दुनियाभर के मराठी समाज को जोड़ेगा महा-एनआरआई कनेक्ट, सरकार बोली- केवल संपर्क नहीं, बनेगा स्थायी रिश्ता
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Written By:
आलोक उमाकृष्ण
Updated On: Jul 13, 2026 | 03:30 PM IST
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सार
MAHA NRI Connect Global: मंत्री जयकुमार रावल ने 'महा-एनआरआई कनेक्ट' प्लेटफॉर्म की घोषणा की। इससे दुनियाभर के मराठी समाज को जोड़कर निवेश, तकनीक और वैश्विक अनुभव का लाभ महाराष्ट्र को मिलेगा।

मीटिंग के दौरान मंत्री जयकुमार रावल (फोटो नवभारत)
विस्तार
MAHA NRI Connect Global Marathi Community: दुनियाभर में फैले मराठी समाज की ताकत को महाराष्ट्र के विकास से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राजशिष्टाचार एवं विपणन मंत्री जयकुमार रावल ने घोषणा की कि ‘महा-एनआरआई कनेक्ट’ डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए वैश्विक मराठी समाज को एक मंच पर लाया जाएगा।
इससे निवेश, तकनीक, नवाचार, ज्ञान और वैश्विक अनुभव का लाभ सीधे महाराष्ट्र को मिलेगा। उन्होंने कहा कि दुनिया के कोने-कोने में बसे मराठी समाज के साथ सरकार केवल औपचारिक संपर्क नहीं रखेगी, बल्कि दीर्घकालीन और संस्थागत संबंध स्थापित करेगी।
डायस्पोरा अफेयर्स एंड आउटरीच
सह्याद्री राज्य अतिथि गृह में आयोजित ‘मध्यपूर्व एवं अफ्रीका डायस्पोरा आउटरीच’ ऑनलाइन संवाद सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में रावल ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की दूरदृष्टि के अनुरूप अब राजशिष्टाचार विभाग को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) तथा डायस्पोरा अफेयर्स एंड आउटरीच जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
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उन्होंने कहा कि उद्योग, व्यापार, शिक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अनुसंधान और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में वैश्विक पहचान बना चुके मराठी नागरिक महाराष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी हैं।
प्रवासी मराठियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
मध्यपूर्व में मौजूदा तनावपूर्ण हालात का उल्लेख करते हुए रावल ने कहा कि राज्य सरकार विदेशों में रह रहे मराठी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने सभी प्रवासियों से स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की।
संकट के समय 1,200 भारतीयों को सुरक्षित स्वदेश पहुंचाने में अहम भूमिका निभाने वाले ‘इंडियन पीपल्स फोरम महा हेल्पलाइन’ के स्वयंसेवकों की भी उन्होंने सराहना की। वहीं अफ्रीकी देशों में इबोला जैसे संक्रामक रोगों के खतरे को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी।
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ज्ञान की साझेदारी से विकास को मिलेगी गति
रावल ने कहा कि महाराष्ट्र में बुनियादी ढांचा, हरित ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, पर्यटन, कृषि और स्टार्टअप क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहे हैं। ऐसे में ‘महा-एनआरआई कनेक्ट’ केवल निवेश का माध्यम नहीं, बल्कि ‘ज्ञान की साझेदारी’ का भी मजबूत प्लेटफॉर्म बनेगा। उन्होंने बताया कि पिछले सप्ताह अमेरिका में बसे मराठी समाज से संवाद के बाद अब मध्यपूर्व और अफ्रीका के प्रतिनिधियों से चर्चा की गई है।
यह अभियान नियमित रूप से जारी रहेगा, ताकि दुनियाभर के मराठी समाज की भागीदारी से महाराष्ट्र को वैश्विक अवसरों का अधिकतम लाभ मिल सके। सम्मेलन में यूएई, सऊदी अरब, कतर, ओमान, बहरीन, कुवैत, दक्षिण अफ्रीका, केन्या, नाइजीरिया और युगांडा सहित कई देशों के महाराष्ट्र मंडलों के प्रतिनिधियों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए अपने सुझाव सरकार के समक्ष रखे।
