September 23, 2026

आईएसएफ के हाथ से ‘लिफाफा’ क्यों गया?: कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती, आज होगी अहम सुनवाई

इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) के नेता और भांगड़ से विधायक नौशाद सिद्दीकी की याचिका पर आज कलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। सिद्दीकी ने चुनाव आयोग के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें ISF का चुनाव चिह्न ‘लिफाफा’ बदलकर ‘अलमारी’ कर दिया गया है। ISF ने 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ा था। सिद्दीकी के वकील शमीम अहमद ने मंगलवार को जस्टिस कृष्ण राव की अदालत में इस मामले का जिक्र करते हुए तत्काल सुनवाई की मांग की थी। हाईकोर्ट की प्रकाशित सूची के मुताबिक, आज जस्टिस राव की अदालत में इस याचिका पर सुनवाई होगी।



उपचुनाव से पहले चुनाव चिह्न का मामला अहम


पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होने हैं। चुनाव प्रचार 4 अक्टूबर को खत्म होगा। ISF ने नंदीग्राम सीट से अपना उम्मीदवार भी उतारा है। ऐसे में पार्टी के चुनाव चिह्न को लेकर चल रहा विवाद उपचुनाव से पहले अदालत पहुंच गया है।

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नौशाद सिद्दीकी ने लगाया ‘अन्याय’ का आरोप


भांगड़ से ISF विधायक और पार्टी के नेता नौशाद सिद्दीकी ने हाईकोर्ट में दायर याचिका में चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती दी है। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्रवाई को लेकर "अन्याय" किए जाने का दावा किया है।

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विधानसभा चुनाव में ISF के पास था ‘लिफाफा’


ISF ने 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न के साथ चुनाव लड़ा था। इसके बाद चुनाव आयोग ने नौशाद सिद्दीकी के नेतृत्व वाली ISF को ‘लिफाफा’ की जगह ‘अलमारी’ चुनाव चिह्न आवंटित कर दिया।



TMC के दो धड़ों के विवाद से जुड़ा है मामला


चुनाव चिह्न में बदलाव का मामला तृणमूल कांग्रेस के दो धड़ों के बीच चल रहे विवाद से भी जुड़ा है। चुनाव आयोग ने ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाली डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस को आवंटित किया है। दूसरे धड़े की अगुवाई ममता बनर्जी कर रही हैं। इस धड़े को फुटबॉल खिलाड़ी वाला चुनाव चिह्न दिया गया है।



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17 सितंबर को TMC के नाम और चुनाव चिह्न पर लगी अस्थायी रोक


चुनाव आयोग ने 17 सितंबर को तृणमूल कांग्रेस के नाम और उसके ‘फूल और घास’ वाले चुनाव चिह्न को अस्थायी रूप से फ्रीज कर दिया था। यह फैसला पार्टी के दोनों धड़ों के बीच चल रहे आंतरिक नेतृत्व विवाद के बीच लिया गया था। आज की सुनवाई में कलकत्ता हाईकोर्ट ISF की उस याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें पार्टी ने अपने ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न को बदलने के चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती दी है।