'आधार कार्ड मांगा और चला दी गोली', मृतक पंडित के बेटे और पड़ोसियों ने बयां किया आजमगढ़ का खौफनाक सच!
Published: Wednesday, September 23, 2026, 8:57 [IST]
Azamgarh Murder Case: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में मंगलवार शाम एक घर में चल रही पूजा अचानक खूनी घटना में बदल गई। अहिरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में अरविंद सिंह ने कथित तौर पर अपनी पत्नी और पूजा कराने आए दो पंडितों पर लाइसेंसी हथियार से गोली चला दी। तीनों की मौके पर मौत हो गई। इसके बाद अरविंद अपने बच्चों को लेकर घर के एक कमरे में बंद हो गया।
पुलिस करीब सात घंटे तक उसे समझाने की कोशिश करती रही, लेकिन वह बाहर आने को तैयार नहीं हुआ। देर रात घर के अंदर से गोली चलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की। जवाबी फायरिंग में अरविंद घायल हुआ और बाद में उसकी मौत हो गई। घटना में अरविंद के एक बेटे की भी गोली लगने से मौत की बात सामने आई है। इस तरह पूरे मामले में आरोपी समेत कुल पांच लोगों की मौत हुई।
घर में चार दिन से चल रही थी पूजा
स्थानीय लोगों के मुताबिक, शंभूपुर गहजी गांव निवासी अरविंद सिंह की मां शमला देवी और उसकी पत्नी बबीता घर में शांति के लिए पूजा कराना चाहती थीं। अरविंद इसका विरोध कर रहा था। इसी बात को लेकर परिवार में कई दिनों से विवाद चल रहा था।
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बताया गया कि अरविंद किसी काम से घर से बाहर गया था। उसके बाहर जाने के बाद पत्नी ने घर में पांच दिवसीय पूजा शुरू करा दी। मंगलवार को पूजा का चौथा दिन था। शाम करीब 6 बजे अरविंद घर वापस लौटा। इसके बाद घर का माहौल अचानक बिगड़ गया।
पंडित से आधार कार्ड मांगने की बात
पूजा कराने आए पंडित के बेटे ने बताया कि वह भी अपने पिता के साथ घर में मौजूद था। उसके मुताबिक, अरविंद ने पहले पंडित से आधार कार्ड दिखाने को कहा। इसके बाद दोनों के बीच कहासुनी हुई और अचानक अरविंद ने फायरिंग शुरू कर दी। गोली चलते ही पंडित का बेटा अपने पिता को वहीं छोड़कर भाग निकला। उसके पिता की गोली लगने से मौत हो गई।
मां ने बताया क्या हुआ था
अरविंद की मां शमला देवी ने बताया कि घर में करीब चार दिन से पूजा चल रही थी और बुधवार को पूजा पूरी होनी थी। उनके मुताबिक, अरविंद अचानक पूजा रोकने के लिए कहने लगा। उसने पंडित से कहा कि वह उसे नहीं जानता।
मां के अनुसार, इसके बाद अरविंद ने पहले डंडे से हमला किया, फिर कुल्हाड़ी निकाली और आखिर में रिवॉल्वर से गोली चला दी। उसने पहले पत्नी और फिर दो पंडितों को गोली मारी। इसके बाद वह अपनी पोती के साथ किसी तरह वहां से निकल गईं।
बच्चों के साथ कमरे में बंद हुआ अरविंद
पत्नी और दोनों पंडितों पर गोली चलाने के बाद अरविंद अपने बच्चों के साथ घर के एक कमरे में बंद हो गया। पुलिस को इसकी जानकारी मिलने के बाद मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल पहुंचा। अरविंद के पड़ोसी जितेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक, वह करीब सात घंटे तक पुलिस और एसएसपी के साथ मिलकर उसे समझाने की कोशिश करते रहे। अरविंद सीधे बात नहीं कर रहा था। वह अपने बेटे और बेटी से कहलवा रहा था कि सुबह दरवाजा खोलेगा।
गोली चलने के बाद पुलिस ने की कार्रवाई
आजमगढ़ के एसएसपी अनिल कुमार के मुताबिक, पुलिस को मंगलवार शाम सूचना मिली थी कि शंभूपुर गांव में एक व्यक्ति ने लाइसेंसी हथियार से अपनी पत्नी समेत तीन लोगों को गोली मार दी है। पुलिस जब आरोपी को समझाने में जुटी थी, तभी स्थिति और गंभीर हो गई।
देर रात घर के अंदर से गोली चलने की आवाज आई। इसके बाद पुलिस ने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए कार्रवाई की। पुलिस की जवाबी फायरिंग में अरविंद घायल हो गया। उसे इलाज के लिए ले जाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई।
घटना में कुल पांच मौतें
अहिरौला थाना क्षेत्र की इस घटना में कुल पांच लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। मृतकों में अरविंद की पत्नी, उसका 8 वर्षीय बेटा और पूजा कराने आए दो पंडित शामिल हैं। पांचवीं मौत खुद अरविंद की हुई, जिसे पुलिस ने जवाबी कार्रवाई के दौरान गोली लगने के बाद अस्पताल पहुंचाया था। मंगलवार शाम शुरू हुआ यह मामला देर रात तक चलता रहा और पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना रहा।
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