकीकत में पुराने टॉयलेट का रेनोवेशन कराया जा रहा है, जो अधूरा है। जिला परियोजना समन्वयक ने शाला प्रभारी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। नोटिस में साफ लिखा है काम पूरा न होने के बाद भी पूरा भुगतान क्यों किया गया है। वर्तमान शाला प्रभारी का कहना है कि वे अभी आए हैं, काम पहले का चल रहा है।
शिकायत... ठेकेदार ने अनुबंध पर हस्ताक्षर कराए, निर्माण नहीं किया
अगस्त में प्राथमिक शाला पडरिया जाट के प्रधानाध्यापक ने जिला परियोजना समन्वयक को शिकायत भेजी। इसमें बताया कि जिला शिक्षा केंद्र के असिस्टेंट इंजीनियर द्वारा भेजे गए ठेकेदार ने चालाकी से अनुबंध पर हस्ताक्षर करा लिए। शाला प्रबंधन समिति ने टॉयलेट बनवाया तो तो फर्जी दावा ठोककर राशि ऐंठ ली।

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