अधिग्रहित नहीं होगी पिरदा गांव की जमीन : विधायक अनुज शर्मा की पहल पर मंत्री ओपी चौधरी ने दिया आश्वासन
पिरदा गांव की जमीन RDA को नहीं दी जाएगी। विधायक अनुज शर्मा के नेतृत्व में ग्रामीणों की मांग पर मंत्री ओपी चौधरी ने आवासीय प्रोजेक्ट नहीं लाने का आश्वासन दिया।
विधायक अनुज शर्मा ने मंत्री ओपी चौधरी से की मुलाकात
- Published: 01 Sep 2026, 06:56 PM IST
- Last Updated: 01 Sep 2026, 06:58 PM IST
रायपुर। रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) की प्रस्तावित आवासीय कॉलोनी को लेकर पिरदा गांव के किसानों और ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। पिरदा गांव की जमीन का सरकार द्वारा अधिग्रहण नहीं किया जाएगा। विधायक अनुज शर्मा के नेतृत्व में ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में वित्त एवं आवास मंत्री ओपी चौधरी से मुलाकात की। इस दौरान मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि ग्रामीण अपनी जमीन पर आवासीय प्रोजेक्ट नहीं चाहते हैं, तो सरकार उनकी इच्छा के खिलाफ कोई परियोजना नहीं लाएगी।
कौशल्या विहार के लिए चिन्हांकित हुई थी जमीन
दरअसल, रायपुर विकास प्राधिकरण ने पूर्व नियोजित प्लान के तहत पिरदा गांव की जमीन को कौशल्या विहार कॉलोनी के विस्तार के लिए चिन्हांकित किया था। इसकी जानकारी सामने आने के बाद गांव के किसानों और ग्रामीणों में जमीन अधिग्रहण को लेकर चिंता बढ़ गई थी। ग्रामीणों का कहना था कि वे अपनी कृषि भूमि पर खेती कर अपनी आजीविका चला रहे हैं। वहीं करीब 20 प्रतिशत ग्रामीणों के मकान भी इसी क्षेत्र में स्थित हैं। ऐसे में ग्रामीण अपनी जमीन RDA को देने के लिए तैयार नहीं थे।
ग्राम सभा में ग्रामीणों ने रखी थी अपनी बात
जमीन अधिग्रहण की आशंका को लेकर ग्रामीणों ने ग्राम सभा आयोजित कर अपनी आपत्ति दर्ज कराई और विधायक अनुज शर्मा को अपनी मांग से अवगत कराया। इसके बाद विधायक अनुज शर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात कर पिरदा के ग्रामीणों की स्थिति और उनकी मांग से उन्हें अवगत कराया। विधायक ने मुख्यमंत्री को बताया कि ग्रामीण अपनी कृषि भूमि पर खेती कर रहे हैं और वे अपनी जमीन पर आवासीय परियोजना नहीं चाहते। ग्रामीणों की भावनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वित्त एवं आवास मंत्री ओपी चौधरी से मोबाइल पर चर्चा कर ग्रामीणों का पक्ष सुनने के निर्देश दिए।

मंत्री ओपी चौधरी ने दिया स्पष्ट आश्वासन
इसी क्रम में मंगलवार को विधायक अनुज शर्मा के नेतृत्व में स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि और प्रभावित ग्रामीण मंत्री ओपी चौधरी से मिलने मंत्रालय पहुंचे। बैठक में ग्रामीणों ने अपनी बात रखी। मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि विधायक अनुज शर्मा ने उन्हें पिरदा गांव की वास्तविक स्थिति और ग्रामीणों की भावनाओं से अवगत कराया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि ग्रामीण अपने गांव में आवासीय प्रोजेक्ट नहीं चाहते हैं तो सरकार उनकी इच्छा के खिलाफ कोई परियोजना नहीं लाएगी। मंत्री ने यह भी कहा कि पिरदा गांव की जमीन RDA द्वारा नहीं ली जाएगी और इस संबंध में RDA को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।
किसानों ने जताया मुख्यमंत्री और नेताओं का आभार
मंत्री ओपी चौधरी के इस आश्वासन के बाद पिरदा के ग्रामीणों ने राहत जताई। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, वित्त एवं आवास मंत्री ओपी चौधरी और विधायक अनुज शर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया। मंत्रालय के द्वार क्रमांक-4 पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि विधायक अनुज शर्मा ने उनकी जमीन और हितों के लिए उनके साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया था, जिसे उन्होंने पूरा किया है। ग्रामीणों के मुताबिक, RDA की प्रस्तावित परियोजना को लेकर उनकी चिंता अब दूर हो गई है।
किसानों की जमीन और आजीविका को प्राथमिकता
पिरदा गांव के किसानों का कहना है कि उनकी जमीन केवल संपत्ति नहीं, बल्कि उनके परिवारों की आजीविका का मुख्य आधार है। ऐसे में जमीन अधिग्रहण की आशंका को लेकर ग्रामीण चिंतित थे। सरकार की ओर से मिले आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने इसे किसान हित में महत्वपूर्ण निर्णय बताया है।
ये वरिष्ठ लोग रहे उपस्थित
इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष संदीप यदु, मंडल अध्यक्ष सुनील शर्मा सहित जनपद सदस्य, सरपंच, पंच और प्रभावित किसान मौजूद रहे।
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