पश्चिम बंगाल के पूर्वी मिदनापुर जिले के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी को लेकर लोकसभा में कांग्रेस सांसद और विपक्ष के नेता राहुल गांधी और तृणमूल कांग्रेस के बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी के बीच सोशल मीडिया पर जुबानी जंग छिड़ गई।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, मिलन प्रधान को शुक्रवार शाम को गिरफ्तार किया गया। यह घटना ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस की पूर्व उम्मीदवार संचिता डे प्रधान की ओर से नंदीग्राम उपचुनाव से अपना नामांकन वापस लेने के बाद हुई है। नामांकन वापस लेने के बाद पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ने कांग्रेस उम्मीदवार को अपना समर्थन देने का एलान की थी।
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राहुल गांधी ने क्या कहा है?
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार रात सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी कर दावा किया कि प्रधान की गिरफ्तारी राजनीतिक प्रतिशोध और लोकतंत्र की हत्या है। विपक्ष के नेता गांधी ने अपने सोशल मीडिया बयान में कहा, 'भाजपा को निष्पक्ष चुनावों पर भरोसा नहीं है, इसीलिए वह कभी वोटों की चोरी करके, कभी सरकारें चुराकर, और कभी पार्टियां तोड़कर सत्ता पर काबिज रहना चाहती है। वे चुनाव लड़ना नहीं चाहते। वे चुनावी लड़ाई को पूरी तरह खत्म करना चाहते हैं। कांग्रेस न तो डरेगी और न ही झुकेगी। हम लड़ेंगे और हम जीतेंगे।'
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ऋतब्रत ने पलटवाल में क्या कहा?
इसके ठीक एक घंटे बाद, ऋतब्रत ने विपक्ष के नेता गांधी के सोशल मीडिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मिलन प्रधान की गिरफ्तारी उनके नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस गुट की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के बाद हुई है। ऋतब्रत ने अपने बयान में आरोप लगाया, 'हम, लोकतांत्रिक तृणमूल कांग्रेस ने मिलन प्रधान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, जिनके खिलाफ तीन हत्या के मामले लंबित हैं। चुनाव के दौरान वारंट को निष्पादित करना अनिवार्य है। राज्य कांग्रेस नेतृत्व ने संभवत राहुल गांधी को असली जानकारी नहीं दी है।
शुक्रवार का दिन पश्चिम बंगाल की राजनीति के लिए काफी हलचल भरा रहा। भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) ने गुरुवार को 'अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस' नाम और 'फूल और घास' चिन्ह को निरस्त करने की घोषणा की थी, लेकिन शुक्रवार को उसने तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों को नए नाम और चिन्ह आवंटित कर दिए।
ममता की पार्टी को क्या चिन्ह्न मिला?
जहां ममता बनर्जी की पार्टी को 'ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' नाम और 'फुटबॉल खिलाड़ी' का चिन्ह आवंटित किया गया, वहीं ऋतब्रत के नेतृत्व वाले विद्रोही गुट को चुनाव आयोग द्वारा 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' नाम और 'लिफाफा' का नया चिन्ह आवंटित किया गया।
चुनाव आयोग के उस फैसले के तुरंत बाद, नंदीग्राम उपचुनाव में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की पूर्व उम्मीदवार संचिता डे प्रधान ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की। इसके बाद अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान के लिए अपने समर्थन की घोषणा की, जिन्हें उस घोषणा के कुछ ही घंटों बाद उनके खिलाफ दर्ज हत्या के एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया गया।