Telangana News: आम तौर पर, अगर बारिश नहीं होती है, तो गांवों में लोग देवी-देवताओं की पूजा करते नजर आते हैं, लेकिन तेलंगाना के एक गांव में बारिश न होने के कारण, ग्रामीणों ने अचानक तीन महीने पहले दफनाए गए शव को बाहर निकाल लिया और फिर जला दिया. राज्य के नगर कुरनूल जिले में ये घटना घटी. शव को गांव में अच्छी बारिश होने के अंधविश्वास में जलाया गया.
गांव वालों ने माना कि शव को जलाने से अच्छी बरसात होगी. जानकारी के अनुसार, जिले के पादरा मंडल के कोडोनिपल्ली गांव के निवासी अंजनेयुलु हैदराबाद में राजमिस्त्री का काम करते थे. अंजनेयुलु का विवाह हो चुका था, लेकिन वो अकेले रहते थे. तीन महीने पहले एलबी नगर के पास एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए. घायल होने के कारण अंजनेयुलु की मृत्यु हो गई.
ग्रामीणों को क्या लगा?
पोस्टमार्टम के बाद, अंजनेयुलु के शव को अपने पैतृक गांव कोडोनिपल्ली ले आया गया. फिर परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों ने आधी रात को गांव के पास शव को दफना दिया. इधर गांव में बरसात कम हो गई. इस पर ग्रामीणों को लगा कि चूंकि, अंजनेयुलु के परिवार ने उनका परंपरा के अनुसार अंतिम संस्कार नहीं किया था, इसलिए बरसात कम हो गई है और अगर उनके शव को बाहर निकालकर जला दिया जाए तो गांव में अच्छी बारिश होगी.
घटना के बाद छिड़ी हुई है बहस
इसी अंधविश्वास में पहले जेसीबी की मदद से तीन महीने पहले दफनाए गए शव को निकलवाया गया. फिर पेट्रोल डालकर जला दिया गया. हालांकि, इस घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर तीखी बहस छिड़ी हुई है. बारिश और प्राकृतिक परिस्थितियों तथा शव के दाह संस्कार के बीच संबंध को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
तीन महीने पहले दफनाए गए शव को अंधविश्वास के चलते कब्र से निकालकर जला देने को अच्छा नहीं माना जा रहा है. अब देखना दिलचस्प होगा कि इस घटना पर अधिकारी क्या प्रतिक्रिया देते हैं? फिलहाल इस घटना ने गांव में काफी हंगामा मचा रखा है.
ये भी पढ़ें: दिल्ली से पटना आ रही एअर इंडिया फ्लाइट पक्षी से टकराई, 164 यात्री थे सवार

वरुण कुमार
वरुण कुमार पिछले पांच वर्षों से पत्रकारिता जगत का हिस्सा हैं. साल 2021 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद प्रभासाक्षी न्यूज वेबसाइट से पत्रकारिता की शुरुआत की और फिर एबीपी न्यूज का हिस्सा बने. अब TV9 डिजिटल की धर्म टीम के साथ काम कर रहे हैं.
Read More