October 4, 2026

फ्लाईदुबई में को-पायलट को छोड़ने को कहा गया था? यात्रियों ने कहा- 'सिर्फ पुलिस को देंगे', वीडियो में दिखा मंजर

फ्लाईदुबई में को-पायलट को छोड़ने को कहा गया था? यात्रियों ने कहा- 'सिर्फ पुलिस को देंगे', वीडियो में दिखा मंजर

Time Published: Sunday, October 4, 2026, 17:40 [IST]

तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ 1073 में हमले के बाद अब एक और चौंकाने वाला दावा सामने आया है। विमान में मौजूद कुछ यात्रियों का कहना है कि उन्होंने हमलावर को किसी भी कीमत पर छोड़ने से इनकार कर दिया था। वहीं दो यात्रियों ने दावा किया कि केबिन क्रू ने ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी को खोलने के लिए कहा था।

आरोप है कि विमान को क्रैश करने की कोशिश करने वाले ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी को जब यात्रियों ने दबोचकर बांध दिया, तो केबिन क्रू उसे छुड़ाने की जिद करने लगा। इससे मुसाफिरों को क्रू की मंशा पर शक हो गया और उन्होंने पूरी फ्लाइट का कंट्रोल अपने हाथों में ले लिया।

Flydubai co-pilot attack

इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी विमान के अंदर घुटनों के बल बैठा दिख रहा है। उसके हाथ पीछे से बंधे हैं और कपड़ों पर खून के निशान नजर आ रहे हैं। वीडियो में यात्रियों की आवाज सुनाई देती है, जिसमें वे बार-बार कहते हैं- "सिर्फ पुलिस को देंगे" और "केवल पुलिस को"।

'1 घंटा 40 मिनट बर्दाश्त किया, अब सिर्फ पुलिस आएगी'

इजराइल के न्यूज चैनल i24NEWS द्वारा जारी 45 सेकंड के एक वीडियो में हमलावर को-पायलट अल-हमामी खून से सने कपड़ों में घुटनों के बल बैठा दिख रहा है। उसके हाथ पीछे बंधे हुए हैं। वीडियो में मुसाफिर लगातार चिल्लाते दिख रहे हैं- "सिर्फ पुलिस, केवल पुलिस!"

एक मुसाफिर की आवाज सुनाई देती है जो कह रहा है, "1 घंटा 40 मिनट हो चुके हैं। बस 5 मिनट और।" इसका मतलब था कि यात्रियों ने हमलावर को इतने लंबे समय तक काबू में रखा था और वे उसे सीधे स्थानीय पुलिस के हवाले करना चाहते थे।

क्रू मेंबर्स पर क्यों हुआ मुसाफिरों को शक?

न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में बैंक एग्जीक्यूटिव त्विका मानेस और रियल एस्टेट प्रोफेशनल डैनियल श्लिचटर ने क्रू के बर्ताव पर कई सवाल उठाए। त्विका मानेस ने बताया,

"क्रू हमसे हमलावर को-पायलट को खोलने के लिए कह रहा था। हमें समझ नहीं आ रहा था कि वे ऐसा क्यों चाहते हैं। उनके इस बर्ताव से हमें तुरंत उन पर शक हो गया।"

डैनियल श्लिचटर ने कहा कि क्रू ने उनसे बहस की और कहा कि 'आप भगवान नहीं हैं, आप उसे मार नहीं सकते।' जबकि मुसाफिरों का मकसद उसे मारना नहीं, बल्कि सबकी जान बचाना था।

यात्रियों ने हमलावर को जिंदा रखने के लिए उसे ऑक्सीजन मास्क भी पहनाया ताकि जांच एजेंसियां उससे पूछताछ कर सकें। क्रू के संदिग्ध रवैये को देखते हुए यात्रियों ने उनसे कहा, "अब हम तय करेंगे कि क्या होगा, आप वही करेंगे जो हम कहेंगे।" यात्रियों ने क्रू को प्लेन के बीच में बैठने का आदेश दे दिया।

कॉकपिट में खून से लथपथ पड़े थे कैप्टन स्मित मच्छर

घटना की शुरुआत तब हुई जब कैप्टन स्मित मच्छर ने गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद अंदर से कॉकपिट का दरवाजा अनलॉकी कर दिया। उस वक्त बाहर ताली मानेस अपनी बेटी का इंतजार कर रही थीं। उन्होंने अंदर से खटखटाने की आवाज सुनी और एक बैकअप पायलट को देखने को कहा।

दरवाजा खुलते ही खौफनाक मंजर दिखा। को-पायलट कैप्टन स्मित पर कुल्हाड़ी से वार कर रहा था। ताली के चिल्लाने पर चार इजराइली नागरिक और दो ऑफ-ड्यूटी पायलट कॉकपिट की तरफ भागे। प्लंबर यानिव हयून ने हमलावर का गला दबाया और टीवी शो 'मेडे' के अनुभवों से प्लेन को संभाला। बीमा कंपनी के मालिक असाफ राजुआन और त्विका मानेस ने ईयरफोन की तारों से हमलावर को बांध दिया।

विमान में मौजूद इकलौते डॉक्टर शोता मुसाएव ने खून से लथपथ कैप्टन स्मित का इलाज किया। डॉ. मुसाएव ने सीएनएन को बताया,

"कैप्टन के सिर और हाथों पर गहरे जख्म थे। उनका हाथ लगभग दो टुकड़ों में कट चुका था। ज्यादा खून बहने की वजह से उनकी हालत काफी गंभीर थी।"

174 लोग विमान में थे, कैप्टन स्मित की हालत कैसी थी?

फ्लाईदुबई की इस उड़ान में 174 लोग सवार थे, जिनमें 27 बच्चे शामिल थे। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक सभी सुरक्षित हैं। कैप्टन स्मित मच्छर की उम्र 30 के दशक के मध्य में बताई गई है। वह चार साल से ज्यादा समय से फ्लाईदुबई के साथ उड़ान भर रहे हैं। उनके पास 13 साल से ज्यादा का कमर्शियल एविएशन अनुभव और 9,500 से ज्यादा फ्लाइंग घंटे बताए गए हैं।

इस घटना के बाद यात्रियों ने कैप्टन स्मित को उस पायलट के तौर पर याद किया, जिसने हमले के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोलने और बाकी लोगों को स्थिति संभालने का मौका दिया। हालांकि क्रू द्वारा हमलावर को छोड़ने के लिए कहे जाने का दावा यात्रियों के इंटरव्यू और वीडियो में सुनाई देने वाली बातों पर आधारित है। इस दावे की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि इस इनपुट में नहीं दी गई है। इसलिए इस पहलू को जांच के नतीजे आने तक दावे के तौर पर ही देखना जरूरी है।