September 11, 2026

हॉस्पिटल में कहीं स्ट्रेचर नहीं, कहीं वार्ड में पंखे बंद: हाथ में बोतल लेकर पेशेंट को जिला अस्पताल लाया अटेंडर, सीधी में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं बदहाल - Sidhi News

सीधी जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। जिले के अलग-अलग अस्पतालों से सामने आ रही तस्वीरें सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की हकीकत दिखा रही हैं।

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मझौली अस्पताल में मरीज और उनके परिजन गर्मी में बिना पंखे के बैठने को मजबूर हैं। वहीं, सेमरिया अस्पताल में डॉक्टर, नर्स और ओपीडी कर्मचारी तय समय पर नहीं पहुंचते।

सबसे हैरान करने वाली तस्वीर सीधी जिला अस्पताल से सामने आई है। यहां एक बीमार महिला को स्ट्रेचर नहीं मिला। महिला हाथ में ड्रिप लगाए अपने परिजनों के सहारे करीब 100 मीटर दूर महिला वार्ड तक पैदल जाती दिखी।

मौके पर नहीं मिली स्ट्रेचर

गुरुवार शाम करीब 6 बजे इस घटना का वीडियो सामने आया है। महिला की पहचान ग्राम गोडाही निवासी राजकली कुशवाहा के तौर पर हुई है। राजकली ने बताया कि गुरुवार सुबह अचानक उनकी तबीयत खराब हुई थी और उन्हें ब्लीडिंग हो रही थी।

इसके बाद परिजन उन्हें इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरिया लेकर पहुंचे। वहां उनकी हालत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें सीधी जिला अस्पताल भेजा गया। जिला अस्पताल में भर्ती कर उनका इलाज चल रहा था।

राजकली के अनुसार, गुरुवार शाम करीब 6 बजे उन्हें पुरानी अस्पताल से नई अस्पताल स्थित महिला वार्ड में भेजा गया। लेकिन इस दौरान उन्हें स्ट्रेचर नहीं मिला।

मजबूरन वह हाथ में ड्रिप लगाए अपने परिजनों के सहारे पैदल ही दूसरे अस्पताल भवन तक पहुंचीं। अस्पताल के अंदर पहुंचने के बाद भी उन्हें तुरंत बेड नहीं मिल सका और वह जमीन पर लेटी हुई दिखीं।

वीडियो में आसपास अस्पताल का कोई कर्मचारी मौजूद नजर नहीं आ रहा है। इसके बाद परिजन महिला को निजी अस्पताल लेकर गए, जहां उसका इलाज कराया जा रहा है।

मझौली में गर्मी और मच्छरों से परेशान मझौली अस्पताल की तस्वीर भी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। यहां मरीज और अटेंडर गर्मी से परेशान नजर आए। अस्पताल में पंखों के स्विच चालू होने के बावजूद पंखे बंद पड़े होने की बात सामने आई है।

मरीजों का कहना है कि इलाज के लिए अस्पताल आने के बाद भी उन्हें बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ रहा है।

यहां टाइम पर नहीं पहुंचे कर्मचारी

इसके अलावा सिमरिया अस्पताल में भी ड्यूटी व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि सुबह 9 बजे ड्यूटी का निर्धारित समय होने के बावजूद डॉक्टर, नर्स और ओपीडी से जुड़े कर्मचारी करीब 10 बजे अस्पताल पहुंचते हैं। ऐसे में शुरुआती समय में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को इंतजार करना पड़ता है।

मझौली अस्पताल में बंद पंखा।

मझौली अस्पताल में बंद पंखा।

पहले से बेहतर हुई सुविधा

पूरे मामले को लेकर जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक खरे ने कहा कि जब से उन्होंने कार्यभार संभाला है, तब से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में लंबे समय से चली आ रही कई कमियों को सुधारने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लगातार निरीक्षण किए जा रहे हैं।

मझौली में बोर्ड लगा है पर पंखे खराब हैं।

मझौली में बोर्ड लगा है पर पंखे खराब हैं।

दोषियों पर एक्शन लेंगे

शुक्रवार को उन्होंने सिविल सर्जन डॉ. दीपा रानी के साथ अस्पताल का निरीक्षण किया और कई कमियां पाई गईं। उन्होंने कहा कि कमियों को लेकर नाराजगी व्यक्त की गई है और व्यवस्थाओं में जल्द सुधार किया जाएगा। साथ ही जो भी कर्मचारी या अधिकारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।