प्रेमानंद महाराज की जान को खतरा? शिष्य की मौत के बाद फलाहारी महाराज ने खोले आश्रम के बड़े राज!
Published: Sunday, October 4, 2026, 17:25 [IST]
Premanand Maharaj Security Concerns: वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज और उनके आश्रम से जुड़े घटनाक्रम लगातार चर्चा में हैं। कुछ दिन पहले उनके शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत ने कई सवाल खड़े किए थे और अब खुद प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई है। फलाहारी महाराज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर महाराज की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
इसके साथ ही उन्होंने केली कुंज से जुड़े लोगों के बीच दो गुट होने, संपत्ति को लेकर विवाद और कुछ संदिग्ध गतिविधियों जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। शिष्य की मौत और अब सुरक्षा को लेकर सामने आए इन दावों के बाद आश्रम से जुड़े मामलों पर चर्चा और तेज हो गई है। हालांकि फलाहारी महाराज के कई आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और इनकी जांच जरूरी है।
शिष्य की मौत से पहले ही उठ चुके हैं सवाल
प्रेमानंद महाराज के शिष्य 25 वर्षीय दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की 25 सितंबर को वृंदावन में मौत हो गई थी। वह केली कुंज से जुड़े गुरु कृपा कुंज में रह रहे थे। पुलिस जांच में सामने आए सीसीटीवी फुटेज में दीपक को चौथी मंजिल की छत पर जाते हुए देखा गया। बाद में वह नीचे गिर गए और अस्पताल में उनकी मौत हो गई। पुलिस शुरुआती तौर पर इसे आत्महत्या का मामला मानकर जांच कर रही है।
पोस्टमार्टम में सिर, पसलियों और शरीर के दूसरे हिस्सों में गंभीर चोटें मिली थीं। उनके कमरे से ग्राइंडर मिलने और शरीर पर एक अन्य चोट को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है। मोबाइल फोन के डेटा समेत दूसरे सबूतों की पड़ताल की जा रही है। केली कुंज ट्रस्ट ने भी दीपक की मौत पर दुख जताते हुए पुलिस जांच में पूरा सहयोग देने की बात कही है और लोगों से अफवाह नहीं फैलाने की अपील की है।
ये भी पढ़ें: कौन थे प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक कुमार उर्फ रसिक दुलारी? संदिग्ध हालात में गंवाई जान
अब प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा पर चिंता
इस मामले के बीच फलाहारी महाराज ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उनका दावा है कि केली कुंज से जुड़े लोगों के बीच दो गुट बने हुए हैं और इनके बीच संपत्ति को लेकर मतभेद हैं। उन्होंने प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा बढ़ाने के साथ पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की है।
बेलवन जाने का किया दावा
फलाहारी महाराज का दावा है कि केली कुंज से जुड़े कथित विवादों से आहत होकर प्रेमानंद महाराज बेलवन स्थित आश्रम चले गए हैं। उनके मुताबिक महाराज के साथ कुछ तपस्वी संत भी वहां पहुंचे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक गुट में कुछ ऐसे लोग सक्रिय हैं, जिनके संपत्ति के कारोबार से जुड़े होने की बात कही जा रही है। वहीं दूसरे गुट के प्रेमानंद महाराज से नाराज होने का दावा भी किया गया है। इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बच्चों से जुड़ा मामला भी चर्चा में
फलाहारी महाराज ने आश्रम से बच्चों के कथित तौर पर गायब होने का मुद्दा भी उठाया और इसके पीछे किसी संगठित गिरोह की भूमिका होने की आशंका जताई। इस दावे की भी पुष्टि नहीं हुई है। इस बीच हाथरस का एक किशोर, जो प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेने के बाद करीब तीन महीने से लापता था, बरसाना क्षेत्र के दूसरे आश्रम से मिल गया है। उसके परिवार ने पहले केली कुंज के बाहर धरना भी दिया था।
शिष्य की मौत और सुरक्षा के दावों की अलग-अलग जांच अहम
फिलहाल ऐसा कोई आधिकारिक तथ्य सामने नहीं आया है, जो दीपक लोधी की मौत को फलाहारी महाराज की ओर से बताए जा रहे कथित गुटबाजी या संपत्ति विवाद से जोड़ता हो। दीपक की मौत की पुलिस जांच जारी है, जबकि प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा और आश्रम को लेकर फलाहारी महाराज ने अलग से कई आरोप लगाए हैं। ऐसे में इन घटनाओं के बीच किसी संबंध का दावा जांच के बिना करना सही नहीं होगा। अब नजर प्रशासन की जांच और इन गंभीर आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया पर है।
ये भी पढ़ें: प्राइवेट पार्ट कटने के बाद न चीखा, न रोया! प्रेमानंद के शिष्य की खौफनाक मौत पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने चौंकाया