September 22, 2026

'ऑटो से आओ वरना काम नहीं मिलेगा...', मीका सिंह को स्ट्रगल डेज में इस सिंगर ने दी थी सलाह

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'ऑटो से आओ वरना काम नहीं मिलेगा...', मीका सिंह को स्ट्रगल डेज में इस सिंगर ने दी थी सलाह

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'ऑटो से आओ वरना काम नहीं मिलेगा...', मीका सिंह को स्ट्रगल डेज में इस सिंगर ने दी थी सलाह

बॉलीवुड के फेमस सिंगर मीका सिंह आज इंडस्ट्री के जाने-माने नाम हैं, लेकिन हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने से पहले उनका सफर काफी अलग रहा। बॉलीवुड में कदम रखने से पहले ही मीका पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना चुके थे। उनके गाने ‘सावन में लग गई आग’ ने उन्हें जबरदस्त लोकप्रियता दिलाई थी और इसके बाद उन्हें लगातार लाइव शो मिलने लगे। हाल ही में एक बातचीत में मीका सिंह ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि जब वह बॉलीवुड में काम पाने के लिए संघर्ष कर रहे थे, तब एक तरफ उन्हें फिल्मों में गाने का मौका नहीं मिल रहा था, वहीं दूसरी तरफ वह लाइव शो से अच्छी कमाई कर रहे थे। उस दौर में मीका हमर जैसी महंगी गाड़ी चलाते थे। उनकी यह गाड़ी ही कई बार लोगों का ध्यान खींचने की वजह बन जाती थी।

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‘सावन में लग गई आग’ ने बदल दी जिंदगी

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‘सावन में लग गई आग’ ने बदल दी जिंदगी

मीका सिंह ने बताया कि उनका सपना शुरुआत में सिंगर बनने का नहीं बल्कि म्यूजिक डायरेक्टर बनने का था। लेकिन जब उनका गाना ‘सावन में लग गई आग’ सुपरहिट हुआ तो उनकी जिंदगी का रास्ता ही बदल गया। मीका के मुताबिक, उन्हें खुद भी उम्मीद नहीं थी कि यह गाना इतना बड़ा हिट हो जाएगा। उन्होंने बताया कि वह खुद को उस समय बहुत अच्छा सिंगर भी नहीं मानते थे, लेकिन गाने की सफलता ने उन्हें बतौर सिंगर आगे बढ़ने का मौका दिया। गाने के हिट होने के बाद उन्हें लगातार लाइव शो मिलने लगे और उनकी कमाई भी तेजी से बढ़ी।

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500 रुपये से सीधे 10 हजार रुपये प्रति शो कमाने लगे

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500 रुपये से सीधे 10 हजार रुपये प्रति शो कमाने लगे

मीका ने बताया कि जब वह अपने बड़े भाई दलेर मेहंदी के ग्रुप के साथ परफॉर्म करते थे, तब उन्हें एक शो के करीब 500 रुपये मिलते थे। लेकिन ‘सावन में लग गई आग’ की सफलता के बाद उनकी कमाई बढ़कर करीब 10 हजार रुपये प्रति लाइव शो हो गई थी। इस सफलता ने उन्हें आर्थिक तौर पर काफी मजबूत कर दिया था।यही वजह थी कि जब उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखने का फैसला किया, तब उनके पास पहले से ही लाइव परफॉर्मेंस का एक मजबूत आधार था।

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बॉलीवुड में संघर्ष कर रहे थे, फिर भी हमर चलाते थे

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बॉलीवुड में संघर्ष कर रहे थे, फिर भी हमर चलाते थे

साल 2006 में जब मीका हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने मुंबई पहुंचे, उस समय कई नए सिंगर बड़े म्यूजिक डायरेक्टर्स के साथ काम पाने के लिए सालों तक कोशिश कर रहे थे। लेकिन मीका का तरीका बिल्कुल अलग था। वह ज्यादा से ज्यादा लाइव शो करना चाहते थे। इस दौरान मीका हमर चलाते थे। उन्होंने बताया कि उस समय कई लोगों को लगता था कि अगर कोई सिंगर इतनी महंगी गाड़ी में घूम रहा है तो उसे काम की जरूरत ही नहीं होगी। मीका ने बताया कि उनके दोस्त और मशहूर सिंगर शान ने भी उन्हें सलाह दी थी कि वह प्रोड्यूसर्स और म्यूजिक डायरेक्टर्स से मिलने हमर में न जाएं।

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शान ने कहा- ‘ऑटो से आओ, तभी काम मिलेगा’

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शान ने कहा- ‘ऑटो से आओ, तभी काम मिलेगा’

मीका ने शान की सलाह को याद करते हुए बताया कि शान उनसे कहते थे कि बड़ी-बड़ी गाड़ियों में मत आया करो, क्योंकि इससे लोगों को लगेगा कि तुम्हें काम की जरूरत नहीं है। शान ने उन्हें सलाह दी थी कि ऑटो से जाओ, ताकि प्रोड्यूसर को यह महसूस हो कि मीका को काम की जरूरत है और वह काम के लिए संघर्ष कर रहे हैं। लेकिन मीका ने शान की बात मानने से इनकार कर दिया। उनका मानना था कि उन्होंने इतनी मेहनत से अपनी पहचान बनाई है और वह उसे छिपाना नहीं चाहते। मीका ने कहा कि वह हमर में ही जाएंगे और किसी न किसी की नजर उन पर जरूर पड़ेगी।

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मीका ने हमर को बना लिया था अपनी पहचान

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मीका ने हमर को बना लिया था अपनी पहचान

मीका का सोचना था कि उस समय कई सिंगर खुद को प्रमोट करने के लिए अखबारों में विज्ञापन तक देते थे। इसके लिए करीब 4 लाख रुपये तक खर्च किए जाते थे। मीका को लगा कि उन्हें अपनी पहचान बनाने के लिए अलग तरीके से काम करना चाहिए। उनका मानना था कि अगर वह हमर में घूमते हैं तो लोगों को लगेगा कि कोई बड़ा सिंगर जा रहा है और उनकी तरफ ध्यान जाएगा। मीका ने बाद में बताया कि उनका यह तरीका काम भी कर गया और लोग उन्हें नोटिस करने लगे।

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प्रीतम से पहली मुलाकात भी रही मजेदार

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प्रीतम से पहली मुलाकात भी रही मजेदार

बॉलीवुड में काम तलाशने के दौरान मिका की मुलाकात म्यूजिक कंपोजर प्रीतम से हुई। हालांकि, प्रीतम से मिलने से पहले मीका के मन में उनके नाम को लेकर एक मजेदार गलतफहमी थी। मीका ने बताया कि उन्होंने प्रीतम के बारे में ज्यादा नहीं देखा था और उनके कई पंजाबी अंदाज वाले हिंदी गाने सुने थे। इसलिए उन्हें लगा था कि प्रीतम शायद कोई सिख व्यक्ति होंगे और उनका पूरा नाम प्रीतम सिंह होगा। मीका ने यह भी बताया कि शुरुआत में वह विशाल-शेखर को भी एक ही म्यूजिक कंपोजर का नाम समझते थे, जबकि वह दो लोगों की जोड़ी थी।

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‘मैं अगले दिन फ्री हूं’ नहीं कहा, ऐसे मिला पहला बड़ा मौका

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‘मैं अगले दिन फ्री हूं’ नहीं कहा, ऐसे मिला पहला बड़ा मौका

मीका ने बताया कि प्रीतम ने उन्हें अगले दिन रिकॉर्डिंग के लिए बुलाया था। लेकिन मिका ने जानबूझकर कह दिया कि वह अगले दिन व्यस्त हैं। उनका सोचना था कि अगर उन्होंने तुरंत कह दिया कि वह अगले दिन फ्री हैं तो प्रीतम को लगेगा कि उनके पास कोई काम नहीं है। इसके बाद प्रीतम ने उन्हें उसके अगले दिन बुलाया और इसी तरह मिका को ‘दिल में बजी गिटार’ गाने का मौका मिला। यह गाना फिल्म ‘अपना सपना मनी मनी’ का था और साल 2006 में रिलीज होने के बाद यह काफी लोकप्रिय हुआ।

‘दिल में बजी गिटार’ की सफलता के बाद मिका ने अगले साल प्रीतम के साथ फिर काम किया। उन्होंने फिल्म ‘जब वी मेट’ का फेमस गाना ‘मौजा ही मौजा’ गाया। यह गाना भी जबरदस्त हिट हुआ और इसके बाद मीका सिंह की आवाज हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में तेजी से पहचानी जाने लगी। लगातार हिट गानों के बाद मीका ने बॉलीवुड में अपनी एक अलग पहचान बना ली और वह इंडस्ट्री के सबसे पहचाने जाने वाले सिंगर्स में शामिल हो गए।

मीका का तरीका बाकी सिंगर्स से था बिल्कुल अलग

मीका ने अपने शुरुआती दौर को याद करते हुए बताया कि उस समय कई नए सिंगर्स बड़े म्यूजिक डायरेक्टर्स से मिलने और फिल्मों में गाने का मौका पाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। लेकिन मीका का फोकस ज्यादा से ज्यादा लाइव शो करने पर था। उनका मानना था कि अगर वह ज्यादा लोगों तक अपनी आवाज पहुंचाएंगे तो उन्हें खुद-ब-खुद पहचान मिलेगी। आज मीका सिंह बॉलीवुड के चर्चित सिंगर्स में शामिल हैं और उनके नाम कई हिट गाने दर्ज हैं। उनके संघर्ष की यह कहानी बताती है कि इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने के लिए उन्होंने दूसरों से अलग रास्ता चुना और अपनी पहचान को ही अपनी ताकत बना लिया।