September 21, 2026

जमुई वायरल वीडियो मामले पर गरमाई सियासत, राहुल गांधी ने बिहार में कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

Bihar Politics: बिहार के जमुई में 10वीं कक्षा के नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ सड़क पर कथित बदसलूकी, छेड़खानी और आपत्तिजनक व्यवहार का वीडियो वायरल होने के बाद मामला राजनीतिक तूल पकड़ चुका है। घटना को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बिहार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। 

पुलिस के अनुसार, घटना 19 सितंबर की शाम करीब सात बजे की है। बताया गया कि 10वीं कक्षा के छात्र-छात्रा कोचिंग के बाद फोटोशूट के लिए गए थे। इसी दौरान कुछ युवकों ने उन्हें सड़क पर घेर लिया और कथित तौर पर उनके साथ बदसलूकी की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। वीडियो में छह लोगों की कथित संलिप्तता दिखाई देने की बात पुलिस ने कही है।

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोमवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर घटना को लेकर बिहार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने वायरल वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि 10वीं कक्षा के छात्र-छात्रा को बीच रास्ते में रोककर कथित तौर पर प्रताड़ित और अपमानित किया गया। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि यदि घटना 19 सितंबर की है, तो सभी आरोपित अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं हुए। उन्होंने बिहार सरकार से आरोपितों के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत कार्रवाई और मामले में त्वरित न्याय की मांग की।

राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, “बिहार के जमुई का एक वीडियो बहुत बेचैन करने वाला है। 10वीं क्लास के एक छात्र और छात्रा को रास्ते में जबरदस्ती रोक लिया गया। उन्हें प्रताड़ित किया गया, अपमानित किया गया और छात्रा के साथ उत्पीड़न किया गया। बच्ची हाथ जोड़कर उसे जाने देने की विनती करती रही, मगर गुंडे उसे गलत तरीके से छूते और खींचतान करते रहे।

इन लोगों को ऐसी बदतमीज़ी करने का हक किसने दिया? यह "संस्कृति" नहीं है, यह patriarchy है: ये सोच कि किसी भी पुरुष का किसी लड़की के शरीर, उसके आने-जाने और उसकी पसंद-नापसंद पर नियंत्रण है। जब नियंत्रण को ही संस्कृति मान कर 'अंधभक्त' ऐसी सोच को सामान्य ठहराते हैं, तो भीड़ को लगने लगता है कि वही कानून है।

उस वीडियो में दिख रहे हर व्यक्ति की पहचान होनी चाहिए और उन अपराधियों पर POCSO के तहत मुकदमा चलाकर उन्हें जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए। और अगर ये घटना 19 सितंबर की है तो गुनहगार अब तक सलाखों के पीछे क्यों नहीं हैं? और बिहार सरकार जवाब दे कि शाम 7 बजे कोई लड़की राज्य की सड़कों पर सुरक्षित क्यों नहीं है?”