कानपुर में दवा कारोबारी की हत्या का खुलासा: बहू ने नौकर को दी थी सुपारी; डुप्लीकेट चाबी से घर में घुसे थे हत्यारे
कानपुर के रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया। जांच में बहू शालू की भूमिका सामने आई। पूर्व नौकर विशाल और साथी राजकिशोर गिरफ्तार किए गए।
कानपुर के कल्याणपुर में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में बड़ा खुलासा बहू ने नौकर को सुपारी देकर कराई ससुर की हत्या (फाइल फोटो)
- Published: 07 Sep 2026, 10:10 PM IST
- Last Updated: 07 Sep 2026, 10:10 PM IST
Kanpur News: कानपुर के कल्याणपुर स्थित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट के सी-104 फ्लैट में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। पुलिस जांच के मुताबिक, हत्या किसी बाहरी गिरोह ने नहीं, बल्कि कारोबारी की बहू शालू ने पूर्व घरेलू नौकर विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर के जरिए कराई थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि शालू को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है। पुलिस के अनुसार, जांच में उसकी भूमिका सामने आई है।
पार्टी से देर रात लौटने पर ससुर ने लगाई थी फटकार
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि 28 जुलाई को शालू देर रात एक पार्टी से घर लौटी थी। इस दौरान उसके ससुर विनीत मिनोचा ने उसे फटकार लगाई थी। इसके अलावा विनीत ने हाल ही में फ्लैट के मुख्य दरवाजे और बालकनी में सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे। पुलिस के मुताबिक, शालू को लगता था कि उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
पुलिस का कहना है कि पारिवारिक विवाद और इस घटना से पैदा हुई नाराजगी के चलते शालू ने ससुर की हत्या की साजिश रची। जन्माष्टमी के दौरान घर आए पूर्व नौकर विशाल गौतम से उसने संपर्क किया और हत्या की योजना तैयार की।
स्वाभाविक मौत दिखाने की थी साजिश, डुप्लीकेट चाबी से घर में घुसे
डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आब्दी के मुताबिक, आरोपियों का मकसद हत्या को सामान्य मौत या साइलेंट हार्ट अटैक जैसा दिखाना था। पुलिस जांच में सामने आया कि शालू ने विशाल को फ्लैट की डुप्लीकेट चाबी उपलब्ध कराई थी।
वारदात वाली रात विनीत मिनोचा घर में अकेले थे। उनका बेटा सुब्रत, बहू शालू और बच्चा एक पार्टी में गए थे। पुलिस के मुताबिक, शालू के परिवार के साथ घर से निकलने से पहले ही विशाल अपने साथी राजकिशोर के साथ दवा देने के बहाने फ्लैट में पहुंच गया था।
अपार्टमेंट के गेट पर सुरक्षा गार्ड ने दोनों युवकों को रोक लिया था। पुलिस के अनुसार, शालू ने फोन पर गार्ड से बात कर दोनों को अंदर आने देने के लिए कहा। इसके बाद दोनों आरोपी फ्लैट के बेडरूम में छिप गए।
रात में जब विनीत कमरे बंद करने के लिए पहुंचे तो उन्हें दोनों आरोपियों के वहां छिपे होने का पता चला। इसके बाद दोनों ने उन पर हमला कर दिया। हमले में विनीत के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उनकी मौत हो गई। रात करीब 3 बजे परिवार के वापस लौटने पर घटना का पता चला।
दिनांक 06.09.2026 को दवा कारोबारी की हत्या के मामले में गिरफ्तार दोनों अभियुक्तों से पूछताछ के दौरान मृतक की बहू की भूमिका सामने आई है। जांच में पता चला है कि घटना की साजिश लगभग 15-20 दिन पूर्व रची गई थी और बहू ने ही अभियुक्तों को घर व सोसाइटी में प्रवेश कराने में मदद की थी।
— POLICE COMMISSIONERATE KANPUR NAGAR (@kanpurnagarpol) September 7, 2026
एक… pic.twitter.com/i9UtK7eC8I
तीन अहम सुरागों से बहू पर गहराया शक
शुरुआती जांच में पुलिस को तीन ऐसे अहम सुराग मिले, जिनसे मामले की दिशा बदल गई। लूट का कोई सबूत नहीं: पुलिस के मुताबिक, घर की अलमारियां सुरक्षित थीं और कोई कीमती सामान या नकदी गायब नहीं मिली। इससे हत्या के पीछे लूट की आशंका कमजोर हुई।
सुरक्षा गार्ड का बयान: सुरक्षा गार्ड मदन ने पुलिस को बताया कि शालू के फोन पर कहने के बाद ही दोनों युवकों को अपार्टमेंट के अंदर जाने दिया गया था।
CDR में लगातार संपर्क: पुलिस जांच के अनुसार, 1 जुलाई से वारदात वाले दिन तक शालू और विशाल के बीच करीब 35 से 40 बार बातचीत हुई। इनमें घटना वाले दिन दोनों के बीच 14 बार फोन पर संपर्क हुआ था।
2022 में चोरी के आरोप में नौकरी से निकाला गया था विशाल
पुलिस के अनुसार, विशाल गौतम वर्ष 2010 से विनीत मिनोचा की बिरहाना रोड स्थित फर्म 'फार्मा ट्रेडर्स' में काम करता था। वर्ष 2022 में दुकान से चोरी के आरोप में विनीत ने उसे नौकरी से निकाल दिया था।
हालांकि, इसके बाद भी विशाल कारोबारी के बेटे सुब्रत के छोटे-मोटे घरेलू कामों के लिए कभी-कभार घर आता-जाता था। पुलिस का कहना है कि इसी पुराने विवाद और रंजिश का फायदा उठाकर शालू ने विशाल को हत्या के लिए तैयार किया।
15-20 दिन पहले रची गई थी हत्या की साजिश
पुलिस कमिश्नरेट कानपुर के मुताबिक, दोनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान मृतक की बहू की भूमिका सामने आई। जांच में यह भी पता चला कि हत्या की साजिश वारदात से करीब 15 से 20 दिन पहले रची गई थी।
पुलिस के अनुसार, शालू ने आरोपियों को घर और सोसाइटी में प्रवेश कराने में मदद की थी। पुलिस अब हत्या में इस्तेमाल हथियार, सुपारी की रकम और अन्य साक्ष्यों की तलाश में जुटी है।
1056 फ्लैट और 650 CCTV के बावजूद सुरक्षा पर सवाल
रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट परिसर में करीब 1056 फ्लैट, 27 बंगले, 45 सुरक्षा गार्ड और लगभग 650 सीसीटीवी कैमरे बताए गए हैं। इतने बड़े सुरक्षा तंत्र के बावजूद हत्या के लिए दो बाहरी लोगों का फ्लैट के अंदर पहुंच जाना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
घटना वाली रात गेट पर सुरक्षा में कथित लापरवाही और सुरक्षा रजिस्टर में एंट्री नहीं होने का पहलू भी जांच के दायरे में है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, कारोबारी के बेटे सुब्रत की इस हत्याकांड में अब तक कोई संलिप्तता सामने नहीं आई है। मामले में पुलिस आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई कर रही है।