September 10, 2026

शिक्षक भर्ती प्रदर्शन: भोपाल के नीलम पार्क में शुक्रवार को बड़ी संख्या की तैयारी

भोपाल, 10 सितंबर 2026: पिछले 19 दिनों से राजधानी भोपाल के नीलम पार्क में टेंट लगाकर प्रदर्शन कर रहे वर्ग 2 एवं 3 शिक्षक भर्ती परीक्षा 2023 की अभ्यर्थी शुक्रवार 11 सितंबर 2026 को बड़ी संख्या दिखाने की तैयारी कर रहे हैं। उल्लेखनीय है की पांच सितंबर को पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह शामिल हुए थे। उसके बाद आज स्कूल शिक्षा विभाग के सूत्रों ने स्पष्ट कर दिया कि प्रदर्शनकारी ऐसी चीज मांग रहे हैं जो उनकी है ही नहीं, और उपलब्ध भी नहीं है। 

नीलम पार्क में प्रदर्शनकारियों की संख्या 5 सितंबर शाम से ही काम होना शुरू हो गई थी। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह शामिल हुए थे। फिर उन्होंने किसी से फोन पर बात करने के बाद बताया था कि उनकी बात स्कूल शिक्षा मंत्री से हुई है। वह मंगलवार को भोपाल आ रहे हैं, उन्होंने आश्वासन दे दिया है। इस ऐलान के साथ ही भूख हड़ताल भी समाप्त हो गई थी। उम्मीदवार इंतजार करते रहे, मंगलवार, फिर बुधवार और आज गुरुवार को भी मंत्री जी से मुलाकात नहीं हुई। इधर स्कूल शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने मीडिया से चर्चा के दौरान स्पष्ट किया कि, प्रदर्शनकारियों के प्रति सब की सहानुभूति है लेकिन उनकी मांग किसी भी स्थिति में पूरी नहीं की जा सकती है। 

जो पद रिक्त हैं वह कौन से हैं, जानिए

पॉइंट नंबर 1: विभाग में सीधी भर्ती के तहत अधिकांश रिक्त पद गणित एवं विज्ञान विषयों से संबंधित हैं। ऐसे में इन विशेष विषयों के पदों पर अन्य विषयों (आर्ट एवं कॉमर्स) के अभ्यर्थियों को नियुक्ति की पात्रता नहीं दी जा सकती।

पॉइंट नंबर 2: अनुसूचित जाति (SC) एवं अनुसूचित जनजाति (ST) के पात्र अभ्यर्थी उपलब्ध न होने के कारण बैकलॉग के पद बड़ी संख्या में रिक्त पड़े हैं। नियमों के अनुसार इन पदों पर अन्य प्रवर्ग के अभ्यर्थियों की नियुक्ति संभव नहीं है।

पॉइंट नंबर 3: उपलब्ध कुल रिक्त पदों में से लगभग 59,000 पद पदोन्नति (Promotion) के लिए तय हैं। शान द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार इन पदों पर सेवारत शिक्षकों को पदोन्नति देकर ही भरा जा सकता है। 

प्रदर्शनकारी अपनी विश्वसनीयता खो रहे हैं 

प्रदर्शन कर रहे कई अभ्यर्थी स्वयं को चयनित शिक्षक बता रहे हैं, जबकि उनके नाम न तो चयन सूची में हैं और न ही प्रतीक्षा सूची में। सोशल मीडिया पर पुराने फोटो और वीडियो वायरल किया जा रहे हैं। कुछ ऐसा बताया जा रहा है जैसे आज भी भारी भीड़ है। कुछ अभ्यर्थी AI से फोटो क्रिएट करके भीड़ दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। दरअसल वह शायद भूल रहे हैं कि, जनता को ना सही लेकिन प्रशासन में बैठे हुए अधिकारियों को क्रॉस चेक करना आता है। इस तरह की गतिविधियों के कारण उनकी विश्वसनीयता कम हो गई है।