September 19, 2026

दिवाली-छठ पर घर जाना हुआ आसान! दिल्ली-वाराणसी के बीच दौड़ेगी स्लीपर वंदे भारत, जानिए रूट, टाइमिंग और स्टेशन

दिल्ली से वाराणसी के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। दिल्ली-वाराणसी रूट पर पहले से चल रही वंदे भारत के बाद अब एक और तेज ट्रेन शुरू करने की तैयारी की जा रही है। खास बात यह है कि नई ट्रेन वंदे भारत स्लीपर होगी।करीब 770 किलोमीटर लंबे इस रूट पर नई स्लीपर ट्रेन से सफर का समय करीब 8 घंटे रहने की उम्मीद है। मौजूदा कई सुपरफास्ट ट्रेनों को यही दूरी तय करने में 12 से 14 घंटे तक लग जाते हैं।

दिवाली-छठ पर मिल सकता है यात्रियों को फायदा

सूत्रों के मुताबिक, दिवाली और छठ पूजा के दौरान दिल्ली से पूर्वांचल और बिहार की ओर जाने वाली ट्रेनों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए इस ट्रेन को शुरू किया जा सकता है।

खास तौर पर उन यात्रियों के लिए यह ट्रेन एक विकल्प बन सकती है, जिन्हें बिहार जाने के लिए सीधी ट्रेन नहीं मिल पाती। वाराणसी पहुंचने के बाद पूर्वांचल और आसपास के कई इलाकों के यात्रियों को आगे का सफर करने में सुविधा मिल सकती है।

रात में दिल्ली से चलेगी, सुबह वाराणसी पहुंचने की उम्मीद

प्रस्तावित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के दिल्ली से देर शाम रवाना होने और सुबह तड़के वाराणसी पहुंचने की संभावना है। वापसी में ट्रेन रात के समय वाराणसी से चलकर सुबह दिल्ली पहुंच सकती है।

रूट में कानपुर सेंट्रल और प्रयागराज जंक्शन जैसे प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव मिलने की संभावना बताई जा रही है। हालांकि अंतिम रूट, टाइमिंग और स्टॉपेज रेलवे की आधिकारिक घोषणा के बाद ही तय माने जाएंगे।

वंदे भारत स्लीपर में मिलेंगी ये सुविधाएं

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को लंबी दूरी की रात की यात्रा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें यात्रियों को कई आधुनिक सुविधाएं मिलती हैं।

  • 16 कोच: 1 फर्स्ट एसी, 4 एसी टियर-2 और 11 एसी थर्ड-टियर कोच।
  • 823 यात्रियों की क्षमता: ट्रेन में बड़ी संख्या में यात्री सफर कर सकेंगे।
  • आरामदायक बर्थ: चौड़ी और ज्यादा आरामदायक बर्थ के साथ रीडिंग लाइट की सुविधा।
  • चार्जिंग सुविधा: मोबाइल और लैपटॉप चार्ज करने के लिए सॉकेट उपलब्ध।
  • टच-फ्री टॉयलेट: सेंसर आधारित सुविधाओं के साथ आधुनिक वैक्यूम टॉयलेट।
  • ऑटोमैटिक दरवाजे: ट्रेन रुकने के बाद ही दरवाजे खुलने की व्यवस्था।
  • दिव्यांग यात्रियों के लिए सुविधा: विशेष रूप से डिजाइन किए गए टॉयलेट और आसान आवागमन की व्यवस्था।
  • कवच सुरक्षा प्रणाली: ट्रेन को स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम कवच से लैस किया गया है।
  • कम झटके: सेमी-परमानेंट कपलर की वजह से सफर के दौरान झटकों को कम करने में मदद मिलेगी।

दिल्ली-वाराणसी रूट पर पहले भी शुरू हुई थी पहली वंदे भारत

देश की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस चेयर कार ट्रेन 15 फरवरी 2019 को नई दिल्ली-वाराणसी रूट पर शुरू की गई थी। इसके बाद इस रूट पर यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए वंदे भारत की सेवाएं बढ़ाई गईं।

दिल्ली और वाराणसी के बीच शिवगंगा एक्सप्रेस, काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस और राजधानी जैसी प्रमुख ट्रेनों में भी यात्रियों की काफी मांग रहती है। ऐसे में स्लीपर वंदे भारत शुरू होने से रात में लंबी दूरी का सफर करने वाले यात्रियों को एक और विकल्प मिल सकता है।

इन इलाकों के यात्रियों को भी फायदा

वाराणसी पूर्वी उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख रेल केंद्र है। नई स्लीपर वंदे भारत सेवा शुरू होने पर चंदौली, मिर्जापुर, गाजीपुर, जौनपुर समेत आसपास के इलाकों के यात्रियों को फायदा मिलने की उम्मीद है। बिहार की ओर जाने वाले भभुआ और बक्सर जैसे क्षेत्रों के यात्रियों के लिए भी वाराणसी के जरिए आगे की यात्रा का विकल्प उपलब्ध हो सकता है।