September 27, 2026

'पैसा न आने की वजह से मर रहा है ईरान', होर्मुज खोलने के प्रस्ताव पर ट्रंप का बड़ा दावा

'पैसा न आने की वजह से मर रहा है ईरान', होर्मुज खोलने के प्रस्ताव पर ट्रंप का बड़ा दावा

US Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरान इसलिए होर्मुज को खोलने के लिए गिड़गिड़ा रहा है कि क्योंकि उनके पास पैसा नहीं आ रहा और वे बिना पैसे के मर रहे हैं.

US Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरान इसलिए होर्मुज को खोलने के लिए गिड़गिड़ा रहा है कि क्योंकि उनके पास पैसा नहीं आ रहा और वे बिना पैसे के मर रहे हैं.

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Donald Trump on Iran demand to open hormuz

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप Photograph: (X@WhiteHouse)

US Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को 'तत्काल फिर से खोलने' की मांग कर रहा है क्योंकि जलमार्ग बंद होने के बाद उसे वित्तीय दबाव का सामना करना पड़ रहा है. राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने रणनीतिक जलडमरूमध्य को बंद करके दुनिया के लिए समस्याएं पैदा करने की कोशिश की और इस तरह उसने खुद को ही 'अपना शिकार बना लिया' है. बता दें कि फरवरी के आखिर मे इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमले के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य बंद है. जिसके चलते इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों की संख्या काफी कम हो गई है.

पैसे की वजह से वे मर रहे हैं: ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आगे कहा, "वे होर्मुज को तुरंत खोलना चाहते हैं, आप जानते हैं क्यों? क्योंकि वे मर रहे हैं. आप जानते हैं क्यों मर रहे हैं? क्योंकि उनके पास कोई आय नहीं आ रही है, क्योंकि उन्हें अपनी आय होर्मुज जलडमरूमध्य से मिलती है. इसलिए उन्होंने खुद को ही मात दे दी है." ये बातें अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहीं.

ट्रंप ने आगे कहा कि अमेरिका ने 'सैन्य इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी नाकाबंदी' लगाकर जवाब दिया, जबकि अन्य देशों को जलमार्ग का उपयोग जारी रखने की अनुमति दी." उन्होंने कहा, "चलो इसे बंद कर देते हैं और दुनिया के लिए समस्या खड़ी कर देते हैं. फिर मैं आया, और हमने सैन्य इतिहास की सबसे बड़ी नाकाबंदी खड़ी कर दी. यह लोहे की दीवार थी, जिसे हमने खड़ा किया, और अंदाजा लगाइए क्या हुआ? अब उनके पास कोई पैसा नहीं है, क्योंकि वे जलडमरूमध्य को बंद करना चाहते थे, और मैंने कहा, 'ठीक है. हम इसे आपके लिए बंद कर देंगे, लेकिन बाकी सभी इसका इस्तेमाल कर सकेंगे."

ईरान ने अमेरिका के सामने रखा था प्रस्ताव

बता दें कि ईरान ने इस सप्ताह प्रस्ताव दिया था कि अगर अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकाबंदी हटाता है, ईरानी तेल बिक्री पर लगे प्रतिबंध हटाता है और लेबनान को शामिल करते हुए युद्धविराम का पालन करता है, तो वह सात दिनों के भीतर जलडमरूमध्य को फिर से खोल देगा और अपने परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत फिर से शुरू कर देगा.

सिर्फ बातचीत से हो सकता है समाधान- ईरान

ट्रंप द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए तेहरान के सात दिवसीय युद्धविराम के प्रस्ताव को खारिज करने के बाद, ईरान ने दोहराया कि अमेरिका और इजरायल के साथ अपने संघर्ष को हल करने का एकमात्र तरीका कूटनीति है. अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि तेहरान ने रणनीतिक जलमार्ग को फिर से खोलने और युद्ध को समाप्त करने के उद्देश्य से अपने सात दिवसीय रोडमैप पर ट्रंप की प्रतिक्रिया पर ध्यान दिया है, लेकिन अभी तक किसी मध्यस्थ के माध्यम से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है.

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अराघची ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए ईरान ने अपनी शर्तों में कोई बदलाव नहीं किया है और होर्मुज को फिर से खोलने का कोई भी कदम इन शर्तों के पूरा होने पर निर्भर करेगा. उन्होंने आगे कहा कि तेहरान अंतिम निर्णय लेने से पहले मध्यस्थों के माध्यम से अमेरिका के औपचारिक रुख का इंतजार कर रहा है. उन्होंने कहा, "हमारी शर्तें स्पष्ट हैं, और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की दिशा में कोई भी कदम इन शर्तों के पूरा होने पर ही उठाया जा सकता है."

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