पंजाब में आगामी राजनीतिक चुनौतियों और चुनावी रणनीति को धार देने के लिए ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव सचिन पायलट ने दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में पंजाब यूथ कांग्रेस के पदाधिकारियों और जिला अध्यक्षों के साथ एक अहम बैठक की।
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बैठक के दौरान पायलट खुद बेहद ऊर्जावान और फिट यूथ लीडर के रूप में नजर आए, जिससे युवाओं में खासा उत्साह देखा गया। इस हाई-प्रोफाइल बैठक का मुख्य उद्देश्य पंजाब के हर विधानसभा क्षेत्र और जमीनी स्तर पर युवाओं की एक मजबूत, समर्पित टीम तैयार करना है।
बैठक में भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब, पंजाब प्रभारी मनीष शर्मा, पंजाब यूथ कांग्रेस अध्यक्ष शुभम शर्मा सहित पूरी कार्यकारिणी के सदस्य उपस्थित रहे।
पायलट ने नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया कि पार्टी को फिर से मजबूती प्रदान करने के लिए यूथ कांग्रेस को ड्राइंग रूम पॉलिटिक्स छोड़कर पूरी ताकत के साथ जमीन पर उतरना होगा। उन्होंने साफ किया कि वो टीम की रिपोर्टिंग खुद लेंगे।
उन्होंने यूथ लीडर्स की 'चुनावी क्लास' लेते हुए निर्देश दिए कि हर हलके में युवाओं का कैडर तैयार किया जाए, जो सीधे जनता से जुड़े मुद्दों को उठाए। 'विजय कांग्रेस, विजय पंजाब' के नारे के साथ पायलट ने नेताओं में नया जोश भरा और आने वाले दिनों में हर जिले में आक्रामक जनसंपर्क अभियान चलाने का प्लान तैयार किया।

सचिन पायलट को बुक्के देकर सम्मानित करते हुए यूथ कांग्रेस के पदाधिकारी
सचिन पायलट के 5 बड़े चुनावी टिप्स…
1. हर हलके में बनाएं युवाओं की ‘कोर टीम’: यूथ कांग्रेस के नेताओं को पायलट ने निर्देश दिए कि पंजाब के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों में तुरंत प्रभाव से समर्पित युवाओं की टीम बनाई जाए। यह टीम सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि बूथ स्तर पर सक्रिय रहनी चाहिए।
2. सोशल मीडिया नहीं, 'डोर-टू-डोर' पर फोकस: पायलट ने नेताओं को नसीहत दी कि सोशल मीडिया की लोकप्रियता वोट बैंक में तब तक नहीं बदलती जब तक नेता जनता के बीच न हों। युवाओं को हर गांव और वार्ड में जाकर लोगों से सीधे संवाद करने को कहा गया है।
3. स्थानीय मुद्दों पर सरकार को घेरें: पंजाब के युवाओं से जुड़े मुख्य मुद्दों जैसे नशे की समस्या, बेरोजगारी, और किसानों के मुद्दों पर यूथ कांग्रेस को आक्रामक रुख अपनाने का निर्देश दिया गया। पायलट ने कहा कि हर जिले में स्थानीय समस्याओं को लेकर जिला प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाई जाए।
4. अनुशासन और एकजुटता सबसे जरूरी: पायलट ने साफ शब्दों में कहा कि गुटबाजी से परे रहकर सिर्फ ‘पंजे’ के लिए काम करना होगा। आपसी मतभेदों को भुलाकर एक मजबूत टीम के रूप में मैदान में उतरने की हिदायत दी गई।
5. फिटनेस और एक्टिवनेस का संदेश: खुद एक एथलेटिक और ऊर्जावान छवि रखने वाले पायलट ने युवा नेताओं से कहा कि राजनीति में शारीरिक और मानसिक रूप से सक्रिय दिखना बेहद जरूरी है। यूथ लीडर ऐसा होना चाहिए जो जनता के बीच हर समय दौड़-भाग कर सके।
पायलट के इस कदम के क्या हैं मायने?
नया कैडर तैयार करना: पंजाब कांग्रेस में वरिष्ठ नेताओं के बीच समय-समय पर दिखने वाली खींचतान के बीच पायलट की नजर यूथ के जरिए एक नया और वफादार कैडर खड़ा करने पर है। इसके जरिए पायलट सीनियर नेताओं को एक संदेश भी देना चाहते हैं कि अगर उन्होंने पार्टी के दिशा निर्देश नहीं माने तो सेकेंड लाइन तैयार है।
2027 की तैयारी: भले ही विधानसभा चुनावों में समय हो, लेकिन बूथ लेवल पर पकड़ मजबूत करने के लिए यूथ कांग्रेस को अभी से एक्टिव करना कांग्रेस की दूरगामी रणनीति का हिस्सा है। पायलट यूथ की टीम को पूरी तरह से 2027 के चुनाव पर फोकस करवा रही है।
युवा वोट बैंक पर नजर: पंजाब में युवाओं की आबादी एक बड़ा वोट बैंक है। नशा विरोधी अभियानों और रोजगार के मुद्दे पर यूथ कांग्रेस के जरिए युवाओं को पार्टी से जोड़ने की योजना है।
'विजय कांग्रेस, विजय पंजाब' का दिया नारा
बैठक के बाद पायलट ने अपने संदेश में कहा कि पंजाब यूथ कांग्रेस आने वाले दिनों में पूरी ताकत के साथ जमीन पर उतरेगी और दिन-रात मेहनत करेगी। उन्होंने 'विजय कांग्रेस, विजय पंजाब' का संकल्प दोहराते हुए कहा कि पंजाब का युवा ही राज्य में बदलाव का आधार बनेगा। पंजाब यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष शुभम शर्मा ने विश्वास दिलाया कि राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा दिए गए निर्देशों को तुरंत प्रभाव से लागू किया जाएगा। अगले एक सप्ताह के भीतर सभी जिलों में बैठकों का दौर शुरू होगा और हलका स्तर पर कमेटियों का गठन पूरा कर लिया जाएगा।