इस्राइल में अमेरिकी राजदूत माइक हकबी ने शनिवार को कब्जे वाले वेस्ट बैंक में इस्राइली सेटलर्स की हिंसा की एक बार फिर कड़ी निंदा की। महीनों से हमलों का सामना कर रहे फलस्तीनी-अमेरिकी निवासियों से मुलाकात के दौरान उन्होंने सेटलर्स की इन गतिविधियों को 'आतंक का कृत्य' बताया। हकबी ने हिंसा में शामिल सेटलर्स के लिए 'आतंकवादी' शब्द का इस्तेमाल किया, जो अमेरिकी अधिकारी आमतौर पर फलस्तीनी उग्रवादियों के लिए करते हैं।
'यह सिर्फ अपराध नहीं, आतंक का कृत्य है'
तुर्मुस अय्या गांव के दौरे के दौरान हकबी ने कहा, 'अगर कोई घुसपैठिया आकर अपना झंडा लगाता है और ऐसी जमीन या संपत्ति पर कब्जा करता है, जो उसकी नहीं है, अगर वह कार जलाता है, मस्जिद में आग लगाता है, किसी के घर में घुसकर तोड़फोड़ करता है या दीवारों पर आपत्तिजनक बातें लिखता है, तो यह आपराधिक कृत्य है। लेकिन यह सिर्फ अपराध तक सीमित नहीं है। यह आतंक का कृत्य है।' तुर्मुस अय्या गांव में पिछले एक साल के दौरान इस्राइली सेटलर्स की ओर से कई बार हमले किए जाने की खबरें सामने आई हैं।
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7 अक्टूबर के बाद वेस्ट बैंक में बढ़ी हिंसा
संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के कार्यालय के मुताबिक, 7 अक्टूबर 2023 को दक्षिणी इस्राइल पर हमास के नेतृत्व में हुए हमले के बाद गाजा में शुरू हुए युद्ध के दौरान वेस्ट बैंक में बसने वालों की हिंसा में भी तेजी आई है। हकबी ने पिछले महीने वेस्ट बैंक के कुसरा शहर में कई हफ्तों तक चली अशांति के बाद भी हिंसा में शामिल बसने वालों के लिए 'आतंकवादी' शब्द का इस्तेमाल किया था। उस दौरान बसने वालों ने कई घरों को घेर लिया था। इनमें एक फलस्तीनी-अमेरिकी परिवार का घर भी शामिल था।
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'हकबी, आतंकवादियों की ओर से शुभकामनाएं'
कुसरा की घटना के कुछ दिन बाद वेस्ट बैंक के बाजर्रिया गांव के निवासियों ने आरोप लगाया था कि बसने वालों ने एक मस्जिद में आग लगा दी। इसके बाद मस्जिद की दीवार पर हिब्रू भाषा में एक संदेश लिखा गया- 'हकबी, आतंकवादियों की ओर से शुभकामनाएं।' शनिवार को जब हकबी से इस घटना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'मुझे खुशी है कि उन्होंने इसे स्वीकार किया।'
मुझे नहीं लगता कि उनका इरादा ऐसा करने का था, लेकिन मेरा मानना है कि वे एक बहुत छोटे अल्पसंख्यक वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं।'
नेतन्याहू ने भी 'मुट्ठी भर दंगाइयों' की कार्रवाई की निंदा की
इससे एक सप्ताह पहले इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 'मुट्ठी भर दंगाइयों' की हरकतों की निंदा की थी। इस्राइल के विदेश मंत्रालय ने भी सेटलर्स की गतिविधियों को 'शर्मनाक' बताया था। हालांकि, नेतन्याहू की मौजूदा सरकार को इस्राइल के इतिहास की सबसे अधिक अति-राष्ट्रवादी और धार्मिक सरकार माना जाता है। उसके कार्यकाल में वेस्ट बैंक में इस्राइली बस्तियों के निर्माण में तेजी आई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय का बड़ा हिस्सा इन बस्तियों को अवैध मानता है।
अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर हकबी ने जताई चिंता
शनिवार को तुर्मुस अय्या पहुंचे हकबी ने शुरुआत में स्पष्ट किया कि उनकी यात्रा का एक मकसद वेस्ट बैंक में रहने वाले अमेरिकी नागरिकों से मिलना है। ये लोग वेस्ट बैंक में रहने वाले करीब 30 लाख फलिस्तीनियों की आबादी का एक छोटा हिस्सा हैं, लेकिन तुर्मुस अय्या की आबादी में उनका महत्वपूर्ण हिस्सा है। हकबी ने कहा, 'मुझे अच्छी तरह पता है कि तुर्मुस अय्या और इस इलाके के दूसरे समुदायों में रहने वाले बहुत से अमेरिकी लोग वैसी जिंदगी नहीं जी पा रहे हैं, जिसके वे हकदार हैं। वे शांतिपूर्ण जीवन नहीं जी पा रहे हैं।'ऐसे लोगों की वजह से उनकी जिंदगी प्रभावित हो रही है, जिन्होंने बड़ी चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। ये चुनौतियां अनुचित और गैर-कानूनी हैं।'
अमेरिकी दूतावास नहीं कर सकता जांच
हकबी ने कहा कि अमेरिकी दूतावास आपराधिक गतिविधियों की जांच नहीं कर सकता। हालांकि, वह इस्राइली सरकार को यह स्पष्ट कर सकता है कि कुछ मामलों पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है। कुछ जरूरतें हैं जिन पर ध्यान दिया जाना चाहिए, कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कुछ खास अपराध और आतंकी गतिविधियां ऐसी हैं, जो जारी नहीं रह सकतीं। संबंधित देश को उनकी जांच करनी चाहिए और कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। ऐसी कार्रवाई की उम्मीद करना हर व्यक्ति का अधिकार है।'
10 फलस्तीनी-अमेरिकी निवासियों से मिले हकबी
नगरपालिका ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि हकबी ने करीब 10 फलस्तीनी-अमेरिकी निवासियों से मुलाकात की। इन लोगों ने उन्हें बताया कि बसने वालों की हिंसा ने उनकी जिंदगी और संपत्ति को किस तरह प्रभावित किया है।
1967 के युद्ध के बाद इस्राइल ने वेस्ट बैंक पर किया कब्जा
इस्राइल ने 1967 के मध्य-पूर्व युद्ध के दौरान वेस्ट बैंक के साथ-साथ गाजा और पूर्वी यरुशलम पर भी कब्जा कर लिया था। फलस्तीनी इन क्षेत्रों को अपने भविष्य के स्वतंत्र देश का हिस्सा बनाना चाहते हैं। संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का बड़ा हिस्सा इन क्षेत्रों को कब्जे वाले इलाके मानता है। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत इस्राइली बस्तियों को अवैध माना जाता है।
वेस्ट बैंक में करीब 150 इस्राइली बस्तियां
1967 के बाद से इस्राइली सरकार ने वेस्ट बैंक में करीब 150 बस्तियां स्थापित की हैं। इनमें 5 लाख से अधिक यहूदी बसने वाले रहते हैं। इनमें से कई बस्तियां अब विकसित उपनगरों जैसी दिखाई देती हैं।
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बसने वालों की हिंसा पर सेना की भूमिका को लेकर सवाल
इस्राइली सेना वेस्ट बैंक के लगभग सभी हिस्सों में अभियान चलाती है। हालांकि, मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि सेना अक्सर बसने वालों की हिंसा को नजरअंदाज कर देती है। सेटलर्स इस्राइली नागरिक हैं। इस्राइल के रक्षा मंत्री ने हाल ही में एक योजना की घोषणा की है, जिसके तहत बसने वालों के बीच कानून-व्यवस्था बनाए रखने की पूरी जिम्मेदारी इस्राइली पुलिस को सौंपने की तैयारी है।