छत्तीसगढ़ में मानसून के अनूठे रंग : सरगुजा संभाग का कुसमी लबालब,वहीं दरिमा पड़ा है सूखा
जून के तीसरे सप्ताह में प्रदेश में दस्तक देने वाले दक्षिण-पश्चिम मानसून ने तहसीलों में अलग-अलग रंग दिखाया है।
- Published: 07 Sep 2026, 10:34 AM IST
- Last Updated: 07 Sep 2026, 11:11 AM IST
रायपुर। जून के तीसरे सप्ताह में प्रदेश में दस्तक देने वाले दक्षिण-पश्चिम मानसून ने तहसीलों में अलग-अलग रंग दिखाया है। किसी इलाके में बादल दिल खोलकर बरसे तो कहीं इनकी बेरुखी से सूखे का संकट गहराने लगा है। राज्य में सर्वाधिक बारिश बलरामपुर जिले के कुसमी में 2563 मिमी. दर्ज की गई। वहीं सरगुजा के दरिमा में सबसे कम 367 मिमी. बरसात हुई है। जून, जुलाई और अगस्त की बारिश से कई तहसील लबालब हो चुके हैं तो कई क्षेत्र ऐसे हैं, जहां के रहवासियों को बादलों ने एक तरह के निराश कर दिया है।
छत्तीसगढ़ में रेनी सीजन जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर यानी चार माह का होता है। इसमें तीन माह बीत चुके हैं, जिससे जिलों में इस साल होने वाली वर्षा की स्थिति 75 फीसदी स्पष्ट हो चुकी है। मौसम विशेषज्ञों के अनुमान के विपरीत इस बार मानसून ने छत्तीसगढ़ में जोरदार असर दिखाया। हालांकि तहसीलवार इस पर गौर करें तो मानसून के अलग-अलग रंग नजर आते हैं। किसी इलाके में बादलों ने अपना जमकर प्रभाव दिखाया है तो कहीं तीन महीने में उनका डेरा बेहद कम रहा है। बारिश के मामले इस बार बलरामपुर का दबदबा काफी रहा और वहां हमेशा की तरह सरगुजा जिले के तहसीलों से बादल रूठे से रहे।
इन तहसीलों में ज्यादा पानी
आंकड़ों पर गौर करें तो बलरामपुर जिले का कुसमी क्षेत्र प्रदेशभर में बारिश के मामले में सबसे आगे रहा, जहां तीन महीनों में रिकॉर्ड 2563.1 मिमी बारिश दर्ज की गई। दूसरे स्थान पर दंतेवाड़ा जिले का बचेली 2047.6 मिमी वर्षा के साथ रहा। इसके अलावा सर्वाधिक बारिश वाले क्षेत्रों में बीजापुर 1484.3, सूरजपुर का ओड़गी 1438.2, नारायणपुर का छोटेडोंगर 1428.0 और रायपुर (सिटी) 1379.9 मिमी के साथ भारी वर्षा वाले प्रमुख क्षेत्र रहे।
क्षेत्र की दूरी कम, मगर बारिश का अंतर ज्यादा
एक दिलचस्प पहलू यह भी रहा कि दो क्षेत्रों के बीच की दूरी कम रही, मगर वहां बारिश का अंतर काफी ज्यादा रहा। सरगुजा जिले के अंबिकापुर में 1169.3 मिमी बारिश हुई, जबकि वहीं के दरिमा क्षेत्र में यह आंकड़ा महज 367.2 मिमी पर सिमट गया। दोनों शहरों के बीच की दूरी महज 19 किमी है। इसी तरह 43 किलोमीटर के फासले वाले सुकमा में जहां 1339.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई, वहीं तोंगपाल में केवल 424.7 मिमी बारिश हुई। इसी तरह 20 किमी. की दूरी वाले अभनपुर में 670.6 मिमी तथा रायपुर (सिटी) में 1379.9 मिमी वर्षा हुई।
इन जिलों में कम बारिश
इसी तरह बारिश की बेरुखी का सबसे ज्यादा असर सरगुजा जिले के दरिमा में देखने को मिला। यहां जून, जुलाई, अगस्त में सबसे कम 367.2 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा बेमेतरा जिले के नवागढ़ में मात्र 382.0 मिमी वर्षा, जशपुर के तपकरा में 407, कबीरधाम के सहसपुर लोहारा में 421.4 मिमी और सुकमा के तोंगपाल में 424.7 मिमी बारिश हुई है।
तहसीलवार बारिश के आंकड़े
| क्षेत्र | कम | ज्यादा वर्षा (मिमी.) |
| कांकेर | पखांजूर 640.1 | अंतागढ़ 1033.6 |
| कबीरधाम | सहसपुर लोहारा 421.4 | कुकदूर 864.9 |
| कोरबा | हरदीबाजार 741.0 | कोरबा 1331.5 |
| दंतेवाड़ा | कटेकल्याण 803.6 | बड़े बचेली 2047.6 |
| दुर्ग | धमधा 483 | दुर्ग 867.3 |
| बलौदाबाजार | सोनाखान 748.5 | गिधौरी टुंड्रा 1132.0 |
| बस्तर | भानपुरी 581.6 | बस्तर 1012.9 |
| बिलासपुर | कोटा 750.4 | बिलासपुर 1130.6 |
| बेमेतरा | नवागढ़ 382.0 | बेरला 631.8 |
| राजनांदगांव | घुमका 484.5 | राजनांदगांव 910.0 |
| रायपुर | अभनपुर 670.6 | रायपुर शहर 1379.9 |
| सरगुजा | दरिमा 367.2 | अंबिकापुर 1169.3 |
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