स्मित माछर से मिलने अस्पताल पहुंचे दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान, मिलते ही चूमा कैप्टन का माथा
Published: Saturday, October 3, 2026, 21:03 [IST]
Crown Prince Sheikh Hamdan Visits Captain Smit Machchhar: हाथ पर मोटी पट्टी, चोटों के निशान और अस्पताल का बिस्तर...लेकिन चेहरे पर मुस्कान। कुछ दिन पहले हजारों फीट की ऊंचाई पर जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे भारतीय पायलट कैप्टन स्मित माछर की अब अस्पताल से ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं, जिन्होंने लोगों का ध्यान खींच लिया है। शनिवार को उनसे मिलने एक खास मेहमान अस्पताल पहुंचे।
मुलाकात के दौरान उन्होंने स्मित का माथा चूमकर उनके प्रति सम्मान जताया और उस मुश्किल घड़ी में दिखाई गई हिम्मत की तारीफ की। ये दुबई के क्राउन प्रिंस और संयुक्त अरब अमीरात के उप प्रधानमंत्री शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम थे। उन्होंने कहा कि स्मित ने साहस, जिम्मेदारी और इंसानी जिंदगी की परवाह का शानदार उदाहरण पेश किया है।
अस्पताल पहुंचे शेख हमदान
शेख हमदान शनिवार को अबू धाबी के अस्पताल पहुंचे, जहां कैप्टन स्मित माछर का इलाज चल रहा है। उन्होंने स्मित से मुलाकात कर उनका हाल जाना और विमान में मुश्किल हालात के दौरान दिखाई गई बहादुरी की तारीफ की। शेख हमदान ने मुलाकात की तस्वीरें भी साझा कीं। उन्होंने कहा कि स्मित ने बहुत ऊंचे स्तर का साहस, जिम्मेदारी और इंसानी जिंदगी के प्रति परवाह दिखाई। उन्होंने यूएई के नेतृत्व की ओर से भी स्मित के लिए सम्मान और तारीफ जताई।
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चोटों के बीच चेहरे पर मुस्कान
इस मुलाकात के साथ कैप्टन स्मित की अस्पताल से तस्वीरें भी सामने आई हैं। इलाज के दौरान वह मुस्कुराते दिखाई दे रहे हैं। भारतीय दूतावास के मुताबिक कैप्टन स्मित को अबू धाबी में बेहतर चिकित्सा सुविधा दी जा रही है और उनकी सेहत में सुधार हो रहा है। दूतावास उनके परिवार और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में भी है।
30 सितंबर को विमान में क्या हुआ था?
यह घटना 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 में हुई थी। विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था। उड़ान के दौरान कॉकपिट में कैप्टन स्मित माछर पर उनके सह-पायलट ने हमला किया। यूएई के अधिकारियों के मुताबिक मामले की जांच में संभावित आतंकी मकसद और हमले से जुड़े दूसरे पहलुओं को भी देखा जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक हमले में कॉकपिट में आपात स्थिति के लिए रखी जाने वाली कुल्हाड़ी के इस्तेमाल की बात सामने आई है। जांच एजेंसियां घटना के मकसद और आरोपी से जुड़े संभावित संबंधों की जांच कर रही हैं।
घायल होकर भी खोला कॉकपिट का दरवाजा
हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद स्मित ने हिम्मत नहीं छोड़ी। विमान तेजी से नीचे आने लगा था। इसी दौरान उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की। दरवाजा खुलने के बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को अंदर पहुंचने का मौका मिला और हमलावर को काबू किया गया। विमान में मौजूद अतिरिक्त पायलटों ने बाद में विमान की कमान संभाली और उसे सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित उतारा। विमान में 174 यात्री सवार थे।
सऊदी अरब से अबू धाबी लाए गए स्मित
घटना के बाद स्मित को पहले सऊदी अरब के तबूक में इलाज दिया गया था। बाद में उन्हें आगे के इलाज के लिए अबू धाबी लाया गया। भारतीय दूतावास ने शनिवार को बताया कि वह अच्छी तरह ठीक हो रहे हैं। यूएई के नागरिक उड्डयन अधिकारियों ने भी स्मित के साथ विमान के चालक दल और स्थिति को संभालने में मदद करने वाले यात्रियों की तारीफ की है।
पीएम मोदी से भी हुई बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अस्पताल में भर्ती कैप्टन स्मित माछरमाछर से बातचीत की थी। इस दौरान स्मित ने उन्हें बताया कि हमला होने के बाद भी उन्होंने विमान में मौजूद लोगों की जिंदगी बचाने की कोशिश जारी रखी और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। प्रधानमंत्री मोदी ने उनके साहस और मुश्किल समय में तेजी से फैसला लेने की क्षमता की तारीफ की। बातचीत के दौरान स्मित ने अपनी आस्था का भी जिक्र किया और बताया कि उस मुश्किल समय में वह हनुमान चालीसा को याद कर रहे थे।
हमले की जांच अभी जारी
यूएई के अधिकारी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि हमले के पीछे असली मकसद क्या था और क्या इसमें किसी दूसरे व्यक्ति या समूह का संबंध था। तकनीकी और अन्य सबूतों की भी जांच की जा रही है। यूएई के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद नतीजे आधिकारिक माध्यम से जारी किए जाएंगे। साथ ही लोगों से जांच पूरी होने से पहले अटकलें न फैलाने की अपील की गई है।
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