September 11, 2026

रेलवे का यह नियम आपको भी नहीं पता होगा! कन्फर्म टिकट होने के बाद भी नहीं ले सकते कौन से लाभ?

रेलवे का यह नियम आपको भी नहीं पता होगा! कन्फर्म टिकट होने के बाद भी नहीं ले सकते कौन से लाभ?

Time Published: Friday, September 11, 2026, 19:56 [IST]

Indian Railways Rules: भारतीय रेलवे से रोजाना करोड़ों यात्री सफर करते हैं। टिकट, सीट और ट्रेन के समय से जुड़ी जानकारी तो ज्यादातर लोगों को रहती है, लेकिन रेलवे के कुछ ऐसे नियम भी हैं जिनके बारे में बहुत कम यात्रियों को पता होता है। कई बार इन नियमों की जानकारी न होने पर ट्रेन में सहयात्रियों से बहस तक हो जाती है।

मसलन, कन्फर्म बर्थ मिलने का मतलब यह नहीं है कि उस पर पूरे दिन सोया जा सकता है। इसी तरह रात में टिकट जांच, बोर्डिंग स्टेशन बदलने और खाली बर्थ के इस्तेमाल से जुड़े नियम भी यात्रियों के लिए काफी अहम हैं। अगर आप अक्सर ट्रेन से सफर करते हैं, तो इन पांच नियमों को जानना आपके लिए काफी काम का हो सकता है।

Indian Railways Rules

दिनभर बर्थ पर सोने का अधिकार नहीं

कन्फर्म बर्थ मिलने के बाद कई यात्री मान लेते हैं कि वह सीट पूरे दिन उनकी है और वे जब चाहें उस पर लेट सकते हैं। लेकिन रेलवे के नियमों में बर्थ के इस्तेमाल को लेकर समय तय है। स्लीपर और एसी कोच में सोने का तय समय रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक माना जाता है। दिन के समय बर्थ का इस्तेमाल यात्रियों के बैठने के लिए किया जाता है।

ये भी पढ़ें: रेलवे में 10th पास के लिए बंपर मौका, ईस्ट कोस्ट रेलवे में निकली भर्ती, बिना परीक्षा सीधे मेरिट से चयन

इसलिए दिन में अगर कोई सहयात्री आपकी बर्थ पर बैठना चाहता है, तो केवल यह कहकर उसे रोकना सही नहीं है कि बर्थ आपके नाम पर बुक है।

रात में TTE की टिकट जांच का भी नियम

ट्रेन में सफर करने वाले बहुत कम लोगों को पता होता है कि रात में सो रहे यात्रियों को सामान्य टिकट जांच के लिए परेशान नहीं किया जाना चाहिए। आरक्षित कोच में रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच TTE को सो रहे यात्री को सामान्य जांच के लिए जगाने से बचना चाहिए।

हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि TTE इस समय किसी भी स्थिति में जांच नहीं कर सकता। अगर किसी यात्री के बिना टिकट यात्रा करने या किसी तरह की अनियमितता का संदेह हो, तो स्थिति अलग हो सकती है। यानी यह नियम सामान्य जांच के दौरान सो रहे यात्रियों को अनावश्यक परेशानी से बचाने के लिए है।

बोर्डिंग स्टेशन बदला तो पुराने स्टेशन से नहीं चढ़ पाएंगे

कई यात्री टिकट बुक करने के बाद अपनी सुविधा के अनुसार बोर्डिंग स्टेशन बदल देते हैं। रेलवे इसके लिए ऑनलाइन सुविधा देता है, लेकिन स्टेशन बदलने के बाद एक जरूरी बात याद रखना चाहिए। अगर आपने अपना बोर्डिंग पॉइंट बदल दिया है, तो पुराने स्टेशन से ट्रेन में चढ़ने का अधिकार भी खत्म हो जाता है।

ऐसे में ट्रेन में चढ़ने के लिए आपको नए चुने गए बोर्डिंग स्टेशन का ही इस्तेमाल करना चाहिए। पुराने स्टेशन से चढ़ने की कोशिश करने पर आपकी बर्थ किसी दूसरे यात्री को आवंटित की जा सकती है। इसलिए ऑनलाइन बोर्डिंग स्टेशन बदलते समय यह बात जरूर ध्यान में रखें।

5 साल से छोटे बच्चे के लिए बर्थ जरूरी नहीं

छोटे बच्चों के साथ ट्रेन से सफर करने वाले माता-पिता के लिए भी रेलवे का एक अहम नियम है। अगर बच्चे की उम्र 5 साल से कम है, तो उसके लिए अलग सीट या बर्थ लेना जरूरी नहीं है। बच्चा अपने माता-पिता या साथ यात्रा कर रहे व्यक्ति के साथ सफर कर सकता है। हालांकि, अगर अभिभावक बच्चे के लिए अलग बर्थ लेना चाहते हैं, तो रेलवे की तय व्यवस्था के अनुसार टिकट बुक किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में सामान्य किराया लागू हो सकता है।

इसलिए छोटे बच्चे के साथ यात्रा की योजना बनाते समय यह नियम जानना टिकट बुकिंग के दौरान उपयोगी हो सकता है।

खाली बर्थ दिखे तो उस पर बैठना आपका अधिकार नहीं

ट्रेन में सफर के दौरान कई बार कोई सीट या बर्थ खाली दिखाई देती है। लेकिन खाली दिख रही बर्थ का मतलब यह नहीं है कि कोई भी यात्री उस पर जाकर बैठ या सो सकता है। खाली बर्थ का आवंटन रेलवे की तय प्रक्रिया के अनुसार होता है। खासकर RAC यात्रियों को बर्थ खाली होने पर रेलवे कर्मचारी की ओर से वह बर्थ दी जा सकती है।

इसलिए अगर ट्रेन में कोई बर्थ खाली नजर आए, तो खुद से उस पर कब्जा करने के बजाय TTE से जानकारी लेना बेहतर है। केवल बर्थ खाली होने से उस पर आपका अधिकार नहीं बन जाता।

इन नियमों की जानकारी क्यों जरूरी है?

रेलवे के कई नियम रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को भी पूरी तरह पता नहीं होते। बर्थ पर सोने का समय, रात में सामान्य टिकट जांच, बोर्डिंग स्टेशन बदलने के बाद यात्रा, छोटे बच्चे के लिए बर्थ और खाली सीट के इस्तेमाल जैसे नियम देखने में छोटे लग सकते हैं, लेकिन ट्रेन में इन्हीं बातों को लेकर यात्रियों के बीच विवाद हो सकता है।

इसलिए ट्रेन में सफर करने से पहले टिकट और सीट की जानकारी के साथ रेलवे के ऐसे कम चर्चित नियमों को जान लेना भी जरूरी है। खासकर बोर्डिंग पॉइंट बदलने या खाली बर्थ इस्तेमाल करने जैसी स्थिति में नियम पता होने से अनावश्यक परेशानी से बचा जा सकता है।

ये भी पढ़ें: RRB NTPC UG CBT 2 परीक्षा की तारीख घोषित, कब आएगा एडमिट कार्ड? चेक करें एग्जाम डेट