एक्सप्लोरर
हिंदी न्यूज़ऑटोपेट्रोल छोड़ अब इन गाड़ियों की ओर रुख कर रहे लोग, सामने आए ये आंकड़े
पेट्रोल छोड़ अब इन गाड़ियों की ओर रुख कर रहे लोग, सामने आए ये आंकड़े
CNG और EV के साथ हाइब्रिड कारों की तरफ भी रुझान बढ़ रहा है. हाइब्रिड कारों में पेट्रोल इंजन के साथ इलेक्ट्रिक मोटर का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे बेहतर फ्यूल एफिशिएंसी हासिल करने में मदद मिलती है.
Written By : क़मरजहां | Updated at : 07 Sep 2026 02:45 PM (IST)

पेट्रोल गाड़ियों की सेल
Source : Social Media
भारत में कार खरीदने वाले ग्राहक अब सिर्फ पेट्रोल या डीजल कारों तक सीमित नहीं रहना चाहते. अगस्त 2026 की कार बिक्री के आंकड़ों से पता चलता है कि CNG, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक कारों की मांग तेजी से बढ़ रही है. इन तीनों तरह की गाड़ियों ने मिलकर पैसेंजर व्हीकल मार्केट में 42 फीसदी हिस्सेदारी हासिल कर ली है. वहीं पेट्रोल कारों की हिस्सेदारी घटकर 41 फीसदी रह गई है. यानी पहली बार इन फ्यूल वाली कारों की कुल हिस्सेदारी पेट्रोल कारों से ज्यादा हो गई है.
खास बात यह है कि फ्यूल ऑप्शन को लेकर ग्राहकों की पसंद बदलने के बावजूद कारों की कुल बिक्री पर इसका नकारात्मक असर नहीं पड़ा है. अगस्त 2026 में देश में पैसेंजर व्हीकल की रिटेल बिक्री सालाना आधार पर करीब 16 फीसदी बढ़कर लगभग 4.01 लाख यूनिट पहुंच गई.
इसका मतलब है कि ग्राहक कार खरीद रहे हैं, लेकिन अब कार चुनते समय पेट्रोल को ही डिफॉल्ट ऑप्शन नहीं मान रहे हैं. माइलेज, फ्यूल का खर्च, कार की कीमत और नई टेक्नोलॉजी जैसे कई कारण अब खरीदारी के फैसले को प्रभावित कर रहे हैं.
कितनी घट गई हिस्सेदारी?
- अगस्त 2026 में पेट्रोल कारों की बाजार हिस्सेदारी घटकर 41 फीसदी रह गई, जो अब तक का सबसे निचला स्तर बताया जा रहा है. पिछले साल अगस्त में पेट्रोल कारों की हिस्सेदारी करीब 46 फीसदी थी. यानी सिर्फ एक साल में इसमें 5 फीसदी की गिरावट आई है. इसके पीछे CNG कारों की बढ़ती पॉपुलेरिटी के साथ-साथ इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड गाड़ियों की मांग बढ़ना भी एक बड़ा कारण माना जा रहा है.

- अगस्त में CNG कारों ने सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वाले फ्यूल ऑप्शन में अपनी जगह बनाई. पैसेंजर व्हीकल बिक्री में CNG की हिस्सेदारी बढ़कर करीब 25 फीसदी हो गई, जबकि पिछले साल अगस्त में यह लगभग 21 फीसदी थी. पेट्रोल के मुकाबले कम रनिंग कॉस्ट और बेहतर माइलेज के चलते ग्राहक CNG कारों को पसंद कर रहे हैं. यही वजह है कि अब कई कंपनियां अपने ज्यादा से ज्यादा मॉडल में फैक्ट्री-फिटेड CNG का ऑप्शन देने पर ध्यान दे रही हैं.
- CNG सेगमेंट में मारुति सुजुकी की पकड़ अभी भी काफी मजबूत है. अगस्त के आंकड़ों के मुताबिक देश में बिकने वाली CNG कारों में मारुति सुजुकी की हिस्सेदारी करीब 71 प्रतिशत रही. इसके बाद टाटा मोटर्स करीब 17 प्रतिशत और हुंडई करीब 9 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ आगे रही. हालांकि, हाल में दिल्ली में CNG की कीमत बढ़ने के बावजूद इस फ्यूल की मांग मजबूत बनी हुई है.
इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में 52% बढ़ोतरी
- इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में भी अगस्त के दौरान काफी तेजी देखने को मिली. EV की बिक्री सालाना आधार पर 52 प्रतिशत बढ़कर करीब 30,700 यूनिट हो गई. इसके साथ ही पैसेंजर व्हीकल मार्केट में इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी बढ़कर 7.7 प्रतिशत पहुंच गई, जबकि पिछले साल अगस्त में यह करीब 5.9 फीसदी थी.
- जुलाई 2026 में EV की हिस्सेदारी 8.1 प्रतिशत थी, इसलिए अगस्त में इसमें थोड़ी कमी आई है. इसके बावजूद अगस्त इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री के लिहाज से अब तक का तीसरा सबसे अच्छा महीना रहा. इससे साफ है कि भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक कारों की स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही है.

- इलेक्ट्रिक कारों के बाजार में Tata Motors की पकड़ अभी भी मजबूत बनी हुई है. अगस्त में कंपनी की EV मार्केट हिस्सेदारी करीब 43 प्रतिशत तक पहुंच गई. यह दिसंबर 2025 के बाद कंपनी का सबसे अच्छा प्रदर्शन बताया गया है. कंपनी लगातार अपने इलेक्ट्रिक कार पोर्टफोलियो को मजबूत करने और नए मॉडल पेश करने पर काम कर रही है, जिसका फायदा उसे EV बाजार में मिल रहा है.
डीजल कारों की हिस्सेदारी
- पेट्रोल, CNG और इलेक्ट्रिक के बीच मुकाबला बढ़ने के बावजूद डीजल कारों की मांग पूरी तरह खत्म नहीं हुई है. अगस्त में पैसेंजर व्हीकल मार्केट में डीजल कारों की हिस्सेदारी करीब 17 प्रतिशत रही. बाजार में डीजल मॉडल की संख्या पहले के मुकाबले कम हुई है, लेकिन अभी भी ऐसे ग्राहक मौजूद हैं जो खासतौर पर ज्यादा टॉर्क, लंबी दूरी और कुछ खास उपयोग के लिए डीजल कारों को प्राथमिकता देते हैं.
- CNG और EV के साथ हाइब्रिड कारों की तरफ भी ग्राहकों का रुझान बढ़ रहा है. हाइब्रिड कारों में पेट्रोल इंजन के साथ इलेक्ट्रिक मोटर का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे शहर में बेहतर फ्यूल एफिशिएंसी हासिल करने में मदद मिलती है. ऐसे ग्राहक जो पूरी तरह इलेक्ट्रिक कार पर जाने के लिए अभी तैयार नहीं हैं, उनके लिए हाइब्रिड एक बीच का विकल्प बनकर सामने आया है.
- अगस्त 2026 के आंकड़ों से साफ है कि भारतीय कार बाजार में फ्यूल को लेकर ग्राहकों की सोच बदल रही है. पेट्रोल कारों की बिक्री अभी भी मजबूत है, लेकिन अब पेट्रोल अकेला डिफॉल्ट विकल्प नहीं रह गया है. CNG, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक कारें तेजी से अपनी जगह बना रही हैं. आने वाले समय में ग्राहक कार खरीदते वक्त सिर्फ कीमत, डिजाइन और फीचर्स ही नहीं, बल्कि माइलेज, रनिंग कॉस्ट, फ्यूल की कीमत और नई टेक्नोलॉजी को भी ज्यादा महत्व दे सकते हैं.
यह भी पढ़ें:-
Hyundai Creta खरीदने जा रहे हैं? जानें ऑफर में कितने की मिलेगी गाड़ी

क़मरजहां एबीपी न्यूज़ में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रही हैं और वर्तमान में ऑटोमोबाइल सेक्शन में कार्यरत हैं. इन्हें पत्रकारिता जगत में 5 साल का अनुभव है और पिछले 4 सालों से ABP Live.com का हिस्सा हैं. क़मरजहां नेशनल, टेक्नोलॉजी, एंटरटेनमेंट, राजनीति, चुनाव और अलग-अलग राज्यों से जुड़े सेक्शन में काम कर चुकी हैं. कौन-सी स्टोरीज ऑडियंस को अच्छे से कनेक्ट कर पाएंगी, इस हुनर से बखूबी वाकिफ हैं. ट्रेंड्स के साथ ही इन्हें SEO की जानकारी भी है. क़मरजहां ने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई Jamia Millia Islamia से पूरी की है.
Read More
Published at : 07 Sep 2026 01:20 PM (IST)
Breaking News, Anytime, Anywhere - Download ABPLIVE on Android and iOS now!
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
वीडियोज




