जालंधर में पुलिस जिस नशा तस्कर के फरार होने की बात कहकर बुलडोजर लेकर घर तोड़ने पहुंची, वह अंदर सोता मिला। पुलिस ने जैसे ही डोरबेल बजाई तो वह नींद से जागकर आंखें मलते हुए खुद ही दरवाजा खोलने बाहर आ गया।
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सामने पुलिस को देख वह हैरान रह गया और ACP और SHO के पैर छूने लगा। पुलिस रिकॉर्ड में लापता आरोपी को उसके ही घर में ही देखकर अफसर भी हक्के-बक्के रह गए।
हालांकि उसके पैर छूने की ड्रामेबाजी को दरकिनार कर पुलिस ने तुरंत उसे गिरफ्तार कर लिया और सरकारी गाड़ी में डालकर ले गए। इसके बाद बुलडोजर लेकर पहुंची नगर निगम की टीम भी लौट आई।

जालंधर पुलिस ने घर की घंटी बजाई, जिसके बाद वह बाहर निकला।
अवैध निर्माण तोड़ने पहुंची थी टीम जालंधर के हाउस नंबर 1026 में रहने वाले नशा तस्कर विक्रम सिंह उर्फ लक्की (पुत्र मनजीत सिंह) का पुलिस को कोई पता नहीं मिल रहा था। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि उसने नशीले पदार्थों की तस्करी से कमाई करके अवैध निर्माण कराया है। जिसके बाद पुलिस वहां नगर निगम की टीम को बुलडोजर समेत लेकर पहुंच गई। पुलिस और निगम की जॉइंट टीम एसीपी आतिश भाटिया और एसएचओ नरेंद्र की अगुवाई में मंगलवार सुबह 11 बजे उसके घर पहुंच गई।

घर से बाहर निकलते ही उसने पुलिस अफसर के पैर छुए।
घर का दरवाजा खुलते ही उड़े सब हैरान रह गए पुलिस अफसर कह रहे थे कि आरोपी गिरफ्तारी के डर से फरार है। उसका घर खाली होगा। जैसे ही पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई शुरू करने से पहले घर की डोरबेल बजाई तो अंदर से खुद तस्करी का आरोपी विक्रम सिंह उर्फ लक्की ही बाहर आ गया। वह उसी वक्त नींद से जागा था। पुलिस रिकॉर्ड में जो आरोपी गायब चल रहा था, उसे अचानक अपने सामने देखकर वहां मौजूद अफसर भी हैरान रह गए।

पुलिस के सामने वह लंगड़ाते हुए चलता दिखा।
थाना प्रभारी के पैर छूने लगा आरोपी बाहर आते ही आरोपी ने पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए ड्रामा शुरू कर दिया। वह तुरंत एसीपी आतिश भाटिया के सामने ही एसएचओ नरेंद्र के पांव छूने लगा और माफी मांगने लगा। हालांकि, पुलिस ने बिना किसी दबाव के मुस्तैदी दिखाई और आरोपी को तुरंत अपनी गिरफ्त में लेकर सरकारी गाड़ी में बिठाया और सीधे थाने भेज दिया।
तस्कर पर कुल 12 केस पुलिस अधिकारियों के अनुसार विक्रम सिंह उर्फ लक्की एक आदतन अपराधी है और उस पर गंभीर धाराओं के तहत कई मुकदमे दर्ज हैं। उस पर कुल 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से 7 मामले एक्साइज एक्ट, 2 से 3 मामले मारपीट व लड़ाई-झगड़े और 2 से 3 मामले एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत दर्ज हैं। वह लंबे समय से इलाके में नशीले पदार्थों की तस्करी में लिप्त था।
आरोपी पकड़े जाने के बाद कार्रवाई रोकी तस्कर के अचानक पकड़े जाने और मौके पर बने माहौल के कारण नगर निगम की टीम ने उसका मकान तोड़ने की कार्रवाई रोक दी। आरोपी को हिरासत में लेकर थाने भेजने के बाद पुलिस और प्रशासन कानूनी पहलुओं की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी और अवैध निर्माण पर भी जल्द ही उचित कदम उठाया जाएगा।